श्रेणी  |  odb

निशान/दाग़ से सीखना

फेय ने अपने पेट पर के निशान को छुआ। पेट के कैंसर को हटाने के लिए उसे एक और सर्जरी करवाना पड़ा था। इस बार डॉक्टरों ने उसके पेट का कुछ हिस्सा निकाला और एक दांतेदार निशान छोड़ दिया जो उनके काम के दायरे को प्रकट किया। उसने अपने पति से कहा, “निशान या तो कैंसर के दर्द को या चंगाई के शुरुआत को प्रदर्शित करता हैं। मैं अपने घावों को चंगाई के चिन्ह के रूप में चुनती हूं।

 

याकूब को भी परमेश्वर के साथ पूरी रात मल्लयुद्ध करने के बाद इसी प्रकार के चुनाव का सामना करना पड़ा । दिव्य हमलावर ने याकूब के कूल्हे को सॉकेट(socket) से उखाड़ दिया, जिससे याकूब थक गया और ध्यान देने योग्य लंगड़ाता हुआ रह गया। महीनों बाद, जब याकूब ने अपने कोमल कमर का मालिश किया, तो मैं सोचता हूँ कि उसने किस चीज पर विचार किया?

 

क्या वह धोखे के वर्षों के लिए पछतावे से भरा था जिसने यह विनाशक युद्ध को मजबूर किया? दिव्य दूत ने उससे सत्य निकाल लिया था, और उसे तब तक आशीर्वाद देने से इनकार किया जब तक याकूब ने उसे स्वीकार नहीं किया कि वह कौन है। उसने यह स्वीकार किया कि वह याकूब था, "एड़ी पकड़ने वाला" (उत्पत्ति 25:26 देखें)। उसने लाभ प्राप्त करने के लिए अपने भाई एसाव और ससुर लाबान के साथ छल किया और उन्हें धोखा दिया। दिव्य मल्लयोद्धा ने कहा कि याकूब का नया नाम "इस्राएल होगा, क्योंकि तू परमेश्‍वर से और मनुष्यों से भी युद्ध करके प्रबल हुआ है।" (पद.28)।

 

याकूब का लंगड़ाना उसके धोखे के पुराने जीवन की मृत्यु और परमेश्वर के साथ उसके नए जीवन की शुरुआत को दर्शाता है। याकूब का अंत और इस्राएल का आरंभ। उसके लंगड़ाहट ने उसे परमेश्वर पर निर्भर होने के लिए प्रेरित किया, जो अब उसके अंदर और उसके द्वारा शक्तिशाली रूप से आगे बढ़ रहा था।

मेरा प्रभु निकट है

तीस से अधिक वर्षों तक, एक शिक्षक, लूर्डेस ने छात्रों को आमने-सामने पढ़ाया था। जब उनसे ऑनलाइन कक्षाएं आयोजित करने के लिए कहा गया तो वह चिंतित हो गईं। "मैं कंप्यूटर में अच्छी नहीं हूं," उसने दोबारा कहा। "मेरा लैपटॉप पुराना है, और मैं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफ़ॉर्म से परिचित नहीं हूँ।"

 

हालाँकि कुछ लोगों को यह एक छोटी सी बात लग सकती है, लेकिन यह उसके लिए वास्तव में एक तनावपूर्ण बात थी। उसने कहा, “मैं अकेली रहती हूँ, इसलिए मेरा मदद करने वाला कोई नहीं है।” “मुझे चिंता है कि मेरे छात्र छोड़ देंगे, और मुझे आय की आवश्यकता है।"

 

प्रत्येक कक्षा से पहले लूर्डेस प्रार्थना करती थी कि उसका लैपटॉप ठीक से काम करे। उसने कहा, मेरे स्क्रीन पर "फिलिप्पियों 4:5-6 वॉलपेपर था। मैं उन शब्दों से कितना जुड़ी रही।"

 

पौलुस हमें प्रोत्साहित करता है कि हम किसी भी बात की चिंता न करें, क्योंकि "प्रभु निकट है" (फिलिप्पियों 4:5)। परमेश्वर की उपस्थिति के वादे को हमें पकड़े रखना है। जब हम उसकी निकटता में आराम करते हैं और प्रार्थना में सब कुछ—बड़ा और छोटा दोनों—उसे सौंप देते हैं उसकी शांति हमारे "हृदय और . . . विचारों को मसीह यीशु में सुरक्षित . . . रखती है” (पद.7)।

 

लूर्डेस ने कहा, "परमेश्वर ने मुझे कंप्यूटर की गड़बड़ियाँ ठीक करने वाली वेबसाइटों तक पहुंचाया।" “उन्होंने मुझे ऐसे धैर्यवान छात्र भी दिए जो मेरी तकनीकी सीमाओं को समझते थे।” परमेश्वर की उपस्थिति, सहायता और शांति का आनंद लेना हमारे लिए आवश्यक है क्योंकि हम अपने जीवन के सभी दिनों में उसका अनुसरण करना चाहते हैं। हम विश्वास के साथ कह सकते हैं : “प्रभु में सदा आनन्दित रहो; मैं फिर कहता हूँ, आनन्दित रहो!” (पद.4)।

क्रिसमस दुविधा

डेविड और एंजी को लगा कि उन्हें विदेश जाने के लिए बुलाया गया है, और इसके बाद जो फलदायी सेवकाई हुयी वह उसकी पुष्टि करते हुए प्रतीत हुआ। लेकिन उनके इस कदम का एक नकारात्मक पहलू भी था। डेविड के बुजुर्ग माता-पिता अब क्रिसमस अकेले बिताएंगे। डेविड और एंजी ने उपहारों को जल्दी पोस्ट करके और क्रिसमस की सुबह फोन करके अपने माता-पिता के अकेलेपन को कम करने की कोशिश की। लेकिन उनके माता-पिता वास्तव में उन्हें चाहते थे। डेविड के आय से केवल कभी-कभार घर जाने की अनुमति मिलती थी, वे और क्या कर सकते थे? डेविड को बुद्धि की आवश्यकता थी।

 

नीतिवचन 3 बुद्धि-प्राप्ति का एक क्रैश कोर्स(crash course) है, जो हमें यह दिखाता है कि हम अपनी परिस्थितियों को परमेश्वर के पास ले जाकर इसे प्राप्त कैसे करें (पद.5-6), इसके विभिन्न गुणों जैसे प्रेम और विश्वासयोग्यता (पद. 3-4, 7-12), और शांति और दीर्घायु के रूप में इसके लाभ का वर्णन करता है (पद. 13-18)। एक मार्मिक टिप्पणी में, यह कहा गया है कि परमेश्वर हमें "अपने विश्वास में" लेकर ऐसी बुद्धि देता है (पद. 32)। वह अपना समाधान उन लोगों को फुसफुसाता है जो उसके करीब हैं।

 

एक रात अपनी समस्या के बारे में प्रार्थना करते हुए, डेविड को एक विचार आया। अगले क्रिसमस के दिन, उसने और एंजी ने अपने सबसे अच्छे कपड़े पहने, मेज को तड़क-भड़क/टिनसेल(tinsel) से सजाया, और भुना हुआ रात्रिभोज लाए। डेविड के माता-पिता ने भी ऐसा ही किया। फिर, प्रत्येक टेबल पर एक लैपटॉप रखकर, उन्होंने वीडियो लिंक के द्वारा एक साथ भोजन किया। लगभग ऐसा महसूस हुआ जैसे वे एक ही कमरे में हैं। तब से यह एक पारिवारिक परंपरा बन गई है।

परमेश्वर ने दाऊद को अपने भरोसे में लिया और उसे बुद्धि दी। वह हमारे समस्याओं का रचनात्मक समाधान फुसफुसा कर सुनाना पसंद करता है।

मसीह में समुदाय

बहामास के दक्षिण में भूमि का एक छोटा सा टुकड़ा है जिसे रैग्ड आइलैंड(Ragged Island) कहा जाता है। उन्नीसवीं सदी में यहाँ एक सक्रिय नमक उद्योग था, लेकिन उस उद्योग में गिरावट के कारण, कई लोग पास के द्वीपों में चले गए। 2016 में, जब वहां अस्सी से भी कम लोग रहते थे, द्वीप में तीन धार्मिक संप्रदाय थे, फिर भी सभी लोग प्रत्येक सप्ताह उपासना और संगति के लिए एक स्थान पर एकत्र होते थे। इतने कम निवासियों के साथ, समुदाय का भावना उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण था।

 

आरंभिक कलीसिया के लोगों को भी समुदाय की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता और इच्छा महसूस हुई। वे अपने नए विश्वास को लेकर उत्साहित थे जो यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान से संभव हुआ था। लेकिन वे यह भी जानते थे कि वह अब शारीरिक रूप से उनके साथ नहीं हैं, इसलिए उन्हें पता था कि उन्हें एक-दूसरे की ज़रूरत है। उन्होंने खुद को प्रेरितों से शिक्षा पाने, और संगति रखने, और रोटी तोड़ने में लौलीन रहे (प्रेरितों 2:42)। “वे प्रार्थना करने और भोजन के लिए घरों में इकट्ठे होते और दूसरों की जरूरतों का ख्याल रखते थे। प्रेरित पौलुस ने कलीसिया का वर्णन इस प्रकार किया : “और विश्वास करनेवालों की मण्डली एक चित्त और एक मन की थी” (4:32)। पवित्र आत्मा से परिपूर्ण, उन्होंने लगातार परमेश्वर की स्तुति की और कलीसिया के जरूरतों को प्रार्थना में उसके पास लाए।

 

समुदाय हमारे विकास और समर्थन के लिए आवश्यक है। इसे अकेले जीने का प्रयास न करें। जब आप अपने संघर्षों और खुशियों को दूसरों के साथ साझा करेंगे और एक साथ उसके करीब आएंगे तो परमेश्वर समुदाय की भावनाओं को विकसित करेगा।

परमेश्वर के सामने बराबर

छुट्टियों के दौरान, मेरी पत्नी और मैंने सुबह-सुबह बाइक की सवारी का आनंद लिया। एक रास्ता हमें करोड़ों डॉलर के घरों के बगल से ले गया। हमने विभिन्न प्रकार के लोगों को देखा--निवासियों को अपने कुत्तों को घुमाते हुए, साथी बाइक सवारों को, और कई श्रमिकों को नए घर बनाते हुए या अच्छी तरह से बनाए गए परिदृश्यों की देखभाल करते हुए। यह जीवन के सारे क्षेत्रों के लोगों का मिश्रण था और मुझे एक मूल्यवान वास्तविकता की याद आयी। हमारे बीच कोई वास्तविक भेदभाव नहीं था। अमीर या गरीब। धनवान या श्रमिक वर्ग। ज्ञात या अज्ञात। उस सुबह उस सड़क पर हम सब लोग एक जैसे थे। “धनी और निर्धन दोनों में यह समानता होती है; यहोवा उन दोनों का कर्त्ता है” (नीतिवचन 22:2) l मतभेदों के बावजूद, हम सब परमेश्वर के स्वरूप में बनाये गये हैं (उत्पत्ति 1:27)।

 

लेकिन और भी बहुत कुछ है। परमेश्वर के समक्ष समान होने का अर्थ भी है: भले ही हमारा आर्थिक, सामाजिक, या जातीय स्थिति कुछ भी हो, हम सब पाप स्थिति के साथ पैदा हुए हैं: “सब ने पाप किया है और परमेश्‍वर की महिमा से रहित हैं” (रोमियों 3:23)। हम सब उसके सामने अवज्ञाकारी और समान रूप से दोषी हैं, और हमें यीशु की ज़रूरत है।

 

हम अक्सर कई कारणों से लोगों को समूहों में बांट देते हैं। लेकिन, वास्तव में, हम सब मानव जाति के हिस्से हैं। और यद्यपि हम सब एक ही स्थिति में हैं—पापियों को एक उद्धारकर्ता की आवश्यकता है—हम उसके अनुग्रह से “सेंत-मेंत धर्मी ठहराए जाकर” (पद.24) (परमेश्वर के साथ सही बनाए जा सकते हैं।)