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विश्वास में बढ़ना

जब मैंने अपनी बागवानी शुरू किया, मैं जल्दी उठता और अपने सब्जी के बगीचे में यह देखने के लिए पहुंचता था कि कहीं कुछ अंकुरित तो नहीं हुआ l कुछ नहीं l “त्वरित उद्यान विकास” के लिए इंटरनेट पर खोजने के बाद, मुझे पता चला कि एक पौधे के जीवन काल का सबसे महत्वपूर्ण चरण उसका अंकुरण होता है l जानकर कि यह प्रक्रिया तेज नहीं किया जा सकता, मैं छोटे अंकुरों की शक्ति को सराहने लगा जो मिट्टी के भीतर से सूर्य के किरण की ओर और स्वभाविक मौसम के उनके लचीलेपन की ओर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे l कुछ सप्ताहों तक धीरज धरने के बाद ज़मीन से बाहर फूटकर निकलते हरे अंकुरों ने मेरा स्वागत किया।

कभी-कभी हमारे जीवन में जीत और विजय को देख स्तुति करना सरल होता है, इसी तरह यह स्वीकार किए बिना कि हमारे चरित्र में वृद्धि अक्सर समय और संघर्ष के द्वारा होती है l याकूब हमें समझाता है कि जब हम “नाना प्रकार की परीक्षाओं में” पड़ें “तो इसको पूरे आनंद की बात” समझें (याकूब 1:2) l परंतु परीक्षाओं के विषय आनंद की बात क्या हो सकती है?

परमेश्वर कभी-कभी हमें चुनौतियों और संघर्ष से होकर जाने देता है जिससे कि हम वैसे बन सके, जिसके लिए उसने हमें बुलाया है। वह इस प्रत्याशा में प्रतीक्षा करता है कि हम जीवन की परीक्षाओं से “पूरे और सिद्ध” हो जाएं और हममें “किसी बात की घटी न रहे” (पद.4) l यीशु में जड़वत रहकर, हम किसी भी चुनौती में दृढ़ रहते हुए, और मजबूत होते हुए और आखिरकार अपने जीवनों में आत्मा के फल को खिलने की अनुमति देते हैं (गलतियों 5: 22–23)। उसकी बुद्धि हमें प्रत्येक दिन आवश्यक्तानुसार पोषण प्रदान करती है (यूहन्ना 15:5)।

दोबारा गाएँ

ऑस्ट्रेलिया का राज्य करने वाला हनीइटर पक्षी(honeyeater bird) मुश्किल में है─वह अपना गीत खो रहा है l हालांकि, किसी समय, यह प्रचुर प्रजाति थी, अब मात्र 300 पक्षी ही बचे हैं। और इतने कम लोगों से सीखने के लिए, नर अपने अद्वितीय गीत भूल रहे हैं और साथियों को आकर्षित करने में असफल हो रहे हैं l 

धन्यवाद हो कि संरक्षणकर्ताओं के पास इन पक्षियों को बचाने की एक योजना है कि वे उनके लिए गाएँ l या फिर और सटीक तौर पर, उनको दूसरे हनीइटर पक्षियों की रिकॉर्डिंग सुनाई जाए ताकि वे पुनः अपने हृदय का गीत गा सकें l जब नर पक्षी उस स्वर को याद करके पुनः मादा पक्षियों को आकर्षित करेंगे, यह आशा की जाती है कि प्रजाति पुनः संख्या में बढ़ेगी l 

भविष्यवक्ता सपन्याह समस्या में पड़े लोगों को संबोधित करता है l उनमें इतनी अधिक भ्रष्टता के साथ, उसने घोषणा की कि परमेश्वर का न्याय आ रहा था (सपन्याह 3:1-8) l जब बाद में  गिरफ्तारी और निर्वासन के रूप में ऐसा हुआ, वे लोग भी अपना गीत भूल गए (भजन संहिता 137:4) l परंतु सपन्याह ने न्याय के परे एक काल को पहले ही देखा जब परमेश्वर इन तबाह लोगों से मिलने आएगा, उनके पाप क्षमा करेगा, और उनके लिए गाएगा : “वह तेरे कारण आनंद से मगन होगा, वह अपने प्रेम के मारे चुपका रहेगा; फिर ऊंचे स्वर से गाता हुआ तेरे कारण मगन होगा” (सपन्याह 3:17)। जिसके परिणामस्वरूप, लोगों के हृदय में वह गीत पुनः जागृत होगा (पद.14)।

चाहे हमारी अनआज्ञाकारिता या जीवन की आजमाईशों के द्वारा, हम भी अपना हृदय गीत भूल सकते हैं l परंतु हमारे ऊपर एक आवाज निरंतर क्षमा और प्रेम के गीत गा रही है। आइए उस स्वर की मधुरता को सुने और उसके साथ गाएं।

आयु मात्र एक संख्या है

तरुणावस्था किसी के लिए भी उपलब्धियाँ प्राप्त करने में रुकावट नहीं बनना चाहिए l और यह निश्चित रूप से ग्यारह वर्ष की मिकेला को भी नहीं रोक सका l मिकेला ने शिकंजी का ठेला  शुरू की अपेक्षा, शिकंजी का बड़े स्तर पर व्यापार आरम्भ किया। मी एंड द बीज़ लेमनेड (Me & the Bees Lemonade) का व्यापार उसकी दादी की बनायी एक व्यंजन विधि से आरम्भ हुयी और आख़िरकार टेलीविज़न शो शार्क टैंक(Shark Tank) में निवेशकों से $60,000 का निवेश अर्जित किया l उसने श्रृंखला(chain) के पचपन स्टोर्स पर अपनी शिकंजी बेचने के लिए एक बड़े किराना बेचनेवाले के साथ एक अनुबंध पर भी हस्ताक्षर किए l 

मिकेला की प्रबल प्रेरणा और सपने हमें पौलुस द्वारा तीमुथियुस को कहे गए शब्दों की ओर इशारा करते हैं : कोई तेरी जवानी को तुच्छ न समझने पाए”(1 तीमोथियुस 4:12)।

तीमुथियुस, यद्यपि मिकेला की तरह छोटा नहीं था, फिर भी अपनी कलीसिया के अधिकतर लोगों से काफी छोटा था । और उसे इस विषय में चिंता थी कि लोग उसकी अवमानना कर रहे हैं l साथ ही, पौलुस के साथ रहने के बाद भी, कुछ लोगों की सोच थी कि तीमुथियुस उनकी अगुवाई करने के लिए परिपक्व नहीं था l अपनी प्रामाणिकताएँ दिखाने के द्वारा स्वयं को साबित करने के लिए कहने के बजाय, पौलुस ने तीमुथियुस को आध्यात्मिक परिपक्वता का प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित किया, अपने शब्दों के उपयोग द्वारा, अपना जीवन जीने के द्वारा, अपनी मंडली से प्यार करने के द्वारा, अपने विश्वास के प्रयोग द्वारा, और यौन शुद्ध बने रहने के द्वारा (पद.12) l कोई भी उसे एक शिक्षक और पास्टर के रूप में बदनाम नहीं कर सकता था यदि वह एक ईश्वरीय उदाहरण के साथ इसका समर्थन करता था l 

हम किसी भी आयु में दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं। हम इसे दूसरों के लिए एक मसीह-केन्द्रित उदाहरण स्थापित करने के द्वारा करते हैं जब परमेश्वर हमें वह प्रदान करता है जिसकी हमें ज़रूरत है l वह हमारे जीवन को सुसमाचार

सुरक्षा की और खींचना

एक छोटी बच्ची एक छोटे उथले नाले में उतरी जिस समय उसके पिता उसे देख रहे थे l उसके रबर के जूते घुटनों तक थे l जब वह नाले के बहाव की ओर गयी, जल गहरा हो गया जब तक कि वह उसके जूते के ऊपर तक नहीं पहुँच गया l जब वह अगला कदम बढ़ा न सकी, वह चिल्लायी, “डैडी, मैं फंस गई हूं!” तीन डग पर उसके पिता उसके पास थे, और उसे खींचकर घासदार किनारे पर ला रहे थे l वह हंसी जब जूतों को झटकते समय पानी भूमि पर गिरने लगा l 

जब परमेश्वर ने भजनकार दाऊद को उसके शत्रुओं से बचाया, वह एक क्षण लेकर बैठने, “अपने जूते उतारने” और चैन को अपने प्राण के भीतर बहने दिया। उसने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए एक गीत लिखा, “मैं यहोवा को जो स्तुति के योग्य है पुकारूंगा, और अपने शत्रुओं से बचाया जाऊंगा,” उसने कहा (2 शमुएल 22:4)। उसने परमेश्वर की स्तुति अपनी चट्टान, गढ़, ढाल, और शरणस्थान के रूप में किया (पद 2-3), और फिर परमेश्वर के प्रतिउत्तर को काव्य रूप में व्यक्त करता चला : पृथ्वी हिल गयी और डोल उठी l परमेश्वर स्वर्ग को झुकाकर नीचे उतर आया l उसके सम्मुख के तेज से आग के कोयले दहक उठे l यहोवा गरजा, और मुझे गहरे जल में से खींचकर बाहर निकाला” (पद 8,10,13-15,17) l

हो सकता है कि आज आप अपने चारों तरफ विरोध का अहसास कर रहे हैं। हो सकता है कि आप पाप में फंसे हैं जो आपको आत्मिक रूप से आगे बढ़ना कठिन बना रहा है l याद करें कि कैसे अतीत में परमेश्वर ने आपकी मदद की है, और तब उसकी प्रशंसा करते हुए उससे वही काम दुबारा करने के लिए कहे! आपको अपने राज्य में लाकर बचाने के लिए उसको विशिष्ट रूप से धन्यवाद दें (कुलुस्सियों 1:13)।