जब ज्ञान दुःख देता है
ग्रैंड कैन्यन से होते हुए पच्चीस दिनों की राफ्टिंग यात्रा के बाद जैच एल्डर और उसके दोस्त किनारे पर पहुँचे। उनके राफ्ट को वापस लेने आए व्यक्ति ने उन्हें कोविद -१९ वायरस के बारे में बताया। उन्हें लगा कि वह मजाक कर रहा है। लेकिन जैसे ही वे कैन्यन से बाहर निकले, उनके फोन पर उनके माता-पिता के जरूरी सन्देश आये हुए थे। ज़ैक और उसके दोस्त दंग रह गए। वे चाहते थे कि वे नदी में वापस लौट सकें और जो कुछ वे अब जानते थे उससे भाग जाये।
पतित संसार में, ज्ञान अक्सर पीड़ा लाता है। सभोपदेशक के बुद्धिमान शिक्षक ने कहा, "बहुत बुद्धि के साथ बहुत खेद भी होता है, और जो अपना ज्ञान बढ़ाता है वह अपना दु:ख भी बढ़ाता है।" (१:१८)। एक बच्चे की आनंदमय अज्ञानता से किसने ईर्ष्या नहीं की है? वह अभी तक नस्लवाद, हिंसा और कैंसर के बारे में नहीं जानती है। क्या हम बड़े होने से पहले और अपनी कमजोरियों और बुराइयों को समझने से पहले खुश नहीं थे? इससे पहले कि हम अपने परिवार के रहस्यों को जानें - हमारे चाचा भारी मात्रा में शराब क्यों पीते हैं या हमारे माता-पिता के तलाक का क्या कारण है?
ज्ञान के दर्द को दूर नहीं किया जा सकता है। एक बार जब हम जान जाते हैं, तो यह दिखावा करने से कोई फायदा नहीं है कि हम नहीं करते हैं। लेकिन एक उच्च ज्ञान है जो हमें सहन करने, यहां तक कि फलने-फूलने की शक्ति देता है। यीशु परमेश्वर का वचन है, वह प्रकाश जो हमारे अन्धकार में चमकता है (यूहन्ना १:१-५)। वह हमारे लिए "परमेश्वर का ज्ञान बन गया, अर्थात् हमारी धार्मिकता, पवित्रता और छुटकारा" (१ कुरिन्थियों १:३०)। आपका दर्द यीशु के पास दौड़ने का आपका कारण है। वह आपको जानता है और आपकी परवाह करता है।
ऐसे जिओ जैसे तुम चंगे हो गए हो
तब वह उनके साथ मन्दिर के आंगनों में चला, और चलता और कूदता, और परमेश्वर की स्तुति करता था। प्रेरितों के काम 3:8
भारत में दो बहनें अंधी पैदा हुई थीं। उनके पिता एक मेहनती कमाने वाले थे, लेकिन वे कभी भी उस सर्जरी का खर्च नहीं उठा सकते थे जिससे उन्हें दृष्टि मिल सके। फिर डॉक्टरों की एक टीम अल्पकालिक चिकित्सा मिशन पर उनके क्षेत्र में आई। उनकी सर्जरी के बाद सुबह, जब नर्स उनकी पट्टियों को खोल रही थी तो वे दोनों मुस्कुरा रहीं थीं। एक ने कहा, “माँ, मैं देख सकती हूँ! मैं देख सकती हूँ!”
एक आदमी जो जन्म से लंगड़ा था, मंदिर के द्वार पर अपने सामान्य स्थान पर बैठ कर भीख मांगता था। पतरस ने उस आदमी से कहा कि उसके पास चाँदी और सोना तो नहीं हैं, लेकिन उसके पास कुछ बेहतर है। उसने कहा “यीशु मसीह नासरी के नाम से चल” (प्रेरितों के काम 3:6)। वह अपने पैरों के बल उछला, और चल पड़ा। वह उछलते, कूदते, चलता और परमेश्वर की स्तुति करता उनके साथ ही मन्दिर में गया। (पद 8)
उन दोनों बहनों और उस आदमी ने उन लोगों की तुलना में अपनी आंखों और पैरों की अधिक सराहना की जो कभी अंधे या लंगड़े नहीं थे। लड़कियां अचरज़ और खुशी में पलकें झपकाना बंद नहीं कर सकीं और वह आदमी अपने पैरों पर कूद रहा था।
अपनी खुद की प्राकृतिक क्षमताओं पर विचार करें। आप इन क्षमताओं का अधिक आनंद कैसे ले सकते हैं, और यदि आप चमत्कारिक रूप से चंगे होते हैं तो आप उनका अलग तरह से उपयोग कैसे कर सकते हैं? अब इस पर विचार करें– यदि आप यीशु पर विश्वास करते हैं तो उसने आपको आत्मिक रूप से चंगा किया है। उसने आपको अपने पापों से छुड़ाया है। आइए उसका धन्यवाद करें जिसने हमें बनाया और बचाया और जो कुछ उसने हमें दिया उसे समर्पित कर दिया।
दूसरों में निवेश
जब एक कंपनी ने अपने खाने के पदार्थों में से प्रत्येक दस खरीद के लिए एक हजार फ्रीक्वेंट फ्लायर अंक प्रदान करने का प्रस्ताव रखा, तो एक व्यक्ति को एहसास हुआ कि उनका सबसे सस्ता उत्पाद चॉकलेट पुडिंग के एक-एक कप थे। उसने बारह हजार से अधिक खरीदे। $3,000 (लगभग 2.25 लाख) खर्च करके उन्होंने अपने और अपने परिवार के लिए गोल्ड स्टेटस पाया और हवाई यात्रा की आजीवन आपूर्ति प्राप्त की। उन्होंने पुडिंग को दान में भी दिया, जिससे उन्हें एक लाभकारी टैक्स राइट-ऑफ मिला। प्रतिभावान व्यक्ति!
यीशु ने एक चालाक प्रबंधक के बारे में एक विवादास्पद दृष्टांत बताया, जिसे उसका मालिक निकालने पर था, उसने अपने मालिक के लेनदारों के क़र्ज़ को कम कर दिया। वह आदमी जानता था कि जो एहसान वह अभी उन पर कर रहा है बाद में वह उनकी मदद पर भरोसा कर सकता है। यीशु प्रबंधक के अनैतिक व्यापार अभ्यास की प्रशंसा नहीं कर रहे, लेकिन वह जानते थे कि हम उसकी चतुराई से सीख सकते हैं। यीशु ने कहा कि हमें चतुराई से "संसार के धन का उपयोग अपने लिये मित्र बनाने के लिये करना चाहिए, कि जब वह चला जाए, तो अनन्त निवासों में तुम्हारा स्वागत किया जाए" (लूका 16:9)। जैसे "पुडिंग मैन" ने पच्चीस सेंट के उत्पाद को उड़ानों में बदल दिया, इसी तरह हम अपने "सांसारिक धन" का उपयोग "सच्चा धन" (पद 11) प्राप्त करने के लिए कर सकते हैं।
ये धन क्या हैं? यीशु ने कहा, “अपनी संपत्ति बेचकर दान कर दो”; और “अपने लिये ऐसे बटुए बनाओ, जो पुराने नहीं होते, अर्थात स्वर्ग पर ऐसा धन इकट्ठा करो जो घटता नहीं और जिस के निकट चोर नहीं जाता, और कीड़ा नहीं बिगाड़ता”। (12:33)। हमारा निवेश हमारे उद्धार को नहीं कमाता, लेकिन यह इसकी पुष्टि करता है, "क्योंकि जहाँ तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा मन भी लगा रहेगा।" (पद 34)।
माँ की तरह प्यार
मालिनी ने अपने पोते को 1943 के बंगाल अकाल के दौरान बड़े होने के बारे में बताया। उसके गरीब परिवार को खाने के लिए सिर्फ चावल दलिया था, और अधिकांश समय वे भूखे ही रहें। उसके पिता शायद ही कभी कुछ मछलियां घर लाते जो वह रात के खाने के लिए पकड़ते थे, और उसकी माँ कहती “मुझे वह मछली का सिर देना। मुझे सिर्फ वही खाना है। वह सबसे अच्छा टुकड़ा है।” वर्षों बाद मालिनी ने एहसास किया की मछली के सिर में शायद ही कोई मांस था, उसकी माँ वास्तव में उसे नहीं खाती थी। वह सिर्फ दिखावा करती थी कि वह स्वादिष्ट था ताकि हम बच्चों को खाने के लिए ज्यादा मिलता और हम उसके बारे में चिंता नहीं करते।
कल जब हम मातृत्व दिवस मनाये, तो हम भी हमारे माँ के प्रेम और निष्ठा की कहानियों को याद करें। हम परमेश्वर को उनके लिए धन्यवाद दे और उनके जैसे और अधिक प्यार करने का प्रयास करें।
पौलुस ने “जिस तरह माता अपने बालकों का पालन–पोषण करती है” (1 थिस्सलुनीकियों 2:7) उस तरह थिस्सलुनीकियों की कलीसिया की सेवा की। उसने उससे अत्याधिक प्रेम किया उन्हें यीशु के बारे में बताने और अपने जीवन को उनके साथ बाँटने के लिए कठोर विरोधियों से लड़ा (पद 2:8)। “हम ने इसलिये रात दिन काम धन्धा करते हुए तुम में परमेश्वर का सुसमाचार प्रचार किया कि तुम में से किसी पर भार न हों।” (पद 9)। बिल्कुल माँ की तरह।
कुछ ही माँ के प्यार का विरोध कर सकते हैं, पौलुस ने कहा कि उसके प्रयास “बिना परिणाम के नहीं थे” (पद् 1) । दूसरे प्रतिक्रिया कैसे करते हैं हम उसे नियंत्रित नहीं कर सकते, पर हम एच्छिक रूप से दिन प्रति दिन उनकी सेवा करना चुन सकते हैं । माँ को इस पर गर्व होगा, और हमारे स्वर्गीय पिता को भी होगा।
झूठों का पिता
विक्टर धीरे–धीरे अश्लील वीडियो देखने का आदी हो गया। उसके बहुत सारे मित्र अश्लील वीडियो देखते थे और क्योंकि वह ऊबा हुआ था इसलिये वह भी इसका आदी हो गया था। पर अब उसे समझ आया कि यह कितना गलत था,उसने परमेश्वर के विरुद्ध पाप किया था,और उसकी पत्नी उसकी इस आदत से बिल्कुल टूट चुकी थी। उसने अपने जीवन को बचाने की कसम खाईए ताकि वह उसकी ओर दुबारा न देखे। वह अभी भी डरता है की बहुत देर हो चुकी है। क्या उसकी शादी बचाई जा सकती है? क्या वह कभी स्वतंत्र हो पायेगा और पूरी तरफ से माफ़ी प्राप्त कर पायेगा?
हमारा शत्रु शैतान परीक्षा को ऐसे प्रस्तुत करता है जैसे की यह कोई बड़ी बात नहीं। सब कोई तो कर रहे हैं। इसमें नुकसान क्या है? लेकिन जिस क्षण हम उसके योजना को पकड़ लेते है वह अपना रास्ता बदल देता है। आप सोचते हैं कि बहुत देर हो चुकी! आप ज्यादा दूर निकल चुके! अब कोई आशा नहीं है!
जब हम आत्मिक युद्ध में संग्लन होते हैं, शत्रु हमें हराने के लिए कुछ भी कह सकता है। यीशु ने कहा “वह तो आरम्भ से हत्यारा है, और सत्य पर स्थिर न रहा, क्योंकि सत्य उस में है ही नहीं जब वह झूठ बोलता, तो अपने स्वभाव ही से बोलता हैय क्योंकि वह झूठा है, वरन झूठ का पिता है।” (यूहन्ना8:44)
यदि शैतान झूठा है तो हमें उसकी कभी नहीं सुनना चाहिए। जब वह कहता है कि हमारा पाप कोई बड़ी बात नहीं है, तब नहीं सुनना चाहिए और तब नहीं जब वह कहता है कि हम आशा हीन हैं। यीशु हमें शैतान के शब्दों को खारिज करने और उसके बजाय उनकी सुनने में मदद करें। हम उसके वायदों पर अपने दिल से निर्भर करते हैं। “यदि तुम मेरे वचन में बने रहोगे तो सचमुच मेरे चेले ठहरोगे, और सत्य को जानोगे, और सत्य तुम्हें स्वतंत्र करेगा।” (पद31.32)
आत्मिक पड़ताल
कीमोथेरेपी ने मेरे ससुर के अग्नाशय में ट्यूमर को छोटा कर दिया, जब तक कि ऐसा नहीं हुआ l जब वह ट्यूमर दोबारा बढ़ने लगा, उन्हें जीवन और मृत्यु के चुनाव के साथ छोड़ दिया गया l उन्होंने अपने डॉक्टर से पूछा, “क्या मुझे और कीमो लेना चाहिए या कुछ और, शायद एक दूसरी दवाई या फिर रेडिएशन?”
यहूदा के लोगों के पास भी इसी प्रकार का मृत्यू और जीवन का प्रश्न था l युद्ध और अकाल से थकित, परमेश्वर के लोगों ने सोचा कि क्या उनकी समस्या अत्यधिक मूर्तिपूजा थी या पर्याप्त नहीं थी l उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि उन्हें एक झूठे देवता को और अधिक बलिदान चढाने चाहिए और देखना चाहिए कि क्या वह उनकी रक्षा करेगी और उन्हें समृद्ध करेगी (यिर्मयाह 44 :17)।
यिर्मयाह कहता है कि उन्होंने अपनी परिस्थिति का बेतहाशा गलत पड़ताल किया है l उनकी समस्या मूर्तियों के प्रति प्रतिबद्धता की कमी नहीं थी; उनकी समस्या यह थी कि उनके पास वे थीं l उन्होंने भविष्यवक्ता से कहा, “जो वचन तूने हम को यहोवा के नाम से सुनाया है, उसको हम नहीं सुनने की” (पद.16) l यिर्मयाह में उत्तर दिया “क्योंकि तुम धूप जलाकर यहोवा के विरुद्ध पाप करते और उसकी नहीं सुनते थे, और उसकी व्यवस्था और विधियों और चितौनियों के अनुसार नहीं चले, इस कारण यह विपत्ति तुम पर आ पड़ी है” (यिर्मयाह 44:23) l
यहूदा की तरह, हम उन पापपूर्ण विकल्पों को दुगना करने के लिए परीक्षा में पड़ सकते हैं जिन्होंने हमें संकट में डाल दिया है l संबंध की समस्याएं? हम और अलग हो सकते हैं। आर्थिक विषय? हम खुशी पाने के लिए अपनी मर्जी से खर्च करेंगे l दरकिनार किया गया? हम उनकी तरह ही निर्दई हो जाएंगे। परंतु मूर्तियां जिन्होंने हमारी समस्याओं को बढ़ाया है हमें बचा नहीं सकती हैं । केवल यीशु ही हमें हमारी समस्याओं से बाहर लेकर आ सकता है जब हम उसकी ओर मुड़ते हैं।
छोटी लोमड़ियाँ
एक पायलट अपनी चाय को कपहोल्डर में फिट नहीं कर सका, इसलिए उसने इसे center console/इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली वाला खंड पर टिका दिया। जब विमान में हलचल हुई, तो पेय नियंत्रण कक्ष पर गिरा, जिससे एक इंजन बंद हो गया। उड़ान को दूसरे मार्ग पर ले जाया गया और सुरक्षित रूप से उतारा गया, लेकिन जब दो महीने बाद एक अलग एयरलाइन के चालक दल के साथ ऐसा हुआ, तो विमान निर्माणकर्ता को एहसास हुआ कि कोई समस्या है। विमान की कीमत 30 करोड़ थी, लेकिन उसके कपधारक बहुत छोटे थे। यह प्रतीत होता है कि छोटी सी चूक ने कुछ कष्टदायक क्षणों को जन्म दिया।
छोटे विवरण सबसे बड़ी योजनाओं को बर्बाद कर सकते हैं, इसलिए श्रेष्ठगीत में वह व्यक्ति अपने प्रेमी से आग्रह करता है कि उन "छोटे लोमड़ियों को जो दाख की बारियां बर्बाद कर देती हैं उन्हें पकड़ ले" (2:15) जो उनके प्रेम की बारियां बर्बाद कर सकती हैं। उसने लोमड़ियों को दीवारों पर चढ़ते और अंगूर की तलाश में लताएँ खोदते देखा है । उन्हें पकड़ना मुश्किल है क्योंकि वे दाख की बारी में तीव्र गति से घुसती और फिर रात में वापस भाग जाती थीं । लेकिन उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आपके करीबी रिश्तों को क्या खतरा है? यह ज़रूरी नहीं कि वह बड़ी समस्याए ही हो। यह छोटी लोमड़ियाँ हो सकती हैं, यह यहाँ या वहाँ एक छोटी सी टिप्पणी हो सकती है जो आपके प्यार की जड़ को खोदती है। छोटे-मोटे मुटाव बढ़ जाते हैं, और जो कभी एक खिलखिलाती हुई दोस्ती या जोशीली शादी थी, उनके खत्म होने का खतरा हो सकता है।
परमेश्वर हमें छोटी लोमड़ियों को पकड़ने में मदद करें! जैसे परमेश्वर हमें जो चाहिए वह प्रदान करता है, हम आवश्यकतानुसार क्षमा मांगें और क्षमा प्रदान भी करें और अपने अंगूर के बागों को विचारशीलता के सामान्य कार्यों की मिट्टी में पोषण दें।
सारे जीव बड़े और छोटे
संगीता ने ग्रीन नाम के एक छोटे तोते को जंगल में लौटने के लिए प्रशिक्षित किया। जब वह उसे एक जंगल में छोटी उड़ानों के लिए ले जाती, तो वह जल्दी से उसके पास वापस आ जाता। एक सुबह ग्रीन वापस नहीं आया। संगीता ने सीटी बजाई और हार मानने से पहले छह घंटे तक उसका इंतजार किया। हफ्तों बाद उसे एक पक्षी का कंकाल मिला। वह उसे ग्रीन समझकर रोने लगी।
मेरी आत्मा संगीता और ग्रीन के लिए तड़प उठी। मैंने खुद से कहा, "इसमें से बाहर निकल। वह सिर्फ एक सामान्य, लाल नाक वाला पक्षी है।" लेकिन सच्चाई यह है कि मुझे परवाह थी ─और ऐसे ही परमेश्वर भी करते हैं। उसका प्रेम सबसे ऊंचे स्वर्ग से लेकर नीचे सबसे छोटे प्राणी तक पहुँचता है, वह हमें पृथ्वी के कुछ चीज़ो का भण्डारी बनने को कहता है (उत्पत्ति 1:28)। वह "जानवरों और मनुष्यों दोनों" को सुरक्षित रखता है (भजन संहिता 36:5-6), "जानवरों और कौवों के लिए भोजन" (147:9) प्रदान करता है।
एक दिन संगीता अपने घर के पास के जंगल में चल रही थी और उसके आश्चर्य के लिए, वहाँ ग्रीन था! उसे अपने जैसे अन्य पक्षियों से भरे पेड़ पर एक नया परिवार मिल गया था और वह बहुत खुश दिख रहा था। वह उड़कर संगीता के कंधे पर आया। वह मुस्कुराई, "तुम भली भांति दिख रहे हो। तुम्हारा एक सुन्दर परिवार है।" वह चहचहाया, और अपने नए घर को उड़ गया।
मुझे सुखद अंत पसंद है, खासकर मेरा अपना! यीशु ने वादा किया है कि जैसे उसका पिता पक्षियों को खिलाता है, वैसे ही वह हमारी जरूरत की हर चीज की आपूर्ति करेगा (मत्ती 6:25-26)। तुम्हारे पिता की इच्छा के बिना एक भी गौरैया भूमि पर नहीं गिर सकती।. . . इसलिएडरो मत; तुमबहुत गौरैयों से बढ़कर हो” (10:29-31))।
अपनों से प्यार करो
आमोस एक दबंग बहिर्मुखी था, और डैनी आत्म-संदेह से ग्रसित एक अकेला व्यक्ति था। किसी तरह ये सनकी जीनियस सबसे अच्छे दोस्त बन गए। उन्होंने एक साथ हंसते और सीखने में एक दशक बिताया। एक दिन उनके काम को नोबेल पुरस्कार मिलेगा। लेकिन डैनी आमोस के आत्म-केंद्रित तरीकों से थक गया और उससे कहा कि वे अब दोस्त नहीं थे।
तीन दिन बाद, आमोस ने भयानक समाचार के साथ फोन किया। डॉक्टरों ने कैंसर पाया था और उसे जीने के लिए छह महीने दिए थे। डैनी का दिल टूट गया। “हम दोस्त हैं,” उन्होंने कहा, “आप जो भी सोचते हैं हम हैं।“
पॉल एक कठोर दूरदर्शी था और बरनबास एक नरम दिल का प्रोत्साहन देने वाला था। आत्मा ने उन्हें एक साथ रखा और उन्हें एक मिशनरी यात्रा पर भेजा (प्रेरितों के काम 13:2-3)। उन्होंने प्रचार किया और चर्चों को शुरू किया, जब तक कि मार्क के त्याग पर उनकी असहमति नहीं हुई। बरनबास मरकुस को दूसरा मौका देना चाहता था। पॉल ने कहा कि अब उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसलिए वे अलग हो गए (15:36–41)।
पौलुस ने अंततः मरकुस को क्षमा कर दिया। उसने अपनी ओर से अभिवादन या प्रशंसा के साथ तीन पत्र बंद किए (कुलुस्सियों 4:10; 2 तीमुथियुस 4:11; फिलेमोन 1:24)। हम नहीं जानते कि बरनबास के साथ क्या हुआ था। क्या वह इस जीवन में पौलुस के साथ मेल-मिलाप करने के लिए पर्याप्त समय तक जीवित रहा? मुझे आशा है।
आज आपकी जो भी स्थिति हो, उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश करें, जिनके साथ आपकी अनबन हो सकती है। अब समय है उन्हें दिखाने और बताने का कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं।