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सुरक्षित, संरक्षित

जब मैं रोपण की तैयारी में बगीचे को साफ कर रहा था, मैंने सर्दियों के घासपात का बड़ा गुच्छा निकाला . . . और उसे हवा में उछाला! एक विषैला सांप मेरे हाथ के ठीक नीचे उस घासफूस में छिपा हुआ था . . . एक इंच नीचे और मैं गलती से उसे पकड़ सकता था l गुच्छे को उठाते समय मैंने उसके रंगीन चिह्नों को देखा; उसका बाकी हिस्सा मेरे पैरों के बीच घासफूस में कुंडलित था l
जब मेरे पैर कुछ फीट दूर जमीन से टकराए, तो मैंने परमेश्वर को धन्यवाद दिया कि मैं उसके काटने से बच गया l और मैंने सोचा कि उसने मुझे कितनी बार खतरों से बचाया था, जो मुझे कभी नहीं मालूम था कि वहां मौजूद हैं l
परमेश्वर अपने लोगों की देखभाल करता है l मूसा ने इस्राएलियों को प्रतिज्ञात देश में प्रवेश करने से पहले कहा, “और तेरे आगे आगे चलनेवाला यहोवा है; वह तेरे संग रहेगा, और न तो तुझे धोखा देता और न छोड़ देगा; इसलिए मत डर और तेरा मन कच्चा न हो” (व्यवस्थाविवरण 31:8) l वे परमेश्वर को नहीं देख सकते थे, लेकिन फिर भी वह उनके साथ था l
कभी-कभी कठिन बातें होती हैं जिन्हें हम समझ नहीं सकते हैं, लेकिन हम यह भी दर्शा सकते हैं कि ईश्वर ने हमें हमारे अवगत नहीं रहने के बावजूत हमें सुरक्षित किया है!
बाइबल हमें याद दिलाती है कि हर दिन उसके लोगों के ऊपर उसकी सिद्ध, ईश्वरकृत देखभाल बनी रहती है l वह हमेशा हमारे साथ है (मत्ती 28:20) l

सुरक्षित और शांत

उर्जा से भरपूर शिशु विद्यालय का छात्र, मेरे बेटे जेवियर ने दोपहर के आराम के समय से परहेज किया l शांत रहना अक्सर अनचाहा परिणाम, झपकी, लेकर आया, जो अति-आवश्यक था l इसलिए, वह अपनी सीट पर बैठ कर हिलता-डुलता था, सोफे पर खिसकता था, फर्श पर दौड़ता था, और यहाँ तक कि आराम से बचने के लिए पूरे कमरे में चक्कर मारता था l “माँ, मुझे भूख लगी है . . . मुझे प्यास लगी है . . . मुझे बाथरूम जाना है . . . मुझे दुलार करना है l”
निःस्तब्धता के लाभों को समझते हुए, मैं ज़ेवियर को शांत रहने में मदद करने के लिए मुझसे सटकर लेटने के लिए बुलाती थी l मेरी ओर झुककर, वह सो जाता था l
अपने आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत में, मैंने अपने बेटे के सक्रिय रहने की इच्छा पर विचार किया l व्यस्तता मुझे स्वीकृत, महत्वपूर्ण और नियंत्रण में महसूस कराया, जबकि शोर ने मुझे मेरी कमियों और आजमाइशों पर क्षुब्ध होने से ध्यान हटा दिया l आराम करने के लिए समर्पण ने मेरी कमजोर मानवता की पुष्टि की l इसलिए मैंने शांति और खामोशी से परहेज किया, और शक करने लगी कि परमेश्वर मेरी सहायता के बिना चीजों को नहीं संभाल सकता था l
लेकिन वह हमारा शरणस्थान है, चाहे कितनी भी परेशानियाँ या अनिश्चितताएँ हमें घेरे हों l आगे का रास्ता लंबा, डरावना या अभिभूत करनेवाला लग सकता है, लेकिन उसका प्यार हमें घेर लेता है l वह हमें सुनता है, हमें जवाब देता है और हमारे साथ रहता है . . . अब और हमेशा के लिए अनंत काल तक (भजन 91) l
हम परमेश्वर की शांति को गले लगा सकते हैं और उसके अचल प्रेम और निरंतर उपस्थिति में सहारा ले सकते हैं l हम शांत रहकर उसमें विश्राम पा सकते हैं क्योंकि हम उसकी अपरिवर्तनीय विश्वासयोग्यता में सुरक्षित हैं (पद.4) l

कभी हार न माने

“समय गुजरता गया l युद्ध आरम्भ हो गया l” इसी प्रकार दक्षिण सूडान के केलिको लोगों के बिशप सेमी निगो ने बाइबल को अपनी भाषा में पाने के लिए अपने चर्च के लंबे संघर्ष में देरी का वर्णन किया l एक शब्द भी, वास्तव में, केलिको भाषा में मुद्रित नहीं किया गया था l दशकों पहले, बिशप निगो के दादा ने साहसपूर्वक एक बाइबल अनुवाद परियोजना शुरू की थी, लेकिन युद्ध और अशांति प्रयास को रोकते रहे l फिर भी, उत्तरी युगांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में उनके शरणार्थी शिविरों पर बार-बार हमले के बावजूद, बिशप और साथी विश्वासियों ने परियोजना को जीवित रखा l
उनकी दृढ़ता का परिणाम दिखाई दिया l लगभग तीन दशकों के बाद, केलिको में नया नियम बाइबल शरणार्थियों को एक उत्साहपूर्ण उत्सव में दिया गया l “केलिको की प्रेरणा शब्दों से परे है,” एक परियोजना सलाहकार ने कहा l
केलिको की प्रतिबद्धता उस दृढ़ता को दर्शाती है जो परमेश्वर ने यहोशू से पूछी थी l जैसा कि परमेश्वर ने उससे कहा था, “व्यवस्था की यह पुस्तक तेरे चित्त से कभी न उतरने पाए, इसी में दिन रात ध्यान दिए रहना, इसलिए कि जो कुछ उस में लिखा है उसके अनुसार करने की तू चौकसी करे; क्योंकि ऐसा ही करने से तेरे सब काम सफल होंगे, और तू प्रभावशाली होगा” (यहोशु 1:8) l समान दृढ़ता के साथ, केलिको लोगों ने पवित्रशास्त्र के अनुवाद को जारी रखा l अब, “जब आप उन्हें शिविरों में देखते हैं, वे मुस्कुराते हुए दिखाई देते हैं,” एक अनुवादक ने कहा l बाइबल को सुनना और समझना “उन्हें आशा देता है l” केलिको लोगों की तरह, हम कभी भी पवित्रशास्त्र की शक्ति और ज्ञान की मांग को स्थगित नहीं कर सकते l

हर नई सुबह

मेरा भाई पॉल गंभीर मिर्गी(epilepsy) से जूझता हुआ बड़ा हुआ और जब वह अपनी किशोरावस्था में प्रवेश किया तो यह और भी बद्तर हो गया l रात का समय उसके और मेरे माता-पिता के लिए कष्टदायी बन गया, क्योंकि उसे एक बार में छह घंटे से अधिक समय तक लगातार दौरे का अनुभव होता था l डॉक्टरों को एक ऐसा उपचार नहीं मिल रहा था जो उसे दिन के कम से कम एक हिस्से के लिए जागरूक रखते हुए उसके लक्षणों को कम कर सकता था l मेरे माता-पिता प्रार्थना में पुकारे : “परमेश्वर, हे परमेश्वर, हमारी मदद कर!”
यद्यपि, उनकी भावनाएँ चकनाचूर हो गई थीं और उनके शरीर थक गए थे, पॉल और मेरे माता-पिता ने प्रत्येक नए दिन के लिए परमेश्वर से पर्याप्त सामर्थ्य प्राप्त की l इसके अलावा, मेरे माता-पिता को बाइबल के शब्दों में आराम मिला, जिसमें विलापगीत की किताब भी शामिल थी l यहाँ यिर्मयाह ने “नागदौने और – और विष” (3:19) को याद करते हुए बेबीलोनियों द्वारा यरूशलेम के विनाश पर अपना दुःख प्रकट किया l फिर भी यिर्मयाह ने आशा नहीं खोई l उसने परमेश्वर की दया को ध्यान में रखते हुए कहा कि उसकी दया “प्रति भोर . . . नई होती जाती है” (पद.23) l इसी तरह मेरे माता-पिता ने भी किया l
आप जिसका भी सामना कर रहे हैं, जाने कि परमेश्वर हर सुबह विश्वासयोग्य है l वह दिन-ब-दिन हमारी ताकत को नया करता है और हमें आशा देता है l और कभी-कभी, जैसे मेरे परिवार के साथ, वह राहत लाता है l कई वर्षों के बाद, एक नई दवा उपलब्ध हुई जिसने पॉल के लगातार रात के दौरे को रोक दिया, जिससे मेरे परिवार की नींद और भविष्य के लिए आशा की किरण जागी l
जब हमारी आत्माएँ हमारे भीतर दुखी हो जाती है (पद.20), तो हम परमेश्वर के वादों को ध्यान में रखें कि हर सुबह उसकी दया नई है l