क्रिसमस का तारा
"यदि आपको वह तारा मिल जाए, तो आप हमेशा अपने घर का रास्ता खोज सकते हैं।" ये मेरे पिता के शब्द थे जब उन्होंने मुझे बचपन में उत्तर तारा(North Star) का पता लगाना सिखाया था। पिताजी ने युद्ध के दौरान सशस्त्र बलों में सेवा की थी, और ऐसे क्षण भी आए जब उनका जीवन रात के आकाश को देख अपना रास्ता ढूंढ़ने पर निर्भर था। इसलिए उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मुझे कई नक्षत्रों के नाम और स्थान मालूम हों, लेकिन पोलारिस(Polaris/Pole Star/North Star) को ढूंढने में सक्षम होना सबसे अधिक महत्वपूर्ण था। उसके स्थान को जानने का मतलब था कि मैं जहां भी था दिशा का ज्ञान प्राप्त कर सकता था और यह जान सकता था कि मुझे कहां होना चाहिए था।
पवित्रशास्त्र एक और अत्यंत महत्वपूर्ण तारे के बारे में बताता है। “पूर्व के ज्योतिषी,” विद्वान लोग (वर्तमान के ईरान और इराक से घिरे क्षेत्र से) उस व्यक्ति के जन्म के संकेतों को आकाश में देख रहे थे जो अपने लोगों के लिए परमेश्वर का राजा बनने वाला था। वे यह पूछते हुए यरूशलेम आए “यहूदियों का राजा जिसका जन्म हुआ है, कहाँ है? क्योंकि हमने पूर्व में उसका तारा देखा है और उसको प्रणाम करने आए हैं” (मत्ती 2:1-2)।
खगोलशास्त्रियों को यह पता नहीं कि बेथलहम का तारा क्यों प्रकट हुआ, लेकिन बाइबल बताती है कि परमेश्वर ने इसे दुनिया को यीशु—“भोर का चमकता हुआ तारा” (प्रकाशितवाक्य 22:16) की ओर इंगित करने के लिए बनाया था। मसीह हमें हमारे पापों से बचाने और हमें वापस परमेश्वर की ओर मार्गदर्शन करने के लिए आया। उसका अनुसरण करें, और आपको आपके घर का रास्ता मिल जाएगा।
—जेम्स बैंक्स
यीशु में संगती
मुझे नहीं पता कि रविवार की सुबह की सेवा के बाद लाइट बंद करने और चर्च को बंद करने के लिए कौन जिम्मेदार है, लेकिन मैं उस व्यक्ति के बारे में एक बात जानता हूँ: रविवार का खाना देरी से होने वाला है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बहुत से लोग चर्च के बाद समय बिताना पसंद करते हैं, और जीवन के फैसलों, दिल की समस्याओं और संघर्षों और बहुत कुछ के बारे में बात करते हैं। आराधना के बीस मिनट बाद चारों ओर देखना और इतने सारे लोगों को एक-दूसरे की संगति का आनंद लेते देखना एक खुशी की बात है। संगति मसीह के समान जीवन का एक महत्वपूर्ण घटक है। साथी विश्वासियों के साथ समय बिताने से मिलने वाली कनेक्टिविटी के बिना, हम विश्वासी होने के कई लाभों से वंचित रह जाएँगे।
संगति मसीह-सदृश जीवन का एक प्रमुख भाग है। साथी विश्वासियों के साथ समय बिताने से मिलने वाली कनेक्टिविटी के बिना, हम विश्वासी होने के कई लाभों से वंचित रह जाएँगे।
उदाहरण के लिए, पौलुस कहता है कि हम “एक दूसरे को शान्ति [दे सकते हैं] और एक दूसरे की उन्नति का कारण” बन सकते हैं (1 थिस्सलुनीकियों 5:11)। इब्रानियों का लेखक इस बात से सहमत है कि हमें इकट्ठा होने में लापरवाही नहीं करना चाहिए, क्योंकि हमें "एक दूसरे को समझाते” रहना चाहिए (10:25)। और लेखक यह भी कहता है कि जब हम एक साथ होते हैं, तो हम “भले कामों में उस्काने के लिये एक दूसरे की चिन्ता” करते हैं (पद.24)।
यीशु के लिए जीने के लिए समर्पित लोगों के रूप में, हम खुद को विश्वासयोग्यता और सेवा के लिए तैयार करते हैं जब हम “निरुत्साहित को प्रोत्साहित” करते और “सब की ओर सहनशीलता” दिखाते हैं। (1 थिस्सलुनीकियों 5:14)। उस तरह से जीने से, हमें सच्ची संगति का आनंद लेने में और "आपस में और सब से भी भलाई करने में” (पद.15) मदद करता हैं।
—डेव ब्रैनन

दीवारें दीवारें ढह गईं, एकता मिली
1961 से ही बर्लिन की दीवार ने परिवारों और दोस्तों को अलग कर दिया था। उस साल पूर्वी जर्मन सरकार द्वारा बनाई गई इस दीवार ने अपने नागरिकों को पश्चिम जर्मनी भागने से रोक दिया था। वास्तव में, 1949 से लेकर जिस दिन यह संरचना बनाई गई थी, अनुमान है कि 2.5 मिलियन से अधिक पूर्वी जर्मन पश्चिम की ओर भाग गए थे। 1987 में अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन दीवार के पास खड़े थे और उन्होंने प्रसिद्ध रूप से कहा, "इस दीवार को गिरा दो।" उनके शब्दों में परिवर्तन की लहर दिखाई दे रही थी, जिसका समापन 1989 में दीवार के ढहने के साथ हुआ - जिसके परिणामस्वरूप जर्मनी का हर्षोल्लासपूर्ण पुनर्मिलन हुआ।
इफिसियों 2:14 में, पौलुस ने यीशु द्वारा गिराई गई “शत्रुता की दीवार” के बारे में लिखा। यह दीवार यहूदियों (परमेश्वर के चुने हुए लोग) और अन्यजातियों (अन्य सभी लोगों) के बीच मौजूद थी। और इसका प्रतीक यरूशलेम में हेरोदेस महान द्वारा बनाए गए प्राचीन धार्मिक स्थान में विभाजनकारी दीवार (सोरेग/soreg ) थी। इसने अन्यजातियों को धार्मिक स्थान के बाहरी आँगन से आगे प्रवेश करने से रोक दिया, हालाँकि वे आंतरिक आँगन को देख सकते थे। लेकिन यीशु ने यहूदियों और अन्यजातियों के बीच और परमेश्वर और सभी लोगों के बीच “शांति” और मेल-मिलाप लाया। उसने ऐसा “उस दीवार को तोड़कर” किया जो हमें अलग करती थी” “क्रूस पर अपनी मृत्यु” ( पद 14, 16 ) के द्वारा। “शांति के शुभ समाचार” ने सभी के लिए मसीह में विश्वास के द्वारा एकजुट होना संभव बनाया ( पद 17–18 )। आज, कई चीजें हमें विभाजित कर सकती हैं। जैसे परमेश्वर हमें वह प्रदान करता है जिसकी हमें आवश्यकता है, वैसे ही आइए हम यीशु में पाई जाने वाली शांति और एकता को जीने का प्रयास करें (पद 19-22)।
—टॉम फेल्टेन
आशा की किरण
मेरी माँ का चमकीला लाल क्रॉस, कैंसर केयर सेंटर में उनके बिस्तर के बगल में लटका होना चाहिए था। और मुझे उनके निर्धारित उपचारों के बीच छुट्टियों के दौरे की तैयारी करनी चाहिए थी। मैं क्रिसमस पर बस यही चाहता था कि मेरी माँ के साथ एक और दिन बिताऊँ। इसके बजाय, मैं घर पर था... एक नकली पेड़ पर उनका क्रॉस लटका रहा था।
जब मेरे बेटे जेवियर ने लाइटें लगाईं, तो मैंने धीरे से कहा, "धन्यवाद।" उसने कहा, " कोई बात नहीं।" मेरे बेटे को नहीं पता था कि टिमटिमाते बल्बों का उपयोग करके मेरी आँखों को आशा की चिरस्थायी रोशनी—यीशु—की ओर मोड़ने के लिए मैं परमेश्वर को धन्यवाद दे रहा था ।
भजन संहिता 42 के लेखक ने परमेश्वर के प्रति अपनी वास्तविक भावनाओं को व्यक्त किया (पद.1-4) पाठकों को प्रोत्साहित करने से पहले उन्होंने अपनी “निराश” और “अशांत” आत्मा को स्वीकार किया: “ परमेश्वर पर आशा लगाए रह; क्योंकि मैं उसके दर्शन से उद्धार पाकर फिर उसका धन्यवाद करूंगा।” (पद 5)। हालाँकि वह दुःख और पीड़ा की लहरों से अभिभूत था, लेकिन भजनकार की आशा परमेश्वर की पिछली वफ़ादारी की याद के माध्यम से चमक उठी ( पद 6-10)। उन्होंने अपने संदेहों पर सवाल उठाते हुए और अपने परिष्कृत विश्वास की सामर्थ्य; की पुष्टि करते हुए समाप्त किया: “हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा। ” ( पद 11)।
हममें से कई लोगों के लिए, क्रिसमस का मौसम खुशी और दुख दोनों को जगाता है। शुक्र है, इन मिश्रित भावनाओं को भी आशा के सच्चे प्रकाश-यीशु के वादों के माध्यम से समेटा (मेल-मिलाप कराना) और छुड़ाया जा सकता है ।
—सोचिल डिक्सन
क्षमा और भूलना
जिल प्राइस हाइपरथाइमेसिया की स्थिति के साथ पैदा हुई थी: अतीत में उसके साथ हुई हर घटना को असाधारण विस्तार से याद रखने की क्षमता। वह अपने दिमाग में अपने जीवनकाल में हुई किसी भी घटना की सटीक घटना को दोहरा सकती है।
टीवी शो अनफॉरगेटेबल, हाइपरथाइमेसिया से पीड़ित एक महिला पुलिस अधिकारी पर आधारित था - जो उसे सामान्य ज्ञान के खेल और अपराधों को सुलझाने में बहुत मदद करता है। हालाँकि, जिल प्राइस के लिए यह स्थिति इतनी मज़ेदार नहीं है। वह जीवन के उन पलों को नहीं भूल सकती जब उसकी आलोचना की गई थी, नुकसान का अनुभव किया था, या उसने कुछ ऐसा किया था जिसका उसे बहुत पछतावा था। वह अपने दिमाग में उन दृश्यों को बार-बार दोहराती है।
हमारा परमेश्वर सर्वज्ञानी है (संभवतः एक प्रकार का ईश्वरीय हाइपरथिमेसिया) : बाइबल हमें बताती है कि उसके समझ की कोई सीमा नहीं है। और फिर भी हम यशायाह में एक अत्यंत आश्वस्त करने वाली बात पाते हैं : "मैं वही हूँ जो . . . तेरे अपराधों को मिटा देता हूँ और तेरे पापों को स्मरण न करूँगा। इब्रानियों की पुस्तक इसको पुष्ट करता है: “हम यीशु मसीह . . . के द्वारा पवित्र किए गए हैं . . . [और हमारे] . . . पापों को और . . . अधर्म के कामों को [परमेश्वर] फिर कभी स्मरण न [करेगा]” (इब्रानियों 10:10, 17)।
जब हम अपने पापों को परमेश्वर के सामने स्वीकार करते हैं, हम उन्हें अपने मन में बार-बार दोहराना बंद कर सकते हैं। हमें उन्हें भूलना चाहिए, जैसा वह करता है: “अब बीती हुई घटनाओं का स्मरण मत करो, न प्राचीनकाल की बातों पर मन लगाओ” (यशायाह 43:18) l अपने अपार प्रेम में, परमेश्वर हमारे विरुद्ध हमारे पापों को याद नहीं रखना चाहता। आइए इसे याद रखें।
—केनेथ पीटरसन