श्रेणी  |  odb

उसके लायक या योग्य

अफ्रीकी कांगो में एक अंग्रेजी मिशनरी चिकित्सक हेलेन रोजवेयर को 1964 में सिम्बा विद्रोह के दौरान विद्रोहियों द्वारा कैदी बना लिया गया था l बंदी बनानेवालों ने उन्हें पीटा और उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उसने बहुत कष्ट भोगा l उसके बाद के दिनों में,  उसने खुद से पूछा, “क्या वह  इसके लायक है?”

जब वह यीशु के पीछे चलने की कीमत पर विचार करने लगी तो उसने परमेश्वर को उससे उसके विषय बात करते हुए महसूस किया l वर्षों बाद उसने एक साक्षात्कारकर्ता को समझाया, “जब विद्रोह के दौरान भयानक क्षण आए और कीमत चुकाना बहुत बड़ा लग रहा था, तो प्रभु मुझसे बात करता हुए प्रतीत हुआ, ‘प्रश्न को बदल दो l ऐसा नहीं है, ‘क्या वह लायक है?’ यह ऐसा है ‘क्या मैं उसके लायक हूँ?’” ’उसने निष्कर्ष निकाला कि दर्द के बावजूद उसने सहन किया था, “ हमेशा जवाब है हाँ, वह योग्य है l’” ’

अपने खौफनाक आजमाइश के दौरान परमेश्वर के अनुग्रह के कार्य के कारण,  हेलेन रोजवेयर ने फैसला किया कि वह उद्धारकर्ता जिसने उसके लिए मृत्यु सही, उसका अनुसरण करना योग्य था  चाहे वह जिसका भी सामना कर रही थी l उसके शब्द, “वह योग्य है” प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में यीशु के सिंहासन के चारों ओर के लोगों की पुकार की प्रतिध्वनि है l “और वे ऊंचे शब्द से कहते थे, ‘वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ्य और धन और ज्ञान के योग्य है!’” (5:12) l

हमारे उद्धारकर्ता ने दुःख उठाया और लहू बहाया और हमारे लिए मृत्यु सही, खुद को पूरी तौर से बलिदान कर दिया, ताकि हम सेंत-मेंत में अनंत जीवन और आशा प्राप्त करें l उसका सम्पूर्ण हमारे सम्पूर्ण की मांग करता है l वह योग्य है!

मृत्यु क्षेत्र

2019 में,  एक पर्वतारोही ने माउंट एवरेस्ट के शिखर से अपना अंतिम सूर्योदय देखा l वह खतरनाक चढ़ाई से बच गया, लेकिन उच्च तुंगता(high altitude) ने उसके हृदय को सिकोड़ दिया,  और नीचे दुर्गम यात्रा पथ पर उसकी मृत्यु हो गयी l एक चिकित्सा विशेषज्ञ पर्वतारोहियों को चेतावनी देते हैं कि वे अपनी यात्रा के अंत के रूप में शिखर के विषय न सोचें l याद रखते हुए कि “वे मृत्यु क्षेत्र में हैं,” उन्हें शीघ्रता से ऊपर चढ़ना और नीचे उतरना पड़ता है l 

दाऊद ने अपनी खतरनाक चढ़ाई पर बच गया l उसने शेरों और भालुओं को मार डाला,  गोलियत को मार डाला,  शाऊल के भाले और सेना को चकमा दिया, और पहाड़ का राजा बनने के लिए पलिश्तियों और अम्मोनियों को पराजित किया l

लेकिन दाऊद भूल गया कि वह मृत्यु क्षेत्र में था l अपनी सफलता के चरम पर, “जहाँ जहाँ दाऊद जाता था वहां वहां यहोवा उसको जयवंत करता था” (2 शमूएल 8:6),  उसने व्यभिचार और हत्या की l उसकी शुरुआती गलती?  वह पर्वत छोटी पर ठहर गया l जब उसकी सेना नई चुनौतियों के लिए तैयार हुई,  तो वह “यरूशलेम में रह गया” (11:1) l दाऊद ने एक बार गोलियत से लड़ने के लिए स्वेच्छा से भाग लिया था;  अब वह अपनी जीत की प्रशंसा में सुस्ताया l

जब परमेश्वर के साथ-साथ, सभी लोग, कहते हैं कि आप विशेष हैं तो उस अवस्था में अपने आपे में रहना कठिन होता है (7:11-16) l लेकिन हमें रहना चाहिए l अगर हमें कुछ सफलता मिली है,  तो हम उचित रूप से उपलब्धि का जश्न मना सकते हैं और बधाई स्वीकार कर सकते हैं,  लेकिन हमें आगे बढ़ते रहना चाहिए l हम मृत्यु क्षेत्र में हैं l पहाड़ से नीचे आइए l  विनम्रतापूर्वक घाटी में दूसरों की सेवा करें─परमेश्वर से आपके हृदय और आपके कदमों की रक्षा करने के लिए कहिये l

इंद्रधनुष प्रभामंडल

पहाड़ों में पैदल यात्रा के दौरान,  एड्रियन ने खुद को बादलों के ऊपर पाया जो सामान्य से नीचे स्तर पर थे l अपने पीछे सूरज के साथ,  एड्रियन ने नीचे देखा और न केवल अपनी छाया देखी, बल्कि एक चमकदार प्रदर्शन जिसे ब्रोकेन स्पेक्टर(Broken Spectre) के रूप में जाना जाता है l  यह घटना एक इंद्रधनुष प्रभामंडल के सदृश होता है, जो व्यक्ति की छाया को घेरे रहता है l  यह तब होता है जब सूरज की रोशनी नीचे के बादलों से दूर वापस प्रतिबिंबित होती है l एड्रियन ने इसे एक “जादुई” पल के रूप में वर्णित किया’  जिसने उसे बहुत खुशी दी l

हम अंदाजा लगा सकते हैं कि उसी प्रकार नूह के लिए पहली बार इंद्रधनुष को देखना कितनी चौंकाने वाली बात रही होगी l उसकी आंखों के लिए एक खुशी से अधिक, मुड़ा हुआ प्रकाश और उससे निकले हुए रंग परमेश्वर की ओर से एक प्रतिज्ञा के साथ आए l विनाशकारी बाढ़ के बाद, परमेश्वर ने नूह और सभी ‘जीवित शरीरधारी प्राणियों” को आश्वासन दिया,  जो तब से जीवित हैं,  कि “ऐसा जल प्रलय फिर न होगा जिससे सब प्राणियों का विनाश हो” (उत्पत्ति 9:15) l

हमारी पृथ्वी अभी भी बाढ़ और अन्य भयावह मौसम का अनुभव करती है जिसके परिणामस्वरूप दु:खद नुकसान होता है,  लेकिन इंद्रधनुष एक प्रतिज्ञा है कि परमेश्वर कभी भी संसार का न्याय विश्वव्यापी जल प्रलय से नहीं करेगा l उसकी विश्वासयोग्यता की यह प्रतिज्ञा हमें याद दिला सकती है कि यद्यपि हम व्यक्तिगत रूप से इस धरती पर व्यक्तिगत नुकसान और शारीरिक मृत्यु का अनुभव करेंगे─चाहे बीमारी,  प्राकृतिक आपदा,  गलत काम, या बढ़ती उम्र के कारण─परमेश्वर हमें उन कठिनाइयों के दौरान अपने प्यार और उपस्थिति से संभालता है l जल में होकर धूप का प्रतिबिंबित होना उन लोगों से पृथ्वी को भरना जो उसकी छवि को धारण किये हुए हैं और दूसरों को उसकी महिमा को प्रतिबिंबित करते हैं की एक ताकीद है l

पुनः फलो-फूलो

पर्याप्त धूप और पानी मिलने के कारण,  जंगली फूल कैलिफोर्निया के एंटीलोप घाटी और फिगेरोआ पर्वत के क्षेत्रों को ढंके हुए हैं l लेकिन जब सूखे की मार पड़ती है तो क्या होता है? वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि कुछ जंगली फूल अपने ढेर सारे बीज मिट्टी के नीचे संचय कर लेते हैं और उन्हें खिलने की अनुमति देने के बजाय भूमि में नीचे पहुँचा देते हैं l सूखे के बाद,  पौधे सुरक्षित बीजों का उपयोग फिर से फलने-फूलने के लिए करते हैं l

प्राचीन इस्राएली कठोर परिस्थितियों के बावजूद मिस्र की भूमि में बढ़ते और फैलते गए l दासों के मालिकों ने उन्हें खेतों में काम करने और ईंटें बनाने के लिए मजबूर किया l क्रूर निरीक्षक उनसे फिरौन के लिए पूरे शहर का निर्माण करने की अपेक्षा करते थे l मिस्र के राजा ने उनकी संख्या कम करने के लिए शिशु हत्या(infanticide) का उपयोग करने की कोशिश की l हालाँकि, कि परमेश्वर ने उन्हें जीवित रखा, “ज्यों-ज्यों वे उनको दुःख देते गए, त्यों-त्यों वे बढ़ते और फैलते चले गए” (निर्गमन 1:12) l कई बाइबल विद्वानों का अनुमान है कि इस्राएल के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की आबादी मिस्र में उनके समय के दौरान बढ़कर बीस लाख (या अधिक) हो गई l

परमेश्वर, जिसने अपने लोगों को तब सुरक्षित रखा था,  आज भी हमें संभाले हुए है l वह किसी भी वातावरण में हमारी मदद कर सकता है l हम एक और मौसम के दौरान टिके रहने की  चिंता कर सकते हैं l लेकिन बाइबल हमें आश्वास्त करती है कि परमेश्वर,  जो “मैदान के घास को, जो आज है और कल भाड़ में झोंकी जाएगी, ऐसा वस्त्र पहिनाता है” हमारी आवश्यकता को भी पूरी करेगा (मत्ती 6:30) l

दयालुता की विरासत

मार्था ने एक प्राथमिक स्कूल में एक सहायक शिक्षिका के रूप में 30 साल से ज्यादा सेवा की । हर साल, वह जरुरतमन्द बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदने के लिए पैसे बचाती थी l उसके ल्यूकेमिया(leukemia) से लड़ाई हारने के बाद, हम ने जीवन सेवा का एक उत्सव आयोजित किया । फूलों की जगह, लोगों ने उन छात्रों को जिन से वह प्यार करती और दशकों से जिनकी सेवा करती थी सौ से अधिक एकदम नए कपड़े दान किए । कई लोग उन के बारे में कहानियाँ बतायीं कि कैसे अनगिनत तरीकों से मार्था ने दूसरों को दयालु शब्दों और विचारशील कार्यों द्वारा प्रोत्साहित किया था l अनंतकाल के इस तरफ उसकी जिन्दगी खत्म होने के बाद उसके साथी शिक्षकों ने तीन वर्षों तक वार्षिक वस्त्र मुहिम चलाकर उसके स्मरण को सम्मानित किया l उसकी भलाई की विरासत आज भी उदारता से जरुरतमंदों की सेवा करने के लिए प्रेरित करती है l 

प्रेरितों 9 में, प्रेरित लूका दोरकास की कहानी साझा करता है, एक महिला जो “बहुत से भले-भले काम और दान किया करती थी” (पद.36) l बीमार होकर मरने के बाद, उस शोकित समुदाय ने पतरस को आने के लिए आग्रह किया । सारी विधवाओं ने पतरस को दिखाया कि  दोरकास किस तरह सेवा करने के लिए जीती थी (पद.39) । दया के एक आश्चर्यकर्म में, पतरस ने दोरकास को जीवित किया । दोरकास के जीवित होने की खबर फैली, और “बहुतेरों ने प्रभु पर विश्वास किया” (पद.42) । पर यह दोरकास का व्यावहारिक तरीकों से सेवा करने की प्रतिबद्धता थी जो उसके समुदाय में हृदयों को छूआ और उदार प्रेम की सामर्थ्य को प्रकट किया ।