
न्यूट्रल में होना
कार धुलाई में मुझसे आगे वाला व्यक्ति एक मिशन/विशेष कार्य पर था l वह जानबूझकर अपने पिकअप(छोटी वैन) के पीछे की ओर गया और रूकावट को हटा दिया, ताकि यह उच्च शक्ति घूमने वाले सफाई ब्रशों के काम करने में कठिनाई उत्पन्न नहीं करेगा l उसने अटेंडेंट को भुगतान किया और फिर उसने स्वचालित ट्रक को उस स्थान से बाहर निकाला जहाँ पर उसने खड़ा किया था l अटेंडेंट चिल्लाया, “न्यूट्रल! न्यूट्रल!” लेकिन खिड़कियाँ बंद होने के कारण वह सुन नहीं सकता था l गाड़ी की खिड़कियाँ बंद थीं और वह व्यक्ति सुन नहीं सका l वह मात्र चार सेकेंडों में कार धुलाई के स्थान से बाहर निकल गया l उसका ट्रक मुश्किल से भीगा l
एलिय्याह भी एक मिशन पर था l वह बड़े पैमाने पर ईश्वर की सेवा में व्यस्त था l उसने बाल के नबियों को एक अलौकिक बल परीक्षा में हराया था, जिसने उसे थका दिया था (देखें 1 राजा 18:16–39) l उसे अबाधित/न्यूट्रल में समय की ज़रूरत थी l परमेश्वर एलिय्याह को होरेब पर्वत पर ले गया, जहाँ वह मूसा के सामने बहुत पहले प्रगट हुआ था l एक बार फिर परमेश्वर ने पहाड़ को हिला दिया l लेकिन वह चट्टान को तोड़नेवाली आंधी, भूकंप, या उग्र आग में नहीं था l इसके बजाय, परमेश्वर कोमल फुसफुसाहट में एलिय्याह के पास आया l “यह सुनते ही एलिय्याह ने अपना मुंह चद्दर से ढाँका, और बाहर जाकर गुफा के द्वार पर खड़ा हुआ” परमेश्वर से मुलाकात करने के लिए (1 राजा 19:13) l
आप और मैं एक मिशन पर हैं l हम अपने जीवन को अपने उद्धारकर्ता के लिए बड़ी चीजों को पूरा करने के मुहीम में हैं l लेकिन अगर हम न्यूट्रल में नहीं आएँगे, हम जीवन में होकर निकल जाएंगे और पवित्र आत्मा की भरपूरी से वंचित हो जाएंगे l परमेश्वर फुसफुसाता है, “चुप हो जाओ, और जान लो कि मैं ही परमेश्वर हूँ” (भजन 46:10) l न्यूट्रल! न्यूट्रल!

योजनाएं हैं?
लगभग अठारह वर्ष का एक युवक, कैडेन, एक अकादमिक छात्रवृत्ति पर अपनी पहली पसंद के कॉलेज में पढ़ने की उम्मीद कर रहा था l वह हाई स्कूल में एक कैंपस सेवकाई में शामिल था और नए वातावरण में इसी तरह की सेवकाई में भागदारी के लिए उत्सुक था l उसने अपने अंशकालिक नौकरी से पैसे बचाए थे और एक नई नौकरी में भी उसकी श्रेष्ठ बढ़त थी l उसने कुछ महान लक्ष्य स्थापित किए, और सब कुछ ठीक समय पर पूरा हो रहा था l
और फिर 2020 के वसंत में एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट ने सब कुछ बदल दिया l
स्कूल ने कैडेन को बताया कि उसका पहला सेमेस्टर शायद ऑनलाइन होगा l कैंपस सेवा क्रमभंग हो चुकी थी l व्यवसाय बंद होने पर नौकरी की संभावना ख़त्म हो गई l जब वह निराश हुआ, उसके दोस्त ने एक प्रसिद्ध पेशेवर बॉक्सर के शब्दों को धाराप्रवाह रूप से उद्धृत किया : “हाँ, सभी के पास एक योजना होती है जब तक कि उन्हें अपने मुँह की नहीं खानी पड़ती है l”
नीतिवचन 16 हमें बताता है कि जब हम सब कुछ ईश्वर को समर्पित कर देते हैं,तो वह हमारी योजनाओं को स्थापित करेगा और अपनी इच्छा के अनुसार पूरा करेगा (पद. 3-4) l हालांकि, सच्ची प्रतिबद्धता कठिन हो सकती है l इसमें ईश्वर के निर्देशन के लिए एक खुले ह्रदय के साथ, अपने मार्ग की रूप-रेखा तैयार करने की स्वतंत्रता का विरोध करना शामिल है (9; 19:21) l
सपने जो मूर्त रूप नहीं लेते हैं वे निराशा ला सकते हैं, लेकिन भविष्य के लिए हमारी सीमित दृष्टि कभी भी परमेश्वर के सर्वज्ञ तरीकों का मुकाबला नहीं कर सकती है l जब हम खुद को उसको समर्पित कर देते हैं, तो हम निश्चित हो सकते हैं कि वह तब भी हमारे कदमों को प्यार से निर्देशित कर रहा है जब हम आगे का रास्ता नहीं देख सकते हैं (16:9) l

दृष्टि अप्रत्यक्ष
यूरी गगारिन का अंतरिक्ष में जानेवाला पहला आदमी बनने के बाद, वह रूसी ग्रामीण इलाके में पैराशूट से उतरे l एक किसान महिला ने नारंगी रंग के कपड़े पहने हुए उस अन्तरिक्ष यात्री को देखा, जो अभी भी अपना हेलमेट पहना हुआ था और दो पैराशूट खींच रहा था l “"क्या यह हो सकता है कि आप बाहरी अन्तरिक्ष से आए हैं?” उसने आश्चर्य से पूछा l “वास्तव में, मैं आया हूँ,” उन्होंने कहा l
सोवियत नेताओं ने दुखद रूप से ऐतिहासिक उड़ान को धार्मिक विश्वास के विरुद्ध प्रचार में बदल दिया l “गगारिन अंतरिक्ष में गए, लेकिन उन्होंने वहाँ कोई ईश्वर को नहीं देखा,” उनके प्रधानमंत्री ने घोषणा की l (गगारिन ने खुद कभी ऐसी बात नहीं कही l) जैसा कि सी. एस. लियुईस ने ध्यान देखा, “जो लोग पृथ्वी पर [ईश्वर] को नहीं पाते हैं, वे उन्हें अंतरिक्ष में नहीं पा सकते हैं l”
यीशु ने हमें इस जीवन में परमेश्वर की उपेक्षा करने के बारे में चेतावनी दी l उसने दो आदमियों की एक कहानी बताई, जो मर गए─एक अमीर आदमी जिसके पास ईश्वर के लिए समय नहीं था, और लाजर, एक निस्सहाय व्यक्ति जो विश्वास में धनी था (लूका 16:1931) l पीड़ा में, अमीर आदमी ने अब्राहम से अपने भाइयों के लिए याचना की जो अभी भी धरती पर थे l उसने अब्राहम से विनती की, ““लाज़र को भेज l” “यदि कोई मरे हुओं में से उनके पास जाए, तो वे मन फिराएंगे” (पद.27,30) l अब्राहम समस्या के केंद्र में पहुँच गया : “जब वे मूसा और भविष्यद्वक्ताओं की नहीं सुनते, तो यदि मरे हुओं में से कोई जी भी उठे तौभी उसकी नहीं मानेंगे” (पद.31) l
ऑस्वाल्ड चैम्बर्स ने लिखा, “देखना विश्वास करना कभी नहीं होता है l “हम जो विश्वास करते हैं उसके प्रकाश में हम जो देखते हैं उसकी व्याख्या करते हैं l”

जल वहाँ जहाँ हमें ज़रूरत है
विश्व की सबसे गहरी झील, बैकल झील, विशाल और भव्य है l एक मील गहरी और लगभग 400 मील (636 किमी) लम्बी और 49 मील (79 किमी) चौड़ी इसकी माप है l इसमें संसार के सभी सतही ताजा जल का पांचवां (20 फीसदी) हिस्सा है l लेकिन यह पानी काफी हद तक पहुँच से बाहर है l बैकल झील साइबेरिया में स्थित है─रूस के सबसे दूरदराज के क्षेत्रों में से एक l हमारे ग्रह के काफी हिस्से में पानी की इतनी सख्त जरूरत के साथ, यह असंगत है कि जल का इतना विशाल भंडार एक ऐसे स्थान पर है, जहाँ बहुत लोग इसका उपयोग नहीं कर सकते l
यद्यपि बैकल झील बहुत दूर हो सकती है, लेकिन जीवनदायक जल का एक अंतहीन स्रोत है, जो उन लोगों के लिए उपलब्ध और सुलभ है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है l जब सामरिया के एक कुएँ पर, यीशु ने एक महिला से बातचीत करते हुए, उसकी गहरी आध्यात्मिक प्यास की तीव्रता को जांचा l उसकी सबसे प्रमुख आवश्यकता का समाधान? स्वयं यीशु l
जिस कुएँ से वह पानी भरने आयी थी, के विपरीत, यीशु ने कुछ बेहतर पेश किया : “जो कोई यह जल पीएगा वह फिर प्यासा होगा, परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूँगा, वह फिर अनंतकाल तक प्यासा न होगा; वरन् जो जल मैं उसे दूँगा, वह उसमें एक सोता बन जाएगा जो अनंत जीवन के लिए उमड़ता रहेगा” (यूहन्ना 4:13–14) l
बहुत सी चीजें संतुष्टि का वादा करती हैं लेकिन कभी भी हमारे प्यासे हृद्यों को पूरी तरह से तृप्त नहीं करती हैं l यीशु ही हमारी आध्यात्मिक प्यास को वास्तव में संतुष्ट कर सकता है, और उसका प्रावधान हर किसी के लिए, हर जगह उपलब्ध है l
