
प्रत्येक को सलाहकार चाहिये
जब मैंने अपने नए पर्यवेक्षक के कार्यालय में कदम रखा, मैंने अपने आप को सावधान और भावनात्मक रूप से अनुभवहीन महसूस किया l मेरे पुराने पर्यवेक्षक ने हमारे विभाग को कठोरता और गुरूर के साथ चलाया था, और अक्सर मुझे (और अन्यों को) रोते हुए छोड़ दिया था l अब मैंने सोचा, मेरा नया बॉस कैसा होगा? जैसे ही मैंने अपने नए बॉस के कार्यालय में कदम रखा, मुझे लगा कि मेरा डर गायब हो गया था जब उन्होंने गर्मजोशी से मेरा स्वागत किया और मुझसे अपने बारे में और मेरी कुंठाओं को साझा करने के लिए कहा । उसने गौर से सुना, और मैं उनकी दयालु अभिव्यक्ति और कोमल शब्दों से जान गया कि वह वास्तव में परवाह करता था । यीशु में एक विश्वासी, वह मेरा कार्य सलाहकार, प्रोत्साहन देने वाला और मित्र बन गया ।
प्रेरित पौलुस, तीतुस के लिए एक आध्यात्मिक सलाहकार था, जो "विश्वास की सहभागिता के विचार से [उसका] सच्चा पुत्र” था (तीतुस 1:4) । तीतुस को लिखे अपने पत्र में, पौलुस ने उसे चर्च में उसकी भूमिका के लिए उपयोगी निर्देश और मार्गदर्शन दिए । उसने न केवल शिक्षा दी बल्कि आदर्श बनकर दिखाया जो “खरे उपदेश के योग्य है” (2:1), और कैसे “भले कामों का नमूना,” और “उपदेश में सफाई, गंभीरता, और . . . खराई” हो (पद.7-8) l परिणामस्वरूप, तीतुस उसका सहयोगी, भाई और सहकर्मी बन गया (2 कुरिन्थियों 2:13; 8:23) — और दूसरों का सलाहकार ।
हममें से कई लोगों ने परामर्शदाता से लाभ प्राप्त किया है - एक शिक्षक, कोच, दादा-दादी, युवा अगुवा या पास्टर से, जिन्होंने हमें अपने ज्ञान, बुद्धि, प्रोत्साहन और विश्वास के साथ मार्गदर्शन किया है । यीशु के साथ आपकी यात्रा में सीखे गए आध्यात्मिक पाठों से कौन लाभ उठा सकता है?

ट्रक ड्राईवर के हाथ
खबर भयभीत करनेवाला था l पहले से ही प्रोस्टेट(prostate) कैंसर से बच जाने के बाद, मेरे पिता को अब अग्नाशय(pancreas) के कैंसर का पता चला था । मामलों को जटिल बनाएँ, तो मेरे पिता मेरी माँ की पूर्णकालिक देखभाल करते हैं, उनकी स्वयं की पुरानी बीमारियों में सहायता करते हैं । माता-पिता दोनों को देखभाल की आवश्यकता के साथ, आगे कुछ कठिन दिन आनेवाले थे ।
उनके साथ रहने के लिए फ्लाइट से लौटने के बाद, मैं रविवार को अपने माता-पिता के चर्च गयी l वहाँ, एक व्यक्ति ने यह कहते हुए मुझसे संपर्क किया, कि वह मदद करना चाहता है । दो दिन बाद, यह आदमी एक कार्यसूची के साथ हमारे घर आया । "कीमोथेरेपी शुरू होने पर आपको कुछ भोजन की आवश्यकता होगी," उसने कहा । "मैं खाने की व्यवस्था कर दूँगा l घास कैसे काटी जाएगी? मैं कर सकता हूँ । और किस दिन आपका कूड़ा उठाया जाता है?” यह आदमी एक सेवानिवृत्त ट्रक ड्राइवर था, लेकिन हमारे लिए वह एक स्वर्गदूत बन गया । हमने पाया कि वह अक्सर दूसरों की मदद करता था जैसे अकेली माताएँ, बेघर और वृद्ध l
जबकि यीशु में विश्वासियों को दूसरों की मदद करने के लिए बुलाया गया है (लूका 10:25-37), कुछ लोगों के पास ऐसा करने की एक विशेष क्षमता होती है । प्रेरित पौलुस इसे दया का उपहार कहता है (रोमियों 12: 8)। यह उपहार प्राप्त लोग आवश्यकताओं को पहचान लेते हैं, व्यावहारिक सहायता देते हैं, और अभिभूत हुए बिना अधिक सेवा कर पाते हैं । पवित्र आत्मा द्वारा प्रेरित, ये मसीह के शरीर के हाथ हैं, जो हमारे घावों की देखभाल करते हैं (पद.4-5) ।
हाल ही में पिताजी का कीमोथेरेपी का पहला दिन था, और हमारे सहायक स्वर्गदूत ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया । उस रात मेरे माता-पिता का फ्रिज भोजन से भरा था ।
ट्रक ड्राइवर के हाथों से परमेश्वर की दया ।

यह किसके लिए है?
तस्वीर ने मुझे जोर से हंसाया । भीड़ मार्ग में खड़ी होकर झंडे लहराते हुए, और कंफ़ेद्दी(confetti) फेंकते हुए अपने राजनीतिक नेता की प्रतीक्षा कर रही थी l सड़क के बीच में एक आवारा पिल्ला टहलता हुआ, मुस्कुराता हुआ दिखाई दे रहा था मानो जयकार पूरी तरह से उसके लिए था । हाँ! प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के किसी न किसी समय में खुश होता है, और उसे इस प्रकार दिखायी देना चाहिये l
यह बहुत सुन्दर दिखता है जब एक पिल्ला “दिल जीत लेता है,” लेकिन दूसरे की प्रशंसा छीन लेना हमें नष्ट कर सकता है । डेविड यह जानता था, और उसने पानी पीने से इनकार कर दिया था जो उसके शक्तिशाली योद्धाओं ने पाने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाल दिया था । उसने उत्कंठा से कहा था कि यदि कोई बेतलहेम में कुएं से कोई पानी लाएगा तो यह बहुत अच्छा होगा । उसके तीन सैनिक उसे वस्तुतः समझ लिए l उन्होंने दुश्मन की सीमा-रेखाओं को तोड़ दिया, पानी निकाला, और उसे वापस ले गए । दाऊद उनकी भक्ति से अभिभूत था, और उसे आगे बढ़ाना था l उसने पानी पीने से इनकार कर दिया, लेकिन “यहोवा के सामने अर्घ करके उँडेला” (2 शमूएल 23:16) ।
हम प्रशंसा और सम्मान का जवाब कैसे देते हैं, हमारे बारे में बहुत कुछ कहता है । जब प्रशंसा दूसरों की ओर निर्देशित होती है, विशेष रूप से परमेश्वर, रास्ते से दूर रहें l परेड हमारे लिए नहीं है । जब सम्मान हमारी ओर निदेशित किया जाता है, तो उस व्यक्ति को धन्यवाद दें और फिर यीशु को सम्पूर्ण महिमा देते हुए उस प्रशंसा को बढ़ाएँ । "पानी" हमारे लिए भी नहीं है । धन्यवाद दीजिए, फिर उसे परमेश्वर को अर्घ करके चढ़ाएँ l

आशा का चुनाव
मैं दुनिया में उन लाखों लोगों में से एक हूं जो SAD (मौसमी आक्रमण विकार/seasonal affective disorder) से पीड़ित हैं, जो कम सर्दी के दिनों में सीमित धूप के साथ स्थानों में आम अवसाद का एक प्रकार है । जब मुझे डर लगने लगता है कि सर्दियों का जमा हुआ कोप कभी खत्म नहीं होगा, तो मैं किसी भी सबूत के लिए उत्सुक हूं कि अब और लम्बे दिन और गर्म तापमान आ रहे हैं ।
वसंत के पहले संकेत - फूल सफलतापूर्वक बर्फ में से अपने तरीके से फूट कर निकल रहे होते हैं - यह भी शक्तिशाली तरीके से मुझे याद दिलाता है कि परमेश्वर की आशा हमारे सबसे अंधकारमय मौसमों में भी दिखाई दे सकती है l भविष्यवक्ता मीका ने एक खौफनाक “सर्दी” को सहन करते हुए भी इस बात को कबूल किया जब इस्राएली परमेश्वर से दूर हो गए । जब मीका ने धूमिल स्थिति का आंकलन किया, उसने विलाप कर कहा कि “एक भी सीधा जन नहीं रहा” (मीका 7: 2) ।
फिर भी, भले ही स्थिति गंभीर दिखाई दी, फिर भी भविष्यवक्ता ने आशा छोड़ने से इनकार किया l उसे भरोसा था कि परमेश्वर काम कर रहा है (पद.7) – यद्यपि, तबाही के बीच में भी, जब वह सबूत नहीं देख सकता था l
हमारे अंधेरे और कभी-कभी अंतहीन “सर्दियों” में, जब वसंत आता दिखायी नहीं देता, तो हम मीका के समान संघर्ष का सामना करते हैं । क्या हम निराशा में हार मान लेंगे? या हम “अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर की बाट [जोहते रहेंगे]”? (पद.7) ।
ईश्वर में हमारी आशा कभी व्यर्थ नहीं जाती (रोमियों 5: 5) । वह ऐसा समय ला रहा है जहाँ "सर्दी" कभी न होगी और जिसमें कोई शोक या पीड़ा नहीं है (प्रकाशितवाक्य 21:4) । तब तक, हम कबूल करते हुए विश्राम करें, “मेरी आशा तो तेरी ओर लगी है” (भजन 39:7) l
