परमेश्वर के सामने बराबर
छुट्टियों के दौरान, मेरी पत्नी और मैंने सुबह-सुबह बाइक की सवारी का आनंद लिया। एक रास्ता हमें करोड़ों डॉलर के घरों के बगल से ले गया। हमने विभिन्न प्रकार के लोगों को देखा--निवासियों को अपने कुत्तों को घुमाते हुए, साथी बाइक सवारों को, और कई श्रमिकों को नए घर बनाते हुए या अच्छी तरह से बनाए गए परिदृश्यों की देखभाल करते हुए। यह जीवन के सारे क्षेत्रों के लोगों का मिश्रण था और मुझे एक मूल्यवान वास्तविकता की याद आयी। हमारे बीच कोई वास्तविक भेदभाव नहीं था। अमीर या गरीब। धनवान या श्रमिक वर्ग। ज्ञात या अज्ञात। उस सुबह उस सड़क पर हम सब लोग एक जैसे थे। “धनी और निर्धन दोनों में यह समानता होती है; यहोवा उन दोनों का कर्त्ता है” (नीतिवचन 22:2) l मतभेदों के बावजूद, हम सब परमेश्वर के स्वरूप में बनाये गये हैं (उत्पत्ति 1:27)।
लेकिन और भी बहुत कुछ है। परमेश्वर के समक्ष समान होने का अर्थ भी है: भले ही हमारा आर्थिक, सामाजिक, या जातीय स्थिति कुछ भी हो, हम सब पाप स्थिति के साथ पैदा हुए हैं: “सब ने पाप किया है और परमेश्वर की महिमा से रहित हैं” (रोमियों 3:23)। हम सब उसके सामने अवज्ञाकारी और समान रूप से दोषी हैं, और हमें यीशु की ज़रूरत है।
हम अक्सर कई कारणों से लोगों को समूहों में बांट देते हैं। लेकिन, वास्तव में, हम सब मानव जाति के हिस्से हैं। और यद्यपि हम सब एक ही स्थिति में हैं—पापियों को एक उद्धारकर्ता की आवश्यकता है—हम उसके अनुग्रह से “सेंत-मेंत धर्मी ठहराए जाकर” (पद.24) (परमेश्वर के साथ सही बनाए जा सकते हैं।)

ध्यान भटकाने की इच्छा
छोटे स्क्रीन पर प्रसारित होने वाली छवियों, विचारों और सूचनाओं के निरंतर विस्फोट से थक कर मैंने अपना फ़ोन नीचे रख दिया। फिर, मैंने उसे उठाया और फिर से चालू कर दिया। क्यों?
अपनी 2013 की पुस्तक द शैलोज़(The Shallows) में, निकोलस कार ने वर्णन किया है कि कैसे इंटरनेट ने मौनता/शांति के साथ हमारे रिश्ते को आकार दिया है : “नेट जो कर रहा है वह एकाग्रता और चिंतन की मेरी क्षमता को ख़त्म कर रहा है। चाहे मैं ऑनलाइन हूं या नहीं, मेरा दिमाग अब उसी तरह से जानकारी लेने की उम्मीद करता है जैसे नेट उसे वितरित करता है : कणों की तेजी से चलती धारा में। एक समय मैं शब्दों के समुद्र में स्कूबा गोताखोर(श्वासयंत्र के साथ गोता लगानेवाला) था। अब मैं जेट स्की(पानी पर चलने वाला एक छोटा स्वचालित वाहन) पर सवार व्यक्ति की तरह सतह पर तेजी से चलता हूं।''
मानसिक जेट स्की पर जीवन बिताना स्वस्थ नहीं लगता। लेकिन हम स्थिर आत्मिक जल में गहराई से गोता लगाने के लिए, धीमे कैसे हो सकते हैं?
भजन 131 में, दाऊद लिखता हैं, “मैंने अपने मन को शान्त और चुप कर दिया है” (पद.2) l दाऊद के शब्द मुझे याद दिलाते हैं कि मेरे पास जिम्मेदारी है। आदत बदलने की शुरुआत मेरे शांत रहने के चुनाव से होता है—भले ही मुझे वह चुनाव बार-बार करना पड़े। हालाँकि, धीरे-धीरे, हम परमेश्वर के संतुष्टिदायक भलाई का अनुभव करते हैं। एक छोटे बच्चे की तरह, हम संतोष में आराम करते हैं, यह याद रखते हुए कि वह ही अकेले आशा प्रदान करता है (पद.3)—आत्मिक संतुष्टि जिसे कोई स्मार्टफोन ऐप नहीं छू सकता है और कोई सोशल मीडिया साइट प्रदान नहीं कर सकता।

परीक्षाओं पर विजय पाना
ऐनी गरीबी और दुःख में पली बढ़ी। उसके दो भाई-बहनों की मृत्यु बचपन में ही हो गयी। पाँच साल की उम्र में, एक नेत्र रोग के कारण वह आंशिक रूप से अंधी हो गई और पढ़ने या लिखने में असमर्थ हो गई। जब ऐनी आठ वर्ष की थी, तब उसकी माँ की मृत्यु टी.बी./क्षय रोग से हो गई। कुछ ही समय बाद, उसके दुर्व्यवहारी पिता ने अपने तीन जीवित बच्चों को छोड़ दिया। सबसे छोटे को रिश्तेदारों के साथ रहने के लिए भेजा गया, लेकिन ऐनी और उसका भाई, जिम्मी, सरकार द्वारा संचालित अनाथालय में चले गए। कुछ महीनों बाद जिम्मी की मृत्यु हो गई।
चौदह वर्ष की उम्र में ऐनी की परिस्थितियाँ उज्ज्वल हो गईं। उन्हें अंधों के लिए एक स्कूल में भेजा गया, जहां उनकी दृष्टि में सुधार के लिए सर्जरी हुई और पढ़ना-लिखना सीखा। यद्दपि उसे इसमें फिट होने के लिए संघर्ष करना पड़ा, फिर भी उसने शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और स्नातक की उपाधि प्राप्त की। आज हम उन्हें ऐनी सुलिवन के नाम से जानते हैं, हेलेन केलर की शिक्षिका और साथी। प्रयास, धैर्य और प्रेम के द्वारा, ऐनी ने अंधी और बहरी हेलेन को बोलना, ब्रेल पढ़ना और कॉलेज से स्नातक करना सिखाया।
यूसुफ को भी कठिन परीक्षा जीतना पड़ा : सत्रह साल की उम्र में, उसके ईर्ष्यालु भाइयों ने उसे गुलामी में बेच दिया और बाद में वह ग़लत तरीके से कैद हुआ (उत्पत्ति 37; 39-41)। फिर भी परमेश्वर ने मिस्र और उसके परिवार को अकाल से बचाने के लिए उसका उपयोग किया (50:20)।
हम सब परीक्षाओं और परेशानियों का सामना करते हैं। लेकिन जिस तरह परमेश्वर ने युसूफ और ऐनी को दूसरों के जीवन पर काबू पाने और गहरा प्रभाव डालने में मदद किया, वह हमारी सहायता और उपयोग कर सकते हैं। मदद और मार्गदर्शन के लिए उन्हें ढूंढें जो देखते और सुनते हैं।

परमेश्वर पर निर्भर हों
कुछ दोस्तों के साथ एक वाटर पार्क में, हमने हवा से भरा(inflatable) प्लेटफ़ॉर्म से बने एक तैरते बाधा मार्ग(obstacle course) को पार करने का प्रयास किया। उछाल भरे, फिसलन भरे प्लेटफार्मों ने सीधे चलना लगभग असंभव बना दिया। जब हम ढलानों, चट्टानों और पुलों के पार अपने रास्ते में लड़खड़ा रहे थे, हमने पाया कि हम चिल्ला रहे थे और हम अनजाने में पानी में गिर गए थे। एक कोर्स/मार्ग पूरा करने के बाद, मेरी सहेली, पूरी तरह से थक गई, अपनी सांस लेने के लिए एक "मीनार/टावर" पर टिक गई। लगभग तुरंत, यह उसके वजन के नीचे दब गया, जिससे वह पानी में उछलकर गिर पड़ी।
वाटर पार्क के कमजोर मीनारों/टावरों के विपरीत, बाइबल के समय में, एक मीनार रक्षा और सुरक्षा के लिए एक गढ़ था। न्यायियों 9:50-51 वर्णन करता है कि कैसे तेबेस के लोग अपने शहर पर अबीमेलेक के हमले से बचने के लिए "एक दृढ़ गुम्मट" में भाग गए। नीतिवचन 18:10 में, लेखक ने परमेश्वर कौन है का वर्णन करने के लिए एक मजबूत मीनार की छवि का उपयोग किया—वह जो उन को बचाता है जो उस पर भरोसा रखते हैं।
हालाँकि, कभी-कभी, जब हम थक जाते हैं या हार जाते हैं तो परमेश्वर की मजबूत मीनार पर झुकने की बजाय, हम सुरक्षा और समर्थन के लिए अन्य चीज़ें तलाशते हैं—करियर/जीविका, रिश्ते, या भौतिक सुख-सुविधाएँ। हम उस अमीर व्यक्ति से भिन्न नहीं जो अपने धन में ताकत तलाशता था (पद.11)। लेकिन जिस तरह हवा से भरा टावर/मीनार मेरी सहेली की मदद नहीं कर सका, उसी तरह ये चीजें हमें वह नहीं दे सकता जिसकी हमें वास्तव में आवश्यकता है। परमेश्वर—जो सर्वशक्तिमान और सारे परिस्थितियों पर नियंत्रण रखता है—वास्तविक आराम और सुरक्षा प्रदान करता है।

प्रार्थना के माध्यम से प्रेम
एलेन का बजट सीमित था, इसलिए क्रिसमस बोनस पाकर वह खुश थी। उतना काफी था, लेकिन जब उसने पैसा जमा किया तो उसे एक और आश्चर्य मिला। अकाउंटेंट ने कहा कि क्रिसमस के तोहफे के रूप में बैंक ने उसका जनवरी का लोन भुगतान उसके चेकिंग/चालू खाते में जमा कर दिया था। अब वह और ट्रे(Trey) अन्य बिलों का भुगतान कर सकते थे और किसी और को क्रिसमस का उपहार दे सकते थे!
हमारी अपेक्षा से परे हमें आशीर्वाद देने का तरीका परमेश्वर के पास है। नाओमी अपने पति और बेटों के मौत से दुखी और टूट गई थी (रूत 1:20-21)। बोअज़ ने उसके निराशाजनक स्थिति से बचाया, एक रिश्तेदार जिसने उसके बहू से विवाह किया और उसके और नाओमी के लिए एक घर प्रदान किया (4:10)।
शायद नाओमी यही उम्मीद कर सकती थी। लेकिन फिर परमेश्वर ने रूत और बोअज़ को एक पुत्र का आशीर्वाद दिया। अब नाओमी के पास एक पोता था जो उसके “जी में जी ले आनेवाला और [उसके] बुढ़ापे में पालनेवाला हो” (पद.15) । इतना ही काफ़ी होता। जैसा कि बैतलहम के महिलाओं ने कहा, "नाओमी के एक बेटा उत्पन्न हुआ है” (पद.17) l फिर छोटा ओबेद बड़ा हुआ—और “यिशै का पिता और दाऊद का दादा हुआ” (पद.17)। नाओमी का परिवार इस्राएल के शाही वंश से था, जो इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण राजवंश था! इतना ही काफ़ी होता। यद्दपि, दाऊद, यीश का पूर्वज बना।
यदि हम मसीह में विश्वास करते हैं, तो हम नाओमी के समान स्थिति में हैं। जब तक उन्होंने हमें छुटकारा नहीं दिलाया हमारे पास कुछ नहीं था। अब हम अपने पिता द्वारा पूरी रीती से स्वीकार किए गये हैं, जो हमें दूसरों को आशीर्वाद देने के लिए आशीर्वाद देते हैं। यह पर्याप्त से कहीं अधिक है।