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लहरों पर सवारी करना

जब मेरे पति चट्टानी समुद्र तट पर टहलते हुए क्षितिज की तस्वीरें ले रहे थे,  मैं एक बड़ी चट्टान पर बैठे हुए एक और चिकित्सा नाकामयाबी के विषय क्षुब्ध हो रही थी l हालाँकि मेरे घर लौटने पर मेरी समस्याएँ मेरा इंतजार कर रही होंगी, मुझे उस क्षण शांति की आवश्यकता थी l मैं आने वाली लहरों को घूर रही थी जो काली, नुकीली चट्टानों से टकरा रहे थे l लहर के वक्र में एक अंधेरी छाया ने मेरी आंख को अपनी ओर कर लिए l अपने कैमरे पर ज़ूम विकल्प का उपयोग करते हुए,  मैंने उस आकार को एक समुद्री कछुआ के रूप में पहचाना जो शांतिपूर्वक लहरों की सवारी कर रहा था l उसके तरणका-पाद(flippers) फैले हुए और शांत थे l अपने चेहरे को लवणयुक्त मंद हवा की ओर करके, मैं मुस्कुरायी l

”स्वर्ग में तेरे(परमेश्वर) अद्भुत काम की . . . प्रशंसा होगी”(भजन 89:5) l हमारे अतुलनीय परमेश्वर शासन करते हुए “समुद्र के गर्व को . . . तोड़ता है; जब उसके तरंग उठते हैं, तब[परमेश्वर] . . . उनको शांत कर देता है” (पद.9) l उसने “जगत और जो कुछ उस में है, उसे . . . स्थिर किया है” (पद.11) l उसने यह सब बनाया, वही सब का मालिक है, और अपनी महिमा और हमारे आनंद के लिए प्रायोजन करता है l

अपने विश्वास की नींव पर खड़े रहकर─हमारे अपरिवर्तनीय पिता का प्यार─हम “तेरे मुख के प्रकाश में [चल सकते हैं]” (पद.15) l परमेश्वर हमारे साथ सामर्थ में शक्तिशाली और अपने बर्ताव में करुणामयी बना रहता है l हम दिन भर उसके नाम में आनन्दित रह सकते हैं (पद.16) l इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमें किन बाधाओं का सामना करना पड़े या कितनी नाकामयाबियों को सहन करना पड़े, परमेश्वर हमें थामता है जब लहरें उठती और गिरती हैं l

कीमत

माइकलएंजेलो की कृतियों ने यीशु के जीवन के कई पहलुओं की खोज की,  फिर भी सबसे मार्मिक भी सबसे सरल में से एक था l 1540 के दशक में उन्होंने अपने दोस्त विट्टोरिया कोलोना के लिए एक प्रतिरूप(pieta) बनाया (यीशु की माँ की एक तस्वीर जिसमें वह मृत मसीह की शरीर को सम्भाली हुई है) l चाक(खड़िया) से बनाया गया, चित्रकारी दर्शाता है कि मरियम अपने पुत्र के शांत रूप को गोद में लिए हुए आकाश की ओर निहार रही है l मैरी के पीछे क्रूस का खड़ा हिस्से, के ऊपर दान्ते(Dante) के पैराडाइस(Paradise)  से ये शब्द अंकित हैं, “वहां वे नहीं सोचते हैं कि कितने रक्त की ज़रूरत है l” माइकल एंजेलो की बात कितनी सच थी : जब हम यीशु की मृत्यु पर विचार करते हैं,  तो हमें उसकी कीमत पर विचार करना चाहिए l

मसीह द्वारा भुगतान की गई कीमत उसकी मृत्‍यु घोषणा में अंकित है, “पूरा हुआ” (यूहन्ना 19:30) l “पूरा हुआ”(tetelestai) के लिए शब्द कई तरीकों से उपयोग किया जाता था"─यह दिखाने के लिए कि एक बिल का भुगतान किया गया था, एक कार्य पूरा हुआ, एक बलिदान चढ़ाया गया, एक श्रेष्ठकृति पूरी हुई l यीशु ने क्रूस पर हमारे पक्ष में जो किया वह उपरोक्त  सभी बातों पर लागू होता है! शायद इसीलिए प्रेरित पौलुस ने लिखा, “पर ऐसा न हो कि मैं अन्य किसी बात का घमण्ड करूँ, केवल हमारे प्रभु यीशु मसीह के क्रूस का, जिसके द्वारा संसार मेरी दृष्टि में और मैं संसार की दृष्टी में क्रूस पर चढ़ाया गया हूँ” (गलातियों 6:14) l

हमारी जगह लेने की यीशु की इच्छा इस बात का शाश्वत प्रमाण है कि परमेश्वर हमसे कितना प्यार करता है l जब हम उसके द्वारा चुकाई गयी कीमत पर विचार करते हैं, हम उसके प्यार का जश्न भी मनाएँ─और क्रूस के लिए धन्यवाद दें l

“अत्यधिक मददगार”

क्रिश्चियन रेडियो स्टेशन पर कॉल करने वाले ने कहा कि उसकी पत्नी सर्जरी के बाद अस्पताल से घर आ रही थी l फिर उसने कुछ ऐसा साझा किया जो मेरे हृदय से गहराई से बात की :  “हमारे चर्च परिवार में हर कोई इस दौरान हमारी देखभाल करने में अत्यंत मददगार रहा है l

जब मैंने यह सरल कथन सुना,  तो इसने मुझे मसीही आतिथ्य और देखभाल के मूल्य और आवश्यकता की याद दिला दी l मैं सोचने लगा कि एक दूसरे के लिए सह विश्वासियों का प्यार और समर्थन,  सुसमाचार की जीवन-बदलनेवाली सामर्थ्य को प्रदर्शित करने का सबसे बड़ा तरीका है l

पहले पतरस में,  प्रेरित पहली शताब्दी कलीसियाओं में जो वर्तमान में तुर्की देश है प्रसारित करने हेतु एक पत्र लिख रहा था l उस पत्र में,  उसने अपने पाठकों को ऐसा कुछ करने के लिए विवश किया जिसके विषय उसके मित्र पौलुस ने रोमियों 12:13 में लिखा था : “पहुनाई करने में लगे रहो l” पतरस ने कहा, “एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो . . . अतिथि सत्कार करो,” और उसने  उनसे कहा कि परमेश्वर द्वारा प्रदत्त वरदानों का उपयोग “दूसरे की सेवा” करने में करो (1 पतरस 4:8-10) l यीशु के सभी विश्वासियों के लिए ये स्पष्ट निर्देश हैं कि हमें साथी विश्वासियों के साथ कैसा व्यवहार करना है l

हम सभी लोग उस फोन करने वाले की पत्नी के समान लोगों को जानते हैं─वे जिनके पास किसी के आने और ख्रीस्तीय देखभाल दिखाने की ज़रूरत है l परमेश्वर की सामर्थ्य में,  हम उन लोगों के समान हो जाएँ जो “अत्यधिक मददकार” होने के लिए जाने जाते हैं l

बुद्धिमत्ता से निराई

मेरे नाती-पोते मेरे पिछवाड़े में चारों ओर दौड़ लगा रहे हैं l खेल खेल रहे हैं? नहीं, घासपात निकाल रहे हैं l "उन्हें जड़ से खींचकर निकाल रहे हैं!” मुझे एक भारी लूट(घासपात) दिखाते हुए, सबसे छोटी ने कहा l जब हम घासपात निकल रहे थे उसका आनंद उस दिन यह था कि हम घासपात के जड़ निकालने में कितना आनंद ले रहे थे─हर एक परेशान करने वाले कष्टकारी वस्तु को निकाल देना l हालांकि, खुशी से पहले, उनके पीछे लग जाने का विकल्प l
व्यक्तिगत पाप को दूर करने के लिए साभिप्राय निराई करना भी पहला कदम है l इसलिए, दाऊद ने प्रार्थना की : “हे परमेश्वर, मुझे जाँचकर जान ले” . . . और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं” (भजन 139:23-24) l
कितना बुद्धिमान दृष्टिकोण, परमेश्वर से अपने पापों को दिखाने के लिए कहते हुए उनको खोजना l वह जो सबके ऊपर है हमारे बारे में सब कुछ जानता है l “हे यहोवा, तू ने मुझे जाँचकर जान लिया है,” भजनकार लिखता है l “तू मेरा उठाना बैठना जानता है; और मेरे विचारों को दूर ही से समझ लेता है” (पद.1-2) l
“यह ज्ञान,” दाऊद आगे कहता है, “मेरे लिए बहुत कठिन है” (पद.6) l किसी पाप के जड़ पकने से पूर्व, इसलिए, परमेश्वर हमें खतरे के बारे में सचेत कर सकता है l वह हमारे “”भूदृश्य(landscape)” को जानता है l इसलिए जब एक गुप्त पापी रवैया जड़ लेने की कोशिश करता है, तो वह इसे सबसे पहले जान जाता है और इंगित करता है l
“मैं तेरी आत्मा से भागकर किधर जाऊँ,” दाऊद ने लिखा l “तेरे सामने से किधर भागूँ?” (पद.7) l हम अपने उद्धारकर्ता का उच्च भूमि पर निकट से अनुसरण करें!