
एक आनंददायक उत्सव
मेरे मित्र शेरोन का निधन मेरे मित्र डेव की किशोर बेटी मेलिस्सा की मृत्यु से एक साल पहले हुयी l वे दोनों दुखद कार दुर्घटनाओं में मारे गए थे । एक रात शेरोन और मेलिस्सा दोनों ही मेरे सपने में थे l वे खिलखिलाते और बातें करते हुए एक बड़े उत्सव हॉल में सजावट कर रहे थे और मेरे उस हॉल में प्रवेश करने पर उन्होंने मुझे अनदेखा किया l सफेद टेबल क्लोथ के साथ एक लंबी मेज पर सुनहरी प्लेटें और कटोरे सजे हुए थे l मैंने पूछा कि क्या मैं सजाने में मदद कर सकती हूँ, लेकिन वे मुझे नहीं सुने और काम करते रहे l
लेकिन फिर शेरोन ने कहा, यह पार्टी मेलिस्सा के विवाह का स्वागत समारोह है l
“दूल्हा कौन है?” मैंने पूछा l
दोनों में से किसी ने जवाब नहीं दिया, लेकिन मुस्कुराती हुयीं एक दूसरे को जानबूझकर देखा l अंत में, मुझे समझ में आया – यह यीशु है!
“यीशु दूल्हा है,” उठते समय मैं फुसफुसायी l
मेरा सपना हर्षित उत्सव की बात मन में लाता है जो यीशु में विश्वासी उसके लौटने पर एक दूसरे के साथ साझा करेंगे l यह प्रकाशितवाक्य में एक भव्य भोज के रूप में चित्रित किया है जिसे “मेम्ने के विवाह [का] भोज” संबोधित किया गया है (19:9) l यूहन्ना बपतिस्मा देनेवाला, ने जिसने मसीह के पहले आगमन के लिए लोगों को तैयार किया था, उसे “परमेश्वर का मेम्ना . . . जो जगत का पाप उठा ले जाता है” संबोधित किया था (यूहन्ना 1:29) l उसने यीशु को “दूल्हा” और खुद को “दोस्त” (बेस्टमैन/bestman की तरह) भी संदर्भित किया जो उसके लिए इंतजार कर रहा था (3:29) l
उस भोज के दिन और समस्त अनंत काल के लिए हम यीशु, हमारे दूल्हे, और शेरोन और मेलिस्सा और परमेश्वर के सभी लोगों के साथ अटूट स्थायी सहभागिता का आनंद लेंगे l

टिक-टिक करती घड़ी
श्रमिकों का एक समूह एक आइसहाउस(icehouse) में बर्फ जमा कर रहा था, जब उनमें से एक को एहसास हुआ कि उसने खिड़की रहित भवन में अपनी घड़ी खो दी है l उसने और उसके मित्रों ने इसे व्यर्थ में खोजा l
जब उन्होंने हार मान ली, तो एक युवा लड़का, जिसने उन्हें बाहर निकलते देखा था, भवन में अन्दर गया l जल्द ही, वह घड़ी के साथ बाहर आया l यह पूछे जाने पर कि उसे यह कैसे मिला, उसने जवाब दिया : ‘मैं बस बैठ गया और चुप हो गया, और जल्द ही मैं इसकी टिक-टिक सुन सकता था l”
बाइबल चुप रहने के महत्व के बारे में बहुत बात कहती है l और कोई आश्चर्य नहीं, क्योंकि परमेश्वर कभी-कभी धीमी आवाज़ में बोलता है (1 राजा 19:12) l जीवन की व्यस्तता में, उसे सुनना कठिन हो सकता है l लेकिन यदि हम इधर-उधर भागना बंद करदे और उसके साथ और पवित्रशास्त्र में कुछ समय व्यतीत करें, हम अपने विचारों में उसकी धीमी आवाज़ को सुन सकेंगे l
भजन 37: 1-7 हमें विश्वास दिलाता है कि बुरे लोगों की “दुष्ट योजनाओं” से हमें बचाने के लिए, हमें शरण देने के लिए, और हमें वफादार बने रहने में मदद के लिए, हम परमेश्वर पर भरोसा कर सकते हैं l लेकिन जब हमारे चारों तरफ अशांति है तो हम यह कैसे कर सकते हैं?
पद 7 सलाह देता है : “यहोवा के सामने चुप रह, और धीरज से उसकी प्रतीक्षा कर l” हम प्रार्थना के बाद कुछ मिनटों तक चुप रहना सीख सकते हैं l या फिर चुपचाप बाइबल पढने और शब्दों को हमारे दिलों में भीगने दें l और फिर, शायद, हम उसकी बुद्धि को शांत और स्थिर तरीके से हमसे टिक-टिक करती हुई घड़ी के समान बात करते हुए सुनेंगे l

आशा में इंतज़ार
अंग्रेजी फिल्म हची : ए डॉग्स टेल(एक कुत्ते की कहानी) में, एक कॉलेज के प्रोफेसर ने हची नाम के एक आवारा कुत्ते के साथ दोस्ती की l कुत्ते ने प्रोफेसर के काम से लौटने के लिए प्रतिदिन ट्रेन स्टेशन पर प्रतीक्षा करके अपनी वफादारी व्यक्त की l एक दिन, प्रोफेसर को एक घातक दौरा पड़ा l हची ने ट्रेन स्टेशन पर घंटों इंतजार किया, और अगले दस वर्षों के लिए वह हर दिन लौटा - अपने प्यारे मालिक का इंतजार में l
लूका शमौन नाम के एक व्यक्ति की कहानी बताता है जो अपने स्वामी (लूका 2:25) के आने का धैर्यपूर्वक इंतजार कर रहा था l पवित्र आत्मा ने शमौन को बताया कि वह तब तक मृत्यु को नहीं देखेगा जब तक कि वह मसीह(Messiah) को नहीं देख ले (पद.26) l परिणामस्वरूप, शमौन उस व्यक्ति की प्रतीक्षा करता रहा जो परमेश्वर के लोगों के लिए "उद्धार" प्रदान करेगा (पद.30) l जब मरियम और यूसुफ ने यीशु के साथ मंदिर में प्रवेश किया, तो पवित्र आत्मा शमौन को फुसफुसाया कि यह वही है! आखिरकार इंतजार खत्म हुआ! शमौन ने मसीह को अपनी बाहों में लिया – आशा, उद्धार, और सभी लोगों के लिए आराम (पद.28–32) l
यदि हम इंतज़ार के मौसम में खुद को पाते हैं, तो काश हम भविष्यवक्ता यशायाह के शब्दों को नए कानों से सुनें : “जो यहोवा की बाट जोहते हैं, वे नया बल प्राप्त करते जाएंगे, वे उकाबों के समान उड़ेंगे, वे दौड़ेंगे और श्रमित न होंगे, चलेंगे और थकित न होंगे” (यशायाह 40:31) l जब हम यीशु की वापसी का इंतजार कर रहे हैं, वह आशा और शक्ति प्रदान करता है जो हमें प्रत्येक नए दिन के लिए चाहिए l

ऊपर देखना
भेंगा (अलग-अलग आकार की आँखें) स्क्विड(एक प्रकार का जल जंतु/घोंघा) समुद्र के “गोधुली क्षेत्र” में रहता है, जहाँ सूर्य की किरणें मुश्किल से पहुँचती हैं l स्क्विड का उपनाम उसकी दो बेहद अलग आंखों के लिए एक संदर्भ है : बाईं आंख का समय के साथ विकसित होकर दाएं से काफी बड़ा हो जाना - लगभग दोगुना बड़ा l इस जंतु का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाया है कि स्क्विड अपनी दाहिनी आंख, छोटी वाली आँख का उपयोग नीचे गहरे अँधेरे में देखने के लिए करता है l बड़ी वाली, बांयी आँख से, ऊपर सूर्य की किरणों की ओर देखती है l
स्क्विड वर्तमान संसार में रहने का मतलब है और भविष्य की निश्चितता में भी हम उन लोगों के रूप में प्रतीक्षा करते हैं, जो “मसीह के साथ जिलाए गए [हैं]” का अविश्वसनीय चित्रण हैं (कुलुस्सियों 3:1) l कुलुस्सियों को लिखे गए पौलुस की पत्री में, उन्हे जोर देकर कहता है कि हमें “स्वर्गीय वस्तुओं पर [अपना] ध्यान लगाना है” क्योंकि हमारा जीवन “मसीह के साथ परमेश्वर में छिपा हुआ है” (पद. 2-3) l
पृथ्वीवासी के रूप में जो स्वर्ग में अपने जीवन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, हम अपनी वर्तमान वास्तविकता में हमारे आस-पास क्या हो रहा है, पर अपनी एक आँख प्रशिक्षित करते हैं l लेकिन जिस तरह से स्क्विड की बायीं आंख समय के साथ विकसित होती है, जो एक बड़ी और ऊपर क्या हो रहा है के प्रति संवेदनशील हो जाती है, हम, भी, परमेश्वर के आत्मिक क्षेत्र में काम करने के तरीकों के बारे में हमारी जागरूकता में वृद्धि कर सकते हैं l हम अभी तक पूरी तरह से समझ नहीं पाए हैं कि यीशु में जीवित होने का क्या मतलब है, लेकिन जब हम “ऊपर” देखते हैं, हमारी आँखें इसे अधिकाधिक देखना शुरू कर देंगी l
