मैं क्यों?
रूत विदेशी, विधवा, निर्धन थी l विश्व में उसे नाचीज़ कहा जाता-जिसका भविष्य आशाहीन था l
हालाँकि, रूत ने अपने मृत पति के एक समृद्ध सम्बन्धी, खेतों का मालिक जहां उसे सिल्ला बीनने की अनुमति मिली थी, के निगाहों में कृपादृष्टि प्राप्त की l रूत ने पूछा, “क्या कारण है कि तू ने मुझ परदेशिन पर अनुग्रह की दृष्टि करके…
घर की ओर
सी.एस. लुईस के नेमिया के इतिहास श्रृंखला में मुझे उसका कठोर छोटा बातूनी चूहा, रीपिचीप पसंद है l एस्लन सिंह [मसीह का प्रतीक] से मिलने के लिए, सुदूर पूरब जाने हेतु निश्चयी रीपिचीप अपना संकल्प बताता है : यदि मैं सक्षम रहूँगा, मैं डॉन त्रिडर से पूरब यात्रा करूँगा, उसके अक्षम होने पर, मैं अपनी छोटी नौका में पूरब जाऊँगा…
परमेश्वर का निवास स्थान
संसद सदस्य और ब्रिटिश प्रमुख, जेम्स ओग्लेथोर्प (1696-1785) के पास एक महान शहर का दर्शन था l उत्तर अमरिकी शहर जोर्जिया से प्रेरित,उसने अपने दर्शानानुसार सवन्ना बनाया l उसने कई चौराहे अभिकल्पित किये, जिसमें हरित स्थान और चर्च और दुकानों के लिए निर्धारित स्थान के साथ घरों के लिए आरक्षित स्थान थे l ओग्लेथोर्प का खयाली सोच आज सुन्दर, संगठित…
मिर्च
उप-सहारा अफ्रीका में अपने कठिन बचपन को याद करते हुए सैमुएल ने कहा, “सोने से पूर्व मेरी माँ हमें मिर्च देती थी l हम अपने मूँह को ठण्डा करने हेतु पानी पीकर पेट भर लेते थे l” यह प्रभावशाली नहीं था l”
सरकारी उथलपुथल के कारण सैमुएल के पिता को जान बचाने के लिए भागना पड़ा, जिससे केवल मेरी माँ…
महान साहित्य
हाल ही में मुझे महान साहित्य को परिभाषित करनेवाला एक लेख प्राप्त हुआ l लेखक की सलाह थी कि महान साहित्य “आपको परिवर्तित करता है l पढ़ने के बाद, आप एक भिन्न व्यक्ति हैं l”
उस दृष्टिकोण से, परमेश्वर का वचन सर्वदा महान साहित्य पुकारा जाएगा l बाइबल पठन हमें बेहतर बनाती है l बाइबल के नायक हमें साहसी और…
संतुष्ट करनेवाली रोटी
मैं प्रार्थमिक विद्यालय में प्रभु की प्रार्थना सीख लिया था l हर बार जब मैं यह पंक्ति दोहराता था, “हमारी दिन भर की रोटी आज हमें दे” (मत्ती 6:11), मैं उस रोटी को नहीं भूलता था जो हमें कभी-कभी घर में मिलती थी l केवल जब मेरे पिता दौरे से लौटते थे तब ही हमें वह रोटी मिलती थी l…
बढ़ने का समय
डेबी अपने रसोई के एक अँधेरे कोने में एक परित्यक्त पौधा देखा l धुल से भरी और फटी पत्तियाँ मोथ ऑर्किड पौधे की तरह दिखाई दे रहीं थीं, और उसने सोचा इसमें नयी पत्तियाँ और कोपलें निकलने पर वह बहुत ही खूबसूरत लगेगा l उसने उस गमले को खिड़की के निकट रख कर, मरी पत्तियाँ हटाकर उसमें अच्छी तरह जल…
क्या वह भला है?
“मैं नहीं सोचती परमेश्वर भला है,” मेरी सहेली बोली l वर्षों तक कुछ कठिन बातों के लिए प्रार्थना करने पर भी कुछ नहीं सुधरा था l परमेश्वर की चुप्पी पर उसका क्रोध और कड़वाहट बढ़ गया था l मैं जानती थी, कि वह विश्वास करती थी परमेश्वर भला है, किन्तु सतत दुःख और परमेश्वर की प्रकट अरुचि से शंकित थी…
सर्वदा उसकी देखभाल में
अनुभवी संवाददाता स्कॉट पेल्ली ज़रूरी वस्तुओं के बिना यात्रा नहीं करते - एक शोर्टवेव रेडियो, कैमरा, अटूट सूटकेस, लैपटॉप कंप्यूटर, फ़ोन, और इमरजेंसी संकेत-दीप प्रकाश जो कहीं भी कार्य करता है l “आप एंटीना खोलकर दो बटन दबाते हैं, और वह एक संकेत उपग्रह को भेजता है जो नेशनल ओशनिक एंड एटमोसफिरिक एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़ा है,” पेल्ली कहते हैं l…