श्रेणी  |  odb

एक नई बुलाहट

किशोर गिरोह का नेता केसी और उसके समर्थकों ने घरों और कारों में तोड़-फोड़ की, सुविधा भण्डार लूट लिए और अन्य गिरोह से लड़ाई की l आख़िरकार, केसी को गिरफ्तार किया गया और सजा सुनाई गयी l जेल में, वह “शॉट कॉलर(Shot Caller-बॉस)” बन गया, व्यक्ति जिसने दंगों के दौरान घर के बने हुए चाक़ू बांटे l 

कुछ समय बाद, उसे एकांत कारावास में रखा गया l अपने कक्ष में, केसी ने एक “चलचित्र” का अनुभव किया जिसमें उसने अपने जीवन की क्रमबद्ध घटनाओं की पुनरावृत्ति देखी──और यीशु को देखा, जिसमें उसे ले जाया जा रहा है और क्रूस पर किलों से ठोंका जा रहा है और वह कह रहा था, “मैं यह तुम्हारे लिए कर रहा हूँ l” केसी रोते हुए फर्श पर गिर गया और अपने पापों को स्वीकार किया l बाद में, उसने एक पास्टर के साथ अपने अनुभव को साझा किया, जिसने यीशु के बारे में और समझाया और उसे एक बाइबल दी l “यह मेरे विश्वास की यात्रा की शुरुआत थी,” केसी ने कहा l आख़िरकार, उन्हें मेनलाइन कैदखाने में डाल दिया गया, जहाँ कैदी स्वतंत्रता से एक दूसरे से मिल सकते थे, जहाँ उसके विश्वास के लिए उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया l लेकिन उसने शांति महसूस की, क्योंकि “[उसने] एक पवित्र बुलाहट प्राप्त की थी : दूसरे कैदियों को यीशु के विषय बताता था l”

तीमुथियुस को लिखे अपने पत्र में, प्रेरित पौलुस जीवन को बदलने की मसीह की सामर्थ्य के विषय बात करता है l परमेश्वर हमें दुराचार के जीवन से निकालकर यीशु का अनुसरण करने और उसकी सेवा करने के लिए बुलाता है (2 तीमुथियुस 1:9) l जब हम विश्वास से उसे स्वीकार करते हैं, हम मसीह के प्रेम के जीवित गवाह बनने की अभिलाषा करते हैं l पवित्र आत्मा हमें ऐसा करने के लिए सक्षम बनाता है, उस समय भी जब सुसमाचार साझा करने के अपने प्रयास में हम पीड़ा सहते हैं (पद.8) l केसी के समान , आइये हम अपनी नई बुलाहट के अनुकूल जीएँ l 

परमेश्वर आपके लिए गाता है

हमारे पहले बच्चे──एक लड़का──के जन्म के सत्रह महीने बाद, एक लड़की पैदा हुई  l मैं एक लड़की का विचार करके अत्यधिक आनंदित हुआ, लेकिन मैं थोड़ा असहज भी था, क्योंकि जब मैं छोटे लड़कों के बारे में कुछ बातें जानता था, मैं बेटियों के सम्बन्ध में अनजान था l हमने उसका नाम सारा (Sarah) रखा, और उसको हिला-डुला कर सुलाना मेरा सौभाग्य था ताकि मेरी पत्नी आराम कर सके l मुझे नहीं मालूम क्यों, लेकिन मैंने उसे गाना गाकर सुलाना शुरू किया, और गाने का चुनाव था “यू आर माई सनशाइन l” चाहे उसे अपनी बाहों में थामे हुए या उसके पालने के ऊपर झुके हुए, मैं पूरी तरह से उसके लिए गाता था, और गाने के हर क्षण का आनंद लेता था l अब वह 20 वें वर्ष में है, और मैं अभी भी उसे सनशाइन(Sunshine) बुलाता हूँ l 

हम आमतौर पर स्वर्गदूतों के गाने के बारे में सोचते हैं l लेकिन आखिरी बार आपने परमेश्वर के गायन के बारे में कब सोचा था? सही है──परमेश्वर का गायन l और इसके अलावा, आखिरी बार आपने उसको आपके लिए कब गाते सुना है? सपन्याह यरूशलेम के लिए अपने सन्देश में स्पष्ट है, “तेरा परमेश्वर यहोवा” तेरे कारण आनंद से मगन होगा, यहाँ तक कि वह “ऊंचे स्वर से गाता हुआ तेरे कारण मगन होगा” (3:17) l यद्यपि यह संदेश सीधे तौर पर यरूशलेम से बात करता है, यह संभव है कि परमेश्वर हमारे लिए भी गाता है──जिन्होंने यीशु को उद्धारकर्ता ग्रहण किया है! कौन सा गीत वह गाता है? पवित्रशास्त्र इसके सम्बन्ध में स्पष्ट नहीं है l लेकिन वह गीत उसके प्रेम से उत्पन्न हुआ है, इसलिए हम भरोसा कर सकते हैं कि यह सच्चा है और उत्कृष्ट है और सही है और पवित्र है और खूबसूरत है और प्रशंसनीय है (फिलिप्पियों 4:8) l 

क्या परमेश्वर सुन रहा है?

जब मैंने अपने चर्च की मंडलीय देखभाल टीम में सेवा की, तो मेरा एक कर्तव्य सेवाओं के दौरान पेंसिल से लिखी बेंच कार्ड्स पर दिए गए अनुरोधों पर प्रार्थना करना था l एक आंटी के स्वास्थ्य के लिए l एक जोड़े के वित्त के लिए l एक पुत्र की ईश्वर की खोज के लिए l शायद ही मैंने इन प्रार्थनाओं के परिणाम सुने l अधिकाँश अनाम थे, और मेरे पास यह जानने का कोई तरीका नहीं था कि परमेश्वर ने कैसे प्रतियुतर दी l मैं स्वीकार करता हूँ कि कई बार मुझे आश्चर्य  हुआ कि क्या वह वास्तव में सुन रहा था? क्या मेरी प्रार्थनाओं के परिणामस्वरूप कुछ हो रहा था?

हमारे जीवनकाल में, हम में से अधिकांश सवाल करते हैं, “क्या परमेश्वर मेरी सुनता है?” मुझे एक बच्चे के लिए अपनी हन्ना जैसी अनुनय याद है जो सालों तक अनुत्तरित रही l और मेरी दलीलें थीं कि मेरे पिता विश्वास किये, फिर भी बिना किसी स्पष्ट अंगीकार के उनकी मृत्यु हो गयी l 

सहस्त्राब्दियों में सर्वत्र असंख्य उदाहरण अंकित है कि परमेश्वर के कान सुनने के लिए झुके रहे : दासत्व में इस्राएलियों की कराहना सुनी (निर्गमन 2:24); सीनै पर्वत पर मूसा की सुनी (व्यवस्थाविवरण 9:19); गिलगाल में यहोशू की सुनी (यहोशु 10:14); संतान के लिए हन्ना की प्रार्थना सुनी (1 शमूएल 1:10-17); शाऊल से बचाव के लिए दाऊद की पुकार सुनी (2 शमूएल 22:7) l 

पहला यूहन्ना 5:14 उत्कर्ष है, “यदि हम उसकी इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो वह हमारी सुनता है l” शब्द “सुनता है” का मतलब ध्यान देना है और सुना गया है के आधार पर प्रत्युत्तर देना है l 

जब हम आज परमेश्वर के पास जाते हैं, हमें उसके सुनने के कान का भरोसा हो जो उसके लोगों के इतिहास में सर्वत्र पाया जाता है l

दुःख उठाने में एक उद्देश्य

“तो आप जो कह रहे हैं, यह मेरी गलती नहीं हो सकती l” उस महिला के शब्दों ने मुझे चकित कर दिया l उसके चर्च में एक अतिथि उपदेशक होने के नाते, अब हम विमर्श कर रहे थे कि मैंने उस सुबह क्या साझा किया था l “मुझे एक पुरानी बीमारी है,” उसने समझाया, “और मैं प्रार्थना, उपवास, अपने पापों को कुबूल किया, और बाकी सब कुछ किया जो चंगाई पाने के लिए मुझे करने को कहा गया था l लेकिन मैं अभी भी बीमार हूँ, इसलिए मुझे लगा कि मैं दोषी हूँ l” 

मुझे उस महिला के अंगीकार पर दुःख हुआ l अपनी समस्या को ठीक करने के लिए एक आध्यात्मिक “सूत्र” दिए जाने के बाद, जब सूत्र काम नहीं किया, तो उसने खुद को दोषी माना l इससे भी बुरी बात यह है कि पीड़ा के लिए इस सूत्रात्मक तरीके को पीढ़ियों पहले नामंजूर कर दिया गया था l 

सीधे शब्दों में कहें, तो यह पुराना सूत्र कहता है कि यदि आप पीड़ा सह रहे है, तो इसका अर्थ है कि आपने पाप किया है l जब अय्यूब ने दुखद रूप से अपने पशुधन, बच्चे, और स्वास्थ्य, खो दिया, उसके मित्रों ने उस सूत्र को उस पर उपयोग किया l “क्या तुझे मालूम है कि कोई निर्दोष भी कभी नष्ट हुआ है?” अय्यूब को दोषी समझकर, एलीपज ने कहा (अय्यूब 4:7) l बिलदद ने अय्यूब को यह भी कहा कि उसके बच्चे इसलिए मर गए क्योंकि उन्होंने पाप किये थे (8:4) l अय्यूब के दुःख के वास्तविक कारण से अज्ञान (1:6-2:10), उन्होंने उसको उसकी पीड़ा के लिए एकतरफा कारणों से संतप्त किया, जिसके लिए बाद में उनको परमेश्वर की ताड़ना मिली (42:7) l 

एक पतित संसार में पीड़ा जीवन का एक हिस्सा है l अय्यूब की तरह, यह कई कारणों से हो सकता है जो हम कभी नहीं जान पाएंगे l लेकिन परमेश्वर के पास आपके लिए एक कारण है जो आपके द्वारा सहने वाली पीड़ा के परे जाता है l एकतरफा सूत्रों में पड़कर हताश न हों l 

अलग किया हुआ

भारत की तीन-पहिया टैक्सी, जिसे “टुकटुक” या ऑटोरिक्शा” के रूप में जाना जाता है, कई लोगों के लिए परिवहन का एक सुविधाजनक और आनंदमय साधन है l चेन्नई की रहनेवाली माला को भी एहसास हुआ कि वह एक मिशन फील्ड है l एक दिन ऑटो में, उसकी मुलाकात एक मित्रवत ड्राईवर से हुई  जो धर्म के विषय बातचीत में संलग्न होने में बहुत खुश था l अगली बार, उसने खुद से कहा, वह ड्राईवर से सुसमाचार के बारे में बात करेगी l 

रोमियों की पुस्तक की शुरुआत में पौलुस द्वारा खुद को “परमेश्वर के . . . सुसमाचार के लिए अलग किया हुआ” घोषित करते हुए आरम्भ होता है (रोमियों 1:1) l “सुसमाचार” के लिए यूनानी शब्द इवेंगेलियोन(evangelion) है, जिसका अर्थ “खुश खबरी” है l पौलुस खास तौर पर कह रहा था कि उसका मूल उद्देश्य परमेश्वर का सुसमाचार बताना था l 

यह सुसमाचार क्या है? रोमियों 1:3 कहता है कि परमेश्वर का सुसमाचार उसके “पुत्र . . . के विषय है l” सुसमाचार यीशु है! यह परमेश्वर ही है जो संसार को बताना चाहता है कि यीशु हमें पाप और मृत्यु से बचाने आया, और वह हमें संप्रेषण के अपने साधन के रूप में होने के लिए चुना है l कितनी विनम्र सच्चाई!

सुसमाचार को साझा करना यीशु में सभी विश्वासियों को प्राप्त एक सुअवसर है l हमें इस विश्वास में दूसरों को बुलाने के लिए “अनुग्रह” मिला है (पद.5-6) l परमेश्वर ने हमें अपने चारों-ओर के लोगों तक सुसमाचार का यह उत्तेजक समाचार ले जाने के लिए अलग किया है, चाहे टुकटुक में या जहाँ भी हम हैं l हम भी, माला की तरह, अपने दैनिक जीवन में दूसरों को सुसमाचार जो यीशु में है बताने के अवसर ढूंढें l