
यीशु में पुनर्जीवन
लियोनार्डो दा विंची को हम अनेक गुणों का, सर्वगुणसंपन्न व्यक्ति के रूप में जानते हैं। उनके बौद्धिक कौशल ने अध्ययन और कला के कई क्षेत्रों में प्रगति की। फिर भी लियोनार्डो ने "हमारे इन दुखद दिनों" का ज़िक्र किया और अफसोस जताया कि हम "लोगों के दिमाग में अपनी कोई भी यादें छोड़े बिना" ही मर जाते हैं।
लियोनार्डो ने कहा, "जब मैंने सोचा कि मैं जीना सीख रहा हूं, मैं मरना सीख रहा था।" उसने जितना सोचा होगा, वह उससे कहीं ज्यादा सच्चाई के करीब था। मरना सीखना ही जीवन का मार्ग है। यरूशलेम में यीशु के विजयी प्रवेश के बाद (जिसे हम अब पाम संडे (खजूरों का इतवार) के रूप में मनाते हैं; यहुन्ना 12:12-19 देखें), उन्होंने कहा, "जब तक गेहूँ का दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है।परन्तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है” (पद 24)। उन्होंने यह बात अपनी मृत्यु के बारे में कही, लेकिन हम सभी को शामिल करने के लिए इसका विस्तार किया: "जो अपने प्राण को प्रिय जानता है,वह उसे खो देता;और जो इस जगत में अपने प्राण को अप्रिय जानता है; वह अनंत जीवन के लिए उस की रक्षा करेगा" (पद 25)।
प्रेरित पौलुस ने बपतिस्मा के माध्यम से मसीह के साथ हमारे "गाड़े जाने" के बारे में लिखा, जैसे मसीह पिता की महिमा के द्वारा मृतकों में से जीवित हो गए, हमे भी जीने के लिए एक नया जीवन मिला। क्योंकि अगर उनकी मृत्यु में हम उनके साथ एक हुए हैं, तो निश्चय उनके पुनरुत्थान में भी उनके साथ एक होंगे (रोमियों 6:4-5)।
अपनी मृत्यु के माध्यम से, यीशु हमें पुनर्जन्म प्रदान करते हैं - पुनर्जागरण का वास्तविक अर्थ! उन्होंने अपने पिता के साथ अनन्त जीवन का मार्ग बनाया है।

आवश्यकता से अधिक प्रेम
फ्लाइट (उड़ान) में मेरी सह यात्री ने मुझे बताया कि वह नास्तिक थी और एक ऐसे शहर में आकर बस गई थी जहाँ कई मासीहियो के घर थे । जब उसने बताया कि उसके अधिकांश पड़ोसी चर्च जाते हैं, तो मैंने उसके अनुभव के बारे में पूछा। उसने कहा कि वह उनकी उदारता का बदला कभी नहीं चुका सकती। जब वह अपने विकलांग पिता को अपने नए देश में लेकर आई, तो उसके पड़ोसियों ने उसके घर तक एक रैंप बनाया और एक अस्पताल का बिस्तर और चिकित्सा का सामान दान किया। उन्होंने कहा, "अगर मसीही होना किसी को इतना दयालु बनाता है, तो हर किसी को मसीही होना चाहिए।"
बिल्कुल वही जो यीशु को आशा थी कि वह कहेगी! उन्होंने अपने शिष्यों से कहा, "तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में बढाई करें I" (मत्ती 5:16) पतरस ने मसीह की आज्ञा सुनी और उसे आगे बढ़ाया: "अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिए कि जिन जिन बातों में वह तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं; वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें ।" (1 पतरस 2:12)
हमारे पड़ोसी जिन्हें यीशु पर विश्वास नहीं है, वे यह नहीं समझ सकते कि हम क्या विश्वास करते हैं और हम उस पर क्यों विश्वास करते हैं। परेशान मत होइए, जब तक कि वे एक और चीज़ को समझ नहीं लेते हैं: वह है हमारा आवश्यकता से अधिक प्रेम। मेरी सहयात्री को आश्चर्य हुआ कि उसके मसीही पड़ोसी उसकी देखभाल करना जारी रखते हैं, भले ही वह, उसके शब्दों में, "उनमें से एक" नहीं है। वह जानती है कि यीशु के कारण प्रेम किया गया है, और वह परमेश्वर को धन्यवाद देती है। हो सकता है कि वह अभी भी उस पर विश्वास न करती हो, लेकिन वह आभारी है कि दूसरे ऐसा करते हैं।

प्रेम का अगला कदम
एक प्रतियोगी की मदद करने के लिए किसी के लिए क्या कारण हो सकता है? विस्कॉन्सिन में एडोल्फ़ो नाम के एक रेस्तरां मालिक के लिए, यह अन्य संघर्ष करने वाले स्थानीय रेस्तरां मालिकों को कोविड नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने का अवसर था। एडोल्फ़ो को महामारी के दौरान व्यवसाय चलाने की चुनौतियों का प्रत्यक्ष ज्ञान था। एक अन्य स्थानीय व्यवसाय की उदारता से प्रोत्साहित होकर, एडोल्फ़ो ने अपने समुदाय के लोगों के लिए अपने खुद के पैसों से दो हज़ार डॉलर से अधिक के गिफ्ट कार्ड ख़रीदे ताकि वे दूसरे रेस्तरां में उपयोग कर सकें। यह प्यार की अभिव्यक्ति है जो सिर्फ शब्द द्वारा नहीं बल्कि कार्यों के द्वारा है।
मानवता के लिए अपना जीवन बलिदान करने की यीशु की इच्छा द्वारा प्रदर्शित प्रेम की अंतिम अभिव्यक्ति के आधार पर, (1 यहुन्ना 3:16), यहुन्ना ने अपने पाठकों को अगला कदम उठाने और प्रेम को कार्य में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। यहुन्ना के लिए, "अपने भाइयों और बहनों के लिए अपना प्राण देना" (पद 16) का अर्थ उसी प्रकार के प्रेम का प्रदर्शन करना था जिसका उदाहरण यीशु द्वारा दिया गया था – वह जो अक्सर रोजमर्रा की, व्यावहारिक कामों का रूप लेगा, जैसे कि सांसारिक संपत्ति साझा करना I शब्दों से प्रेम करना पर्याप्त नहीं था; प्रेम के लिए ईमानदार, सार्थक कामों की आवश्यकता होती है (पद- 18)।
प्रेम को अमल (व्यवहार) में लाना कठिन हो सकता है क्योंकि इसके लिए अक्सर व्यक्तिगत बलिदान या किसी दूसरे व्यक्ति के लिए अपने आपको नुकसान पहुँचाना पड़ सकता है। परमेश्वर की आत्मा से सक्षम होकर और हमारे प्रति उनके उदार प्रेम को याद करके, हम प्रेम का अगला कदम उठा सकते हैं।

मदद करना जैसे परमेश्वर हमारी मदद करता है
न्यूजीलैंड के ओले कासो को साइकिल चलाना बहुत पसंद था। एक सुबह, जब उसने पार्क में एक बुजुर्ग व्यक्ति को अपने वॉकर(walker) के साथ अकेले बैठे देखा, तो ओले को एक सरल विचार से प्रेरणा मिली: क्यों न बुजुर्ग लोगों को बाइक की सवारी का आनंद और स्वतंत्रता प्रदान की जाए। इसलिए, एक दिन जब धूप निकली थी, वह किराए की ट्राइशॉ (पैडल वाला हल्का तिपहिया वाहन) लेकर एक नर्सिंग होम में रुका और वहाँ लोगों को सवारी की पेशकश की। उन्हें ख़ुशी हुई जब एक स्टाफ सदस्य और एक बुजुर्ग निवासी “साइकिलिंग विदआउट ऐज(Cycling Without Age) के पहले सवार बने।
अब, बीस साल से अधिक समय के बाद, साइकिल चलाने से चूकने वालों की मदद करने के ओले के सपने ने लगभग 575,000 बुजुर्गों को 2.5 मिलियन (2.5 लाख) सवारी कराके उन्हें आशीषित किया है । कहाँ? किसी मित्र से मिलने के लिए, आइसक्रीम कोन का आनंद ले कर , और "अपने बालों में हवा को महसूस कर के ।" प्रतिभागियों का कहना है कि वे बेहतर सोते हैं, बेहतर खाते हैं और कम अकेलापन महसूस करते हैं।
ऐसा उपहार यशायाह 58:10-11 में अपने लोगों के लिए परमेश्वर के सुंदर शब्दों को जीवन से भर देता है। उन्होंने उनसे कहा, " मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करो, तब अंधियारे में तुम्हारा प्रकाश चमकेगा। और तेरा घोर अन्धकार दोपहर का सा उजियाला हो जाएगा।” परमेश्वर ने वादा किया, "और यहोवा तुझे लगातार लिए चलेगा, और काल के समय तुझे तृप्त और तेरी हडि्डयों को हरी भरी करेगा; और तू सींची हुई बारी और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता।" ।
परमेश्वर ने अपने लोगों से कहा, " तेरे वंश के लोग बहुत काल के उजड़े हुए स्थानों को फिर बसाएंगे;" (पद- 12)। वह हमारे द्वाराक्या कर सकता है? जैसे वह हमारी मदद करता है, हम हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहें।
