नायक, तानाशाह, और यीशु
बीथोवेन (एक प्रसिद्ध संगीतकार) गुस्से में था। वह अपनी तीसरी सिम्फनी को "द बोनापार्ट" नाम देना चाहता था। धार्मिक और राजनीतिक अत्याचार के युग में, उन्होंने नेपोलियन को लोगों के नायक और स्वतंत्रता के चैंपियन के रूप में देखा। लेकिन जब फ्रांसीसी सेनापति ने खुद को सम्राट घोषित किया, तो प्रसिद्ध संगीतकार ने अपना विचार बदल दिया। अपने पूर्व नायक को एक दुष्ट और अत्याचारी बताते हुए, उसने बोनापार्ट के नाम को मिटाने के लिए इतनी मेहनत की कि उसने मूल संगीत में एक कमी छोड़ दिया।
यीशु में प्रारंभिक विश्वासियों को अवश्य ही निराशा हुई होगी जब उनकी राजनीतिक सुधार की आशाओं को धराशायी कर दिया गया था। उसने कैसर के भारी करों और सैन्य उपस्थिति के अत्याचार के बिना जीवन की आशाओं को उभारा। फिर भी, दशकों बाद, रोम अभी भी दुनिया पर राज करता था। यीशु के संदेश-दूत भय और दुर्बल थे। उसके चेलों को अपरिपक्वता और आपसी लड़ाई के द्वारा चिह्नित किया गया था (1 कुरिन्थियों 1:11-12; 3:1-3)।
लेकिन एक अंतर था। पौलुस ने परे देखा कि क्या अपरिवर्तित रह गया था। उसके पत्र मसीह के नाम के साथ शुरू हुए, समाप्त हुए, और भरपूर थे l मसीह जी उठे। मसीह लौटकर राज करने के वादे के साथ। हर चीज और हर किसी के फैसले में मसीह। हालाँकि, सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, पौलुस चाहता था कि यीशु में विश्वासियों को क्रूस पर चढ़ाए जाने के अर्थ और निहितार्थ पर आधारित हो (2:2; 13:1-13)।
यीशु के बलिदान में व्यक्त प्रेम ने उन्हें एक अलग तरह का अगुआ बना दिया। दुनिया के परमेश्वर और उद्धारकर्ता के रूप में, उनका क्रूस सब कुछ बदल देता है। यीशु का नाम हमेशा के लिए जाना जाएगा और हर नाम के ऊपर उसकी प्रशंसा की जाएगी।

ज़रूरतमंदों की देखभाल
मेरे दोस्त ने दरवाजा खोलकर एक कमजोर महिला को देखा, जो नियमित रूप से पैसे के लिए खाली प्लास्टिक की बोतलें मांगती थी l यह पैसा उसकी आय का प्राथमिक स्रोत था। मेरे दोस्त को तब एक विचार आया। "क्या आप मुझे दिखा सकती हैं कि आप कहाँ सोती हैं?" उसने पूछा। महिला उसे एक घर के बगल में लगभग दो फीट चौड़ी गंदी संकरी जगह में ले गई। करुणा से प्रेरित होकर, उसने उसके लिए एक "छोटा घर" बनाया──एक साधारण आश्रय जो उसे सुरक्षित रूप से सोने के लिए जगह दी l फिर वह यह विचार लेकर आगे बढ़ा। उन्होंने एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया, फिर उन्होंने स्थानीय चर्चों के साथ मिलकर बेघर लोगों के लिए और आश्रय बनाने के लिए भूमि का प्रबंध किया।
पूरी बाइबल में, परमेश्वर के लोगों को ज़रूरतमंदों की देखभाल करने के लिए याद दिलाया गया है। जब परमेश्वर ने मूसा के माध्यम से इस्राएलियों को प्रतिज्ञा किए हुए देश में प्रवेश करने के लिए तैयार करने के लिए कहा, तो उसने उन्हें प्रोत्साहित किया कि वे "खुले दिल से [गरीबों को] जो कुछ भी उन्हें चाहिए उसे उधार दें" (व्यवस्थाविवरण 15:8)। इस पद में यह भी बताया गया है कि "देश में दरिद्र तो हमेशा पाए जाएंगे” (पद 11)। यह देखने के लिए हमें दूर जाने की जरूरत नहीं है कि यह सच है ।
जैसा कि परमेश्वर ने इस्राएलियों को करुणापूर्वक "अपने दीन-दरिद्र भाइयों को अपना हाथ ढीला करके अवश्य दान” देने को कहा (पद 11), हम भी जरूरतमंदों की मदद करने के तरीके खोज सकते हैं।
सभी को भोजन, आश्रय और पानी चाहिए। भले ही हमारे पास बहुत कुछ न हो, परमेश्वर हमें दूसरों की मदद करने के लिए जो हमारे पास है उसका उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन करे। चाहे सैंडविच साझा करना हो या सर्दियों का गर्म कोट, छोटी-छोटी चीजें बहुत बड़ा बदलाव ला सकती हैं!

शक्तिशाली शत्रुओं से मुक्ति
2010 में, निन्यानबे वर्ष की आयु में, जॉर्ज वुजनोविक को न्यूयॉर्क टाइम्स ने "द्वितीय विश्व युद्ध के सबसे बड़े बचाव प्रयासों में से एक" के आयोजन के लिए कांस्य तारे से सम्मानित किया। अमेरिका में सर्बियाई अप्रवासियों का बेटा वुजनोविक अमेरिकी सेना में शामिल हुआ था। जब यह समाचार आया कि यूगोस्लाविया में नीचे उतारे गए अमेरिकी वायु-सैनिकों की रक्षा विद्रोहियों द्वारा की जा रही है, तो वुजनोविक, पायलटों का पता लगाने के लिए जंगल में पैराशूट से उतर कर अपने परिवार की मातृभूमि में लौट आए। सैनिकों को छोटे समूहों में विभाजित करते हुए, उन्होंने उन्हें सिखाया कि सर्बों के साथ कैसे घुलना-मिलना है (सर्बियाई कपड़े पहनना और सर्बियाई भोजन खाना)। फिर, महीनों के दौरान, वह प्रत्येक छोटे समूह को एक-एक करके सी-47 परिवहन विमानों तक ले गया, जो एक लैंडिंग पट्टी पर इंतजार कर रहे थे, जिसे उन्होंने जंगल काट कर बनाया था l वुज्नोविक ने 512 हर्षित, आनंदित पुरुषों को बचाया।
दाऊद ने परमेश्वर द्वारा उन शत्रुओं से बचाए जाने की खुशी का वर्णन किया जिन्होंने उसे बिना किसी बचाव के घेर लिया था। दाऊद ने कहा, “परमेश्वर ने ऊपर से हाथ बढाकर मुझे थाम लिया,” उसने कहा, “उसने मुझे गहरे जल में से खींचकर निकाला” (2 शमूएल 22:17)। राजा शाऊल ने जलन से क्रोद्धित होकर दाऊद का पीछा किया, और निर्दयता से लहू की मांग की। लेकिन परमेश्वर की अन्य योजनाएँ थीं। "उसने मुझे मेरे बलवंत शत्रु से," दाऊद ने कहा, "मेरे बैरियों से, जो मुझ से अधिक सामर्थी थे, मुझे छुड़ा लिया” (पद 18)।
परमेश्वर ने दाऊद को शाऊल से छुड़ाया। उसने इस्राएल को मिस्र से छुड़ाया। और यीशु में, परमेश्वर हम सभी को बचाने के लिए आया। यीशु हमें पाप, बुराई और मृत्यु से बचाता है। वह हर शक्तिशाली शत्रु से बड़ा है।

एक बड़ी भीड़
हम खुशी और अपेक्षा के साथ रविवार की सुबह की चर्च सभा के लिए एक साथ आए। हालाँकि, हम कोरोनोवायरस महामारी के कारण स्थानिक रूप से दूर थे, हमने एक युवा जोड़े की शादी का जश्न मनाने के अवसर का स्वागत किया। हमारे तकनीकी रूप से प्रतिभाशाली चर्च के सदस्यों ने स्पेन, पोलैंड और सर्बिया सहित भौगोलिक रूप से फैले मित्रों और परिवार को सभा प्रसारित की। इस रचनात्मक दृष्टिकोण ने हमें बाधाओं को दूर करने में मदद की जब हम विवाह की वाचा में आनन्दित हुए। परमेश्वर की आत्मा ने हमें एक किया और हमें आनंद दिया।
हमारी अद्भुत बहुराष्ट्रीय मण्डली के साथ रविवार की सुबह आने वाली महिमा का एक छोटा सा स्वाद था जब "हर एक जाति, कुल, लोग और भाषा" के लोग स्वर्ग में परमेश्वर के सामने खड़े होंगे (प्रकाशितवाक्य 7:9)। प्रिय शिष्य यूहन्ना ने इस "बड़ी भीड़" को एक दर्शन में देखा जिसका वर्णन वह प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में करता है।
वहाँ जो इकट्ठे हुए वे स्वर्गदूतों और पुरनियों के साथ परमेश्वर की आराधना करेंगे, और सभी स्तुति करेंगे : "हमारे परमेश्वर की स्तुति और महिमा और ज्ञान और धन्यवाद और आदर और सामर्थ्य और शक्ति युगानुयुग बनी रहें" (पद 12)।
"मेम्ने के विवाह भोज" (19:9) में यीशु और उसकी अंतर्राष्ट्रीय दुल्हन का मिलन और विवाह आराधना और उत्सव का एक अद्भुत समय होगा। कई देशों के लोगों के साथ हमारी रविवार की चर्च सभा में हमारा अनुभव इस घटना की ओर इशारा करता है कि एक दिन हम आनंद करेंगे।
जब हम उस आनंदमय घटना की आशा में प्रतीक्षा करते हैं, तो हम परमेश्वर के लोगों के बीच दावत और आनन्द मनाने की प्रथा को अपना सकते हैं।

एक साथ रहें
ड्यूबेरी बैपटिस्ट चर्च 1800 के दशक में मुर्गे की टांग पर विभाजित हो गया। कहानी के विभिन्न संस्करण मौजूद हैं, लेकिन एक मौजूदा सदस्य द्वारा बताया गया वर्णन यह था कि दो लोगों ने चर्च के एक सामुदायीक भोजन में आखिरी टुकड़े पर झगड़े थे l एक व्यक्ति ने कहा कि परमेश्वर चाहता है कि वह उसे प्राप्त करे। दूसरे ने उत्तर दिया कि परमेश्वर को परवाह नहीं है, और वास्तव में वह उसे चाहता था। वे लोग इतने उग्र हो गए कि एक झुंड, सड़क से दो किलोमीटर दूर चला गया और ड्यूबेरी बैपटिस्ट चर्च नंबर 2 शुरू कर दिया। शुक्र है, चर्चों ने अपने मतभेदों को सुलझा लिया है, और हर कोई मानता है कि उनके विभाजन का कारण हास्यास्पद था।
यीशु सहमत है। अपनी मृत्यु से एक रात पहले यीशु ने अपने अनुयायियों के लिए प्रार्थना की। हे पिता, वे “एक हो जाएं, जैसा तू मुझ में है और मैं तुझ में हूं।” हो सकता है कि वे "पूर्ण एकता में लाए जाएं। तब जगत जानेगा कि तू ने मुझे भेजा है" (यूहन्ना 17:21-23)।
पौलुस सहमत है। वह हमसे आग्रह करता है कि "मेल के बन्धन में आत्मा की एकता रखने का यत्न करो। एक ही देह है और एक ही आत्मा” (इफिसियों 4:3-4), और इन्हें विभाजित नहीं किया जा सकता है।
हम जो हमारे पाप के लिए मसीह के टूटे हुए शरीर के लिए रोते हैं, हमें उनके शरीर, चर्च को अपने क्रोध, गपशप और गुटबाजी से नहीं फाड़ना चाहिए। चर्च विभाजन के घोटाले के दोषी होने की तुलना में खुद को गलत होने देना बेहतर है। दूसरे आदमी को मुर्गे की टांग──और कुछ मिठाई भी दें!