रहस्यमय सहायक
लीला मस्क्युलर डिस्ट्रॉफी(muscular dystrophy)- एक आनुवंशिक बीमारी - से पीड़ित है l एक दिन ट्रेन स्टेशन से निकलते समय उसे एक लिफ्ट या एस्कलेटर(स्वचालित सीढ़ियाँ) के बिना लम्बी सीढ़ियों का सामना करना पड़ा l रोने के कगार पर, लीला ने अचानक एक व्यक्ति को देखा जो आकर, उसके बैग को उठाते हुए धीरे-धीरे सीढ़ियों पर चढ़ने में उसकी सहायता की l जब वह धन्यवाद देने के लिए मुड़ी, वह जा चुका था l
माइकल को बैठक के लिए देर हो चुकी थी l पहले से ही एक रिश्ते के टूटने से तनावग्रस्त था, और अब लन्दन के यातायात से निकलने के प्रयास में उसकी गाड़ी का टायर पन्चर हो गया l जब वह बारिश में असहाय खड़ा था, एक व्यक्ति भीड़ से बाहर निकला, पेटी खोलकर जैक के कार को ऊपर उठाया और पहिया बदल दिया l जब माइकल उसे धन्यवाद देने के लिए मुड़ा, वह जा चुका था l
कौन थे ये रहस्यमय सहायक? दयालु अजनबी, या कुछ और?
प्रचलित या पंख वाले प्राणियों के रूप में हमारे पास स्वर्गदूतों की लोकप्रिय छवि केवल आधा सच है l जबकि कुछ इस के दिखाई देते हैं (यशायाह 6:2; मत्ती 28:3), अन्य लोग धूल भरे पैरों के साथ आते हैं, भोजन के लिए तैयार होते हैं (उत्पत्ति 18:1-5) और आसानी से उन्हें रोज़मर्रा के लोग समझ लिए जाने की भूल होती है (न्यायियों 13:16) l इब्रानियों के लेखक का कहना है कि अजनबियों को आतिथ्य दिखाने से, हम इसे महसूस किये बिना स्वर्गदूतों का सत्कार कर सकते हैं (13:2) l
हम नहीं जानते कि लीला और माइकल के सहायक स्वर्गदूत थे या नहीं l परन्तु पवित्रशास्त्र के अनुसार, वे हो सकते हैं l स्वर्गदूत अभी इसी वक्त काम कर रहे हैं, परमेश्वर के लोगों की मदद कर रहे हैं (इब्रानियों 1:14) l और वे सड़क पर एक साधारण व्यक्ति के रूप में दिखाई दे सकते हैं l
बड़ा फेर-बदल
द कॉल ऑफ़ सर्विस(The Call of Service) पुस्तक में, लेखक रोबर्ट कोल्स, सेवा करने के हमारे कारणों की खोज करते हुए, एक वृद्ध महिला की दूसरों के लिए सेवा की मार्मिक कहानी बताते हैं l एक बस ड्राईवर के रूप में, उसने उन बच्चों की ओर बहुत ध्यान दिया, जिन्हें वह हर दिन स्कूल ले जाती थी – उन्हें होमवर्क पर क्विज करवाना और उनकी सफलताओं का जश्न मनाता l “मैं इन बच्चों को जीवन में सफल होते देखना चाहती हूँ,” उसने अपने प्रेरणा के बारे में कहा l लेकिन एक और कारण भी था l
एक युवा के रूप में, एक आंटी के शब्दों ने इस महिला को अन्दर तक झकझोर दिया था l उन्होंने कोल्स से कहा, “वह हमसे कहने वाली थी कि हमें कुछ ऐसा करना था जिसे परमेश्वर देख सकेगा, या फिर हम बड़े फेरबदल में खो जाएँगे!” फैसले की “बड़े फेरबदल” के बाद नरक की सम्भावना पर चिंतित, इस महिला ने “’परमेश्वर का ध्यान पाने” के लिए तरीके बनाए थे – चर्च जाना ताकि “वह मुझे निष्ठावान देखेगा” और दूसरों की सेवा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हुए ताकि परमेश्वर ”जो मैं कर रही थी उसे दूसरों से सुन लेगा l”
मुझे उसकी बातें पढ़कर दुःख हुआ l कैसे इस प्रिय महिला को यह कभी नहीं पता था कि उसे पहले से ही परमेश्वर का ध्यान था? (मत्ती 10:30) l उसने यह कैसे नहीं सुना कि यीशु ने हमारे लिए बड़े फेरबदल का ध्यान रखा, हमेशा के लिए न्याय से आजादी की पेशकश की (रोमियों 8:1)? वह किसे चूक गयी थी कि माक्ष अच्छे कर्मों के साथ नहीं खरीदा जा सकता है, लेकिन जो विश्वास करता है यह उपहार उसके लिए है? (इफिसियों 2:8-9) l
यीशु का जीवन, मृत्यु और पुनरुत्थान हमारे भविष्य को परमेश्वर के साथ संभालते हैं और आनंद के साथ दूसरों की सेवा करने के लिए स्वतंत्र करते हैं l
नयी मानवता
जब मैं लन्दन की टेट मॉडर्न गैलरी(दीर्घा) का भ्रमण कर रहा था, तो कला के एक भाग ने मेरा ध्यान अपनी ओर खींचा l ब्राज़ील के कलाकार सिल्डो मेयिरलेस द्वारा बनाया गया, यह सैंकड़ो पुराने रेडियो से बना एक विशाल मीनार था l प्रत्येक रेडियो को चालु कर दिया गया था और हर एक से एक अलग स्टेशन बज रहा था, जिससे भ्रमित करनेवाला, अशोभनीय कोलाहलपूर्ण भाषण दिया जा रहा था l मेयिरलेस ने मूर्तिकला को बाबेल कहा l
शीर्षक उपयुक्त है l बाबेल के मूल मीनार पर, परमेश्वर ने मानव जाति की भाषाओं को भर्मित करके स्वर्ग को अपने कब्जे में करने के मानव जाति के प्रयास को विफल कर दिया (उत्पत्ति 11:1-9) l एक दूसरे के साथ संवाद करने में असफल, मानव जाति विभिन्न बोलियों की जातियों में विभाजित हो गयी (पद.10-26) l भाषा द्वारा विभाजित, हम उस समय से एक दूसरे को समझने में संघर्ष करते रहे हैं l
कहानी का दूसरा भाग है जब पवित्र आत्मा पिन्तेकुस्त के दिन पहले मसीहियों पर उतरा, तो उसने उस दिन यरूशलेम आने वालों की विभिन्न भाषाओं में परमेश्वर की स्तुति करने के लिए उन्हें सक्षम किया (प्रेरितों 2:1-12) l इस आश्चर्यकर्म के द्वारा, सभी ने एक ही सन्देश सुना, चाहे उनकी राष्ट्रीयता या भाषा कोई भी थी l बाबेल की गड़बड़ी उलट दी गयी थी l
जातीय और सांस्कृतिक विभाजन के संसार में, यह शुभ सन्देश है l यीशु के द्वारा, परमेश्वर प्रत्येक राष्ट्र, जनजाति और जीभ से एक नयी मानवता का गठन कर रहा है (प्रकाशितवाक्य 7:9) l जब मैं टेट मॉडर्न में खड़ा था, मैंने उन सभी रेडियो को अचानक एक नए संकेतक के लिए स्वर अनुकूल करने और कमरे में सभी के लिए एक ही गाना बजाने की कल्पना की : “फज़ल अजीब क्या खुश इलहान(Amazing Grace, how sweet the sound) l”
सुरक्षा के गलत स्थान
जब हमारा कुत्ता रुपर्ट पिल्ला था, वह बाहर जाने से बहुत डरता था और मुझे उसे खींचकर पार्क में ले जाना पड़ता था l एक दिन उसे वहां ले जाने के बाद, मैंने मुर्खता से उसका पट्टा खोल दिया l वह बहुत तेजी से दौड़कर घर में अपने सुरक्षा के स्थान पर चला गया l
यह अनुभव मुझे एक व्यक्ति के विषय याद दिलाता है जिससे मैं विमान में मिली थी l जब हमें विमान पट्टी पर ले जाया जा रहा था वह मुझसे खेद प्रगट करने लगा l “मैं इस विमान में नशे में चूर होना चाहता हूँ,” उसने कहा l ऐसा महसूस होता है जैसे आप चाहते नहीं हैं,” मैंने जवाब दिया l “मैं नहीं चाहता हूँ,” उसने कहा, “परन्तु मैं बार-बार शराब की ओर लौटता हूँ l” उसने शराब पी ली, और सबसे दुखद भाग उसके विमान से उतरने पर उसकी पत्नी का उसे गले लगाना था, उसकी साँसे सूंघना थी, और उसके बाद उसे दूर धकेलना था l शराब पीना उसकी सुरक्षा का स्थान था, परन्तु वह बिलकुल सुरक्षित स्थान नहीं था l
यीशु ने अपना मिशन इन शब्दों से आरम्भ किया, “परमेश्वर का राज्य निकट आ गया है; मन फिराओ और सुसमाचार पर विश्वास करो” (मरकुस 1:15) l “मन फिराओ” का अर्थ है विपरीत दिशा में मुड़ना l “परमेश्वर का राज्य” हमारे जीवनों पर उसका प्रेमी शासन है l उन स्थानों पर भागना जो हमें जाल में फंसा सकते हैं, या भय और लत के अधीन होने के बदले, यीशु कहते हैं कि परमेश्वर स्वयं हम पर शासन कर सकता है, जो प्रेम से नए जीवन और स्वतंत्रता में हमारी अगुवाई करता है l
आज रुपर्ट आनंद के साथ भौंकते हुए दौड़कर पार्क में जाता है l विमान पर उस व्यक्ति के लिए मेरी प्रार्थना है कि वह सुरक्षा के अपने गलत स्थान को छोड़कर वही आनंद और स्वतंत्रता प्राप्त कर सके l
अनुग्रह द्वारा छुआ गया
लीफ एन्गर्स के उपन्यास पीस लाइक ए रिवर(Peace Like a River) में, तीन बच्चों का पिता जेरेमिया लैंड एक स्थानीय स्कूल में चौकीदार है l वह गहरे, और कभी-कभी अद्भुत विश्वास वाला व्यक्ति है l पूरे किताब में, उसका विश्वास अक्सर परखा गया है l
चेस्टर होल्डन, एक निर्दयी विचित्र स्वाभाव वाला अधीक्षक जेरेमिया के स्कूल का संचालक है l जेरेमिया के उत्कृष्ट कार्य नैतिकता के बावजूद – बिना शिकायत किये फैले हुए गंदे पानी को साफ़ करना, अधीक्षक द्वारा तोड़ी गयी बोतलों को उठाना – होल्डन चाहता है कि वह कार्य छोड़कर चला जाए l एक दिन सभी विद्यार्थियों के सामने, वह जेरेमिया पर मतवालापन का दोष लगाकर उसे नौकरी से बर्खास्त कर देता हैं l यह अपमानजनक दृश्य है l
जेरेमिया किस प्रकार उत्तर देता है? वह अन्यायपूर्ण बर्खास्तगी के लिए कानूनी कार्यवाही कर सकता था या खुद पर अभियोग लगा सकता था l वह चुपचाप अन्याय को स्वीकार करते हुए चला जा सकता था l थोड़ी देर के लिए सोचें कि आप क्या करते?
यीशु कहते हैं, “अपने शत्रुओं से प्रेम रखो; जो तुम से बैर करें, उनका भला करो l जो तुम्हें श्राप दें, उनको आशीष दो; जो तुम्हारा अपमान करें, उनके लिए प्रार्थना करो” (लूका 6:27-28) l ये चुनौती भरे शब्द बुराई से छुटकारा पाने या न्याय की प्रक्रिया को रोकने के लिए नहीं हैं l इसके बदले, एक गंभीर प्रश्न पूछकर, यह हमें परमेश्वर का अनुसरण करने का आह्वान देते हैं (पद.36) : किस तरह मैं अपने शत्रु को परमेश्वर की इच्छानुकूल व्यक्ति बनने में सहायता कर सकता हूँ?
जेरेमिया एक क्षण तक होल्डन को ध्यान से देखता है, फिर आगे बढ़कर उसके चेहरे को स्पर्श करता है l होल्डन बचाव में पीछे हटता है, उसके बाद आश्चर्य के साथ अपनी ठुड्डी और गालों को छूता है l उसकी दागदार त्वचा चंगी हो चुकी है l
अनुग्रह द्वारा एक शत्रु स्पर्श किया गया l
उपहार
लन्दन के रेंदेज्वास कॉफ़ी हाउस में खुबसूरत बत्तियाँ, आरामदायक सोफे हैं और अन्दर कॉफ़ी की खुशबू आती है l यहाँ सब कुछ मुफ्त है l एक स्थानीय कलीसिया ने इस दूकान को व्यवसाय के रूप में शुरू किया था, और एक वर्ष के बाद इस कॉफ़ी हाउस को बदल दिया गया l वहां के प्रबंधकों ने महसूस किया कि परमेश्वर उन्हें कुछ बिलकुल नया करने को बुला रहा है अर्थात् व्यंजन सूची में सब कुछ मुफ्त l वर्तमान में आप बिना कोई कीमत चुकाए कॉफ़ी, केक, अथवा सैंडविच मंगवा सकते हैं l किसी तरह का दान भी नहीं है l सब उपहार है l
मैंने प्रबंधक से पुछा कि वे इतना उदार क्यों हैं l उनका जवाब था, “जिस तरह परमेश्वर ने हमारे साथ व्यवहार किया उसी तरह हम भी लोगों के साथ व्यवहार करते हैं l वह हमारे साथ कल्पना से परे उदार है l”
यीशु हमें हमारे पापों से बचाने के लिए और परमेश्वर के साथ मेल करने के लिए मरा l वह कब्र से जी उठा और अब जीवित है l इस कारण, हमारे द्वारा किये गए गलत कार्य भी क्षमा किये जा सकते हैं, और आज हम नया जीवन पा सकते हैं (इफिसियों 2:1-5) l और इन सब के विषय सबसे आश्चर्जनक बात यह है कि ये सब मुफ्त है l हम कीमत देकर यीशु द्वारा दिया जानेवाला नया जीवन खरीद नहीं सकते l हम उसकी कीमत चुकाने के लिए कुछ दान भी नहीं दे सकते हैं (पद.8-9) l सब मुफ्त है l
रेंदेज्वास कॉफ़ी हाउस के लोग कॉफ़ी और केक परोस कर परमेश्वर की उदारता की एक झलक प्रस्तुत करते हैं l आप और मैंने भी बिना कीमत चुकाए अनंत जीवन प्राप्त किया है क्योंकि यीशु ने पूरी कीमत चुका दी है l
गुणित उदारता
शेरिल अपनी अगली पिज़्ज़ा पहुंचाते समय चकित हुयी l उसे किसी घर में पहुँचने की आशा थी, किन्तु चर्च में पहुंच गयी l शेरिल पेपरौनी पिज़्ज़ा चर्च में पहुँचा दी, जहाँ उसकी मुलाकात पास्टर से हुयी l
“क्या यह कहना उचित होगा कि तुम्हारे लिए जीवन अच्छा रहा है? पास्टर ने शेरिल से पुछा l शेरिल ने कहा कि नहीं रहा है l इसके साथ, पास्टर दो थालियाँ लेकर आये जिसे चर्च के विश्वासियों ने दान से भर दिए थे l तब पास्टर ने बख्शिश के तौर पर 750 डॉलर शेरिल के पिज़्ज़ा पहुंचाने वाले थैले में डाल दिया! शेरिल को न बताते हुए, पास्टर ने पिज़्ज़ा की दूकान से सबसे अधिक आर्थिक तंगी में रहनेवाले डेलिवरी मैन को भेजने को कहा था l शेरिल चौंक गयी l वह कई भुगतान करने में असमर्थ थी l
जब यरूशलेम के प्रथम मसीही गरीबी का सामना कर रहे थे, वह तुरंत सहायता पहुँचाने वाला एक चर्च ही था l खुद ज़रूरत में रहने के बावजूद, मेसिडोनिया के मसीही अवसर जानकर उदारता से दान दिए (2 कुरिन्थियों 8:1-4) l पौलुस ने उनकी उदारता को कुरीन्थियों और हमारे अनुसरण के लिए एक नमूना बताया l जब हम अपनी अधिकता में से दूसरों की सहायता करते हैं, हम यीशु को प्रगट करते हैं, जिसने हमारी आत्मिक गरीबी को मिटाने के लिए अपना धन त्याग दिया (पद.9) l
शेरिल ने उस दिन चर्च की उदारता अपने सभी ग्राहकों को बतायी, और, उस नमूना का अनुसरण करते हुए उस दिन की बख्शिश सभी ज़रुरतमंदों में बाँट दी l उदारता का एक कार्य गुणित हुआ l और मसीह को महिमा मिली l
परमेश्वर की चमकदार सुन्दरता
ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट के निकट लार्ड हॉवे द्वीप सफ़ेद रेत और अत्यधिक साफ़ जल का एक छोटा स्वर्ग है l कुछ वर्ष पहले जब मैं वहाँ गया था, तो वहां की खूबसूरती से चकित हुआ l यहाँ पर, कोई भी व्यक्ति बड़े कछुओं और मछलियों के संग झिलमिलाते जल में बिना किसी मेहनत के तैर सकता है, और विशेष प्रजाति की समुद्री मछलियाँ भी अपने रंग बिखेरती हुईं निकट तैरती होती हैं l उस झील में मैंने मूंगा-चट्टानों के बीच चमकदार नारंगी रंग की और ख़ास प्रजाति की मछलियाँ देखीं जो मेरे हाथों को छूना चाहती थीं l इस खूबसूरती से अभिभूत होकर मैं परमेश्वर की प्रशंसा करने के लिए विवश हुआ l
प्रेरित पौलुस मेरे प्रतिउत्तर के लिए कारण देता है l सृष्टि अपनी सबसे खूबसूरत अवस्था में परमेश्वर के स्वभाव की कुछ बातें प्रगट करती है (रोमी,1:20) l लार्ड हॉवे द्वीप ने मुझे परमेश्वर की सामर्थ्य और खूबसूरती की झलक दे रही थी l
जब परमेश्वर से नबी यहेजकेल का सामना हुआ, उसे एक प्रकाशमान व्यक्ति दिखाई दिया जो नीलम से बने सिंहासन पर बैठा था और वह सिंहासन सुहावने रंगों से घिरा हुआ था (यहेज. 1:25-28) l प्रेरित यूहन्ना को भी उसी प्रकार दिखाई दिया : परमेश्वर कीमती पत्थरों की तरह चमक रहा है, और मरकत-सा एक मेघ धनुष उसके चारों ओर है (प्रका.4:2-3) l जब परमेश्वर खुद को प्रगट करता है, वह केवल भला और सामर्थी ही नहीं खूबसूरत भी दिखायी देता है l जिस तरह एक कलाकृति अपने कलाकार को प्रगट करती है उसी तरह सृष्टि अपने सृष्टिकर्ता को दर्शाती है l
अक्सर परमेश्वर की जगह प्रकृति की उपासना होती है (रोमि. 1:25) l कितनी दुःख की बात है l इसके विपरीत, धरती का स्वच्छ जल और उसमें तैरते जलजन्तु उस सृष्टिकर्ता की ओर संकेत करते है जो संसार के सभी वस्तुओं से कहीं सामर्थी और सुन्दर है l
हमेशा धन्यवादी
ऑस्ट्रेलिया में एक शहर से दूसरे शहर तक गाड़ी से जाने में घंटों लग सकते हैं और थकान से दुर्घटना हो सकती है l इसलिए छुट्टियों के व्यस्त समयों में मुख्य राजमार्गों पर वाहन खड़ी करने के स्थान बने हुए हैं जहाँ स्वयंसेवक मुफ्त कॉफ़ी परोसते हैं l मेरी पत्नी, मेरिन और मैंने अपनी लम्बी यात्राओं में इन विश्राम स्थानों पर रुक कर इनका आनंद उठाना सीखा है l
एक बार, हम दोनों यहाँ रुक कर अपनी काफी आर्डर की l एक परिचारक ने हमें भरे हुए दो कप काफी परोसे, और फिर दो डॉलर मांगे l मेरे पूछने पर कि क्यों, उसने सुचना-पट्ट पर छोटे अक्षरों में लिखे हुए शब्दों की ओर इशारा किया l इस विश्राम स्थान पर, केवल चालकों को मुफ्त काफी परोसी जाती है; आपको सवारियों के लिए भुगतान करनी होगी l नाराज़ होकर मैंने उससे कहा कि यह झूठा विज्ञापन है, और दो डॉलर देकर चल दिया l कार में मेरिन ने मेरी गलती मुझे बतायी : मैंने एक उपहार को अधिकार समझ लिया था और जो कुछ मुझे मिला उसके लिए धन्यवादी नहीं था l वह ठीक बोल रही थी l
जब मूसा ने इस्राएलियों को प्रतिज्ञात देश में लिए चला, उसने उनसे धन्यवादी लोग बनने का आग्रह किया (व्यव. 8:10) l परमेश्वर की आशीष के लिए धन्यवाद, क्योंकि देश बहुतायत का था, किन्तु वे आसानी से इस समृद्धि को अधिकार मान सकते थे (पद.17-18) l इससे, यहूदियों ने हर एक भोजन के लिए चाहे वह कितना भी थोड़ा हो, धन्यवाद देने का अभ्यास किया l उनके लिए, वह पूरी तौर से उपहार था l
मैंने उस महिला के पास जाकर क्षमा मांगी l कॉफ़ी उपहार था जिस पर मेरा अधिकार नहीं था और जिसके लिए धन्यवाद ज़रूरी था l