श्रेणी  |  odb

अफवाहों को रोकना

चार्ल्स सिमियन (1759-1836) को इंग्लैंड के कैम्ब्रिज में होली ट्रिनिटी चर्च का पास्टर नामित किए जाने के बाद उन्हें कई वर्षों तक विरोध का सामना करना पड़ा । जैसा कि मंडली में ज़्यादातर चाहते थे कि सहयोगी पास्टर को सिमियन के बजाय नियुक्त किया जाए, उन्होंने उसके बारे में अफवाहें फैलाईं और उनकी सेवा को अस्वीकार कर दिया - यहाँ तक कि कई बार उन्हें चर्च से बाहर कर दिया । लेकिन सिमियन, जो परमेश्वर की आत्मा से भरा होना चाहते थे, ने जीने के लिए कुछ सिद्धांत बनाकर बकवाद का सामना करना चाहा । किसी का अफवाहों पर विश्वास करना कभी नहीं था जब तक कि वे बिल्कुल सच नहीं थे और दूसरा "हमेशा विश्वास करना था, कि अगर दूसरे पक्ष को सुना जाता है, तो मामले का एक बहुत अलग विवरण दिया जाएगा ।"

इस अभ्यास में, सिमियन ने परमेश्वर के निर्देशों का पालन करके अपने लोगों के बकवाद और दुर्भावनापूर्ण बातचीत को रोका जो वह जानता था कि इससे वे एक-दूसरे के लिए अपने प्यार को मिटा देंगे । परमेश्‍वर के दस आज्ञाओं में से एक उनके सच्चाई से जीने की उसकी इच्छा को दर्शाता है : “तू किसी के विरुद्ध झूठी साक्षी न देना” (निर्गमन 20:16) । निर्गमन में एक और निर्देश इस आज्ञा को पुष्ट करता है : “झूठी बात न फैलाना” (23:1) ।

यह सोचें कि अगर हममें से प्रत्येक ने कभी भी अफवाहें और झूठी खबरें नहीं फैलाते हैं और अगर हम उन्हें सुनते ही उन्हें रोक देते हैं तो दुनिया कितनी अलग होगी l हम पवित्र आत्मा पर भरोसा करें कि वह हमें प्रेम में सच्चाई बोलने में मदद करे जब हम अपने शब्दों का उपयोग परमेश्वर की महिमा के लिए करते हैं ।

स्पष्ट

लेखक मार्क ट्वेन ने सुझाव दिया कि हम जीवन में जो कुछ भी देखते हैं - और हम इसे कैसे देखते हैं - हमारे अगले कदम, यहां तक ​​कि हमारे भाग्य को प्रभावित कर सकता है । जैसा कि ट्वेन ने कहा, "जब आपकी कल्पना ध्यान से बाहर होती है तो आप अपनी आँखों पर निर्भर नहीं रह सकते ।"

पतरस ने भी दृष्टि की बात कही जब उसने लंगड़ा भिखारी को जवाब दिया, एक आदमी जिसका उसने और यूहन्ना ने सुंदर (प्रेरितों 3:2) नामक व्यस्त मंदिर के फाटक पर सामना किया। जैसे ही उस व्यक्ति ने उनसे पैसे मांगे, पतरस और यूहन्ना सीधे आदमी की तरफ देखने लगे । "तब पतरस ने कहा, ‘हमारी ओर देख!’”(पद.4) ।

उसने ऐसा क्यों कहा? मसीह के राजदूत के रूप में, पतरस शायद चाहता था कि भिखारी अपनी सीमाओं को देखना बंद कर दे - हाँ, यहां तक ​​कि पैसे की अपनी जरूरत को भी देखना बंद कर दे । जब उसने प्रेरितों को देखा, उसे परमेश्वर में विश्वास होने की वास्तविकता दिखाई देगी ।

जब पतरस ने उससे कहा, “चाँदी और सोना तो मेरे पास है नहीं, परन्तु जो मेरे पास है वह तुझे देता हूँ; यीशु मसीह नासरी के नाम से चल फिर” (पद.6) l उसके बाद पतरस ने “उसका दाहिना हाथ पकड़ के उसे उठाया; और तुरंत उसके पाँवों और टखनों में बल आ गया l वह उछालकर खड़ा हो गया और चलने-फिरने लगा” और परमेश्वर की स्तुति करने लगा (पद. 7-8) l

क्या हुआ? उस व्यक्ति का परमेश्वर में विश्वास था (पद.16) । जैसा कि सुसमाचार प्रचारक  चार्ल्स स्पर्जन ने ज़ोर देकर समर्थन किया, "अपनी नज़र बस उसी पर रखो ।" जब हम ऐसा करते हैं, हम बाधाओं को नहीं देखते हैं । हम परमेश्वर को देखते हैं, जो हमारे रास्ते को स्पष्ट करता है ।

लिफ्ट की मरम्मत करना

सारा की एक दुर्लभ स्थिति है जो उसके जोड़ों के उखड़ने का कारण बनती है, जिससे वह बिजली के व्हीलचेयर पर निर्भर हो जाती है । हाल ही में एक बैठक में जाते समय, सारा अपनी व्हीलचेयर पर ट्रेन स्टेशन तक गयी लेकिन लिफ्ट टूटी हुई पाई । फिर । प्लेटफ़ॉर्म पर जाने का कोई रास्ता नहीं होने के कारण, उसे चालीस मिनट दूर दूसरे स्टेशन तक टैक्सी लेने के लिए कहा गया । टैक्सी बुलाई गई लेकिन वह नहीं आई । सारा हार मानकर घर चली गई ।

दुर्भाग्य से, यह सारा के लिए एक नियमित घटना है । टूटे लिफ्ट उसे ट्रेनों पर चढ़ने से रोकते हैं, भूली हुई चल सीढ़ियाँ उसे उतरने में असमर्थ छोड़ देती हैं । कभी-कभी रेलवे कर्मचारी सारा को सहायता की ज़रूरत के कारण परेशानी मानते हैं l वह अक्सर रोने लगती है l

मानव संबंधों को नियंत्रित करने वाले कई बाइबल नियमावलियों में से, "अपने पड़ोसी को अपने समान प्रेम रख” कुंजी है (लैव्यव्यवस्था 19:18; रोमियों 13: 8–10) । और जबकि यह प्रेम हमें झूठ बोलने, चोरी करने और दूसरों को गाली देने से रोकता है (लैव्यव्यवस्था 19:11,14), यह हमारे काम करने के तरीके को भी बदलता है l कर्मचारियों के साथ उचित व्यवहार किया जाना चाहिए (पद.13), और हम सभी को गरीबों के प्रति उदार होना चाहिए (पद.9–10) । सारा के मामले में, जो लिफ्ट को ठीक करते हैं और चल सीढ़ियों को बाहर खींचते हैं, वे असंगत कार्य नहीं करते हैं, लेकिन दूसरों को महत्वपूर्ण सेवा प्रदान करते हैं ।

अगर हम काम को केवल मजदूरी या अन्य व्यक्तिगत लाभ के साधन के रूप में मानते हैं, तो हम जल्द ही दूसरों को झुंझलाहट के रूप में मानेंगे । लेकिन अगर हम अपनी नौकरियों को प्रेम के अवसरों के रूप में मानते हैं, तो अधिकतर रोजमर्रा का काम एक पवित्र उद्यम बन जाता है ।

धोखा न खाएँ

टिड्डी एक बहुत ही सुन्दर कीट है, जिसके बाहरी पंख चित्तीदार होते हैं और उन पर पीले रंग का फैलावट होता है जो उड़ते समय चमकते हैं l लेकिन इसकी सुन्दरता थोड़ी भ्रामक है l इस कीट को फसलों के लिए आक्रामक माना जाता है, अर्थात् यह पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है l टिड्डी व्यावहारिक रूप से हरे रंग के हर हिस्से को खा जाएंगे, जिसमें गेहूं, मक्का और अन्य पौधे शामिल हैं, वे इन पौधों के रसों को चूस कर उनको बेकार कर देते हैं l 

आदम और हव्वा की कहानी में, हम एक अलग तरह के खतरे के विषय सीखते हैं l सर्प, शैतान, ने दम्पति को परमेश्वर की अवज्ञा करने और निषिद्ध फल खाने में धोखा दिया, कि वे “परमेश्वर के तुल्य हो [जाएंगे]“ (उत्पत्ति 3:1-7) l लेकिन एक सर्प की बात क्यों सुनें? क्या उसके शब्दों ने केवल हव्वा को लुभाया था, या उसके बारे में कुछ आकर्षक भी था? शैतान के विषय पवित्र शास्त्र संकेत देता है कि उसे सुन्दर बनाया गया था (यहेजकेल 28:12) l फिर भी शैतान उसी प्रलोभन से गिर गया जो उसने हव्वा को लुभाने के लिए किया था : “मैं परमप्रधान के तुल्य हो जाऊँगा“(यशायाह 14:14; यहेजकेल 28:9) l

कोई भी सुन्दरता जो आज शैतान के पास है धोखा देने के लिए उपयोग किया जाता है (उत्पत्ति 3:1; यूहन्ना 8:44; 2 कुरिन्थियों 11:14) l जैसे वह गिरा, वह दूसरों को नीचे खींचना चाहता है – या उन्हें बढ़ने से रोकता है l लेकिन हमारे पास हमारी तरफ कोई अधिक शक्तिशाली हैं! हम अपने सुन्दर उद्धारकर्ता यीशु के पास दौड़ सकते हैं l

सब दे दें जो आपके पास है

अनुमाप परिवर्तन(Scaling) l यह फिटनेस/स्वस्थता की दुनिया में उपयोग किया जाने वाला एक शब्द है जो किसी को भी भाग लेने की अनुमति देता है l यदि विशिष्ट व्यायाम एक पुश-अप है, उदाहरण के लिए, तो शायद आप एक बार में दस कर सकते हैं, लेकिन मैं केवल चार कर सकता हूँ l मेरे लिए प्रशिक्षक का प्रोत्साहन उस समय मेरी फिटनेस के स्केल के अनुसार पुश-अप्स वापस करना होगा l हम सभी एक ही स्तर पर नहीं हैं, लेकिन हम सभी एक ही दिशा में आगे बढ़ सकते हैं l दूसरे शब्दों में, वह कहेगी, “अपनी पूरी ताकत के साथ अपने चार पुश-अप्स करें l किसी और से अपनी तुलना न करें l अब गति को स्केल करें, जो आप कर सकते हैं उसे करते रहें, और आप चकित हो जाएंगे कि उतने ही समय में आप सात कर रहे हैं, और यहाँ तक कि एक दिन में, दस तक कर सकते हैं l”

जब देने की बात आती है, तो प्रेरित पौलुस स्पष्ट था : “परमेश्वर हर्ष से देनेवाले से प्रेम रखता है” (2 कुरिन्थियों 9:7) l  लेकिन कुरिन्थुस के विश्वासियों के लिए और हमारे लिए उसका  प्रोत्साहन स्केलिंग का बदलाव है l “हर एक जन जैसा मन में ठाने वैसा ही दान करे”(पद.7) l हम में से प्रत्येक अपने आप को देने के विभिन्न स्तरों पर देखते हैं, और कभी-कभी वे स्तर समय के साथ बदलते हैं l करुणा फायदेमंद नहीं है, लेकिन रवैया/व्यवहार है l आप जहाँ हैं, उसके आधार पर उदारता से दें (पद.6) l हमारे परमेश्वर ने वादा किया है कि इस तरह के हर्ष से देंनेवाले का अनुशासित अभ्यास हर तरह से एक समृद्ध जीवन के साथ समृद्धि लाता है जिसके परिणामस्वरूप “परमेश्वर का धन्यवाद” (पद.11) होता है l