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उपस्थित रहना

जब मनोरंजन उद्यान(theme park) के कर्मचारी जेन ने रोहित को अचानक जमीन पर झुककर आंसू बहाते देखा, तो वह मदद के लिए दौड़ी । रोहित, स्वलीनता(Autism-एक प्रकार की बीमारी) से पीड़ित एक युवा लड़का था जो सिसक रहा था, क्योंकि वह जिस झूले का आनंद लेने के लिए दिन भर इंतजार किया था वह टूट गया था l उसे अपने पैरों पर जल्दी खड़ा होने में मदद करने या उसे बेहतर महसूस करने का आग्रह करने के बजाय, जेन उसकी भावनाओं की पुष्टि करने और उसे रोने का समय देते हुए. रोहित के साथ बैठ गयी l

जेन की क्रियाएं इस बात का एक सुंदर उदाहरण हैं कि हम उन लोगों के साथ कैसे खड़े हो सकते हैं जो दुःखी या पीड़ित हैं । बाइबल हमें अय्यूब के घर की हानि, उसके पशुओं के झुण्ड(उसकी आय), उसका स्वास्थ्य, और उसके दस बच्चों की एक साथ हुई मौत के बाद उसके गंभीर दुःख के बारे में बताती है l जब अय्यूब के मित्रों को उसकी पीड़ा का पता चला, तो “वे आपस में यह ठानकर कि हम अय्यूब के पास जाकर . . .  उसको शांति देंगे, अपने अपने यहाँ से उसके पास चले” (अय्यूब 2:11) l अय्यूब शोक में धरती पर बैठ गया l जब वे पहुंचे, तो उसके मित्र — सात दिनों तक — उसके साथ निशब्द बैठे रहे क्योंकि उन्होंने उसके दुख की गहराई देखी ।

बाद में, अपनी मानवता में, अय्यूब के मित्रों ने उसे असंवेदनशील सलाह दी । लेकिन पहले सात दिनों के लिए, उन्होंने उसे उपस्थिति का शब्दहीन और कोमल उपहार दिया । हम शायद किसी के दुःख को नहीं समझ सकेंगे, लेकिन हमें केवल उनके साथ रहकर उन्हें अच्छी तरह से प्यार करने के लिए समझने की आवश्यकता नहीं है ।

अपना सर्वोत्तम देना

जैसे ही हमने एक स्थानीय बेघर लोगों के आश्रय में प्रवेश किया, हमने दान किए गए जूतों के ढेर को देखा । निर्देशक ने हमारे युवा समूह को इस्तेमाल किए गए जूते के ढेर को छांटने के लिए आमंत्रित किया था । हमने सुबह का समय जूतों की जोड़ी मिलाने और उनको फर्श पर सिलेवार से पंक्तियों में लगाने में बिताया l दिन के अंत में, हमने आधे से अधिक जूते फेंक दिए क्योंकि वे ख़राब थे और दूसरों के उपयोग के लायक नहीं थे । हालांकि आश्रय लोगों को खराब गुणवत्ता वाली वस्तुओं को देने से रोक नहीं सकता था, लेकिन उन्होंने उन जूतों को वितरित करने से इनकार कर दिया जो खराब स्थिति में थे ।

इस्राएलियों ने भी परमेश्वर को अपने क्षतिग्रस्त माल देने के साथ संघर्ष किया । जब उसने नबी मलाकी के द्वारा बात की, तो उसने अंधे, लंगड़े, या रोगग्रस्त पशुओं की बलि देने के लिए इस्राएलियों को फटकार लगाई जब उनके पास बलि देने के लिए मजबूत जानवर थे (मलाकी 1:6–8) । उसने अपनी नाराजगी जतायी (पद.10), अपनी योग्यता/पात्रता की पुष्टि की, और इस्राएलियों को अपने लिए सबसे अच्छा रखने के लिए फटकार लगाई (पद.14) । लेकिन परमेश्वर ने उद्धारकर्ता(Messiah) भेजने का वादा किया, जिसका प्यार और अनुग्रह उनके हृदयों को रूपांतरित और उन्हें भेंट लाने की उनकी इच्छा को प्रज्वलित करने वाला था जो उसे सुखदायक लगनेवाला था (3:1-4) ।

कई बार, यह परमेश्वर को अपना बचा हुआ(leftovers) देने का प्रलोभन हो सकता है । हम उसकी प्रशंसा करते हैं और उससे अपेक्षा करते हैं कि वह हमें अपना सब कुछ दे, फिर भी हम उसे हमारे टुकड़ों की पेशकश करते हैं । जब हम सब कुछ पर विचार करते हैं जो परमेश्वर ने किया है, तो हम उसकी योग्यता/काबिलियत का जश्न मनाने और उसे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए आनन्दित हों l

फिर से मीठा

रूसी शादी के रीति-रिवाज सुंदरता और महत्व से भरे हुए हैं । ऐसा ही एक रिवाज स्वागत समारोह के दौरान होता है क्योंकि प्रबंधक जोड़े के सम्मान में मदिरा प्रस्तावित करता है । हर कोई अपने उठाए हुए गिलास से एक घूंट लेता है और फिर चिल्लाता है, “गोरको! गोरको!" मतलब “कड़वा! कड़वा!" जब मेहमान यह शब्द चिल्लाते हैं, नवविवाहित जोड़ा उठकर मदिरा को पुनः मीठा करने के लिये एक दूसरे को चुम्बन करते हैं l 

यशायाह भविष्यवाणी करता है कि उजाड़, विध्वंस, और पृथ्वी पर अभिशाप (अध्याय 24) का कड़वा पेय एक नए स्वर्ग और नई पृथ्वी की प्यारी आशा को रास्ता देगा (अध्याय 25) । परमेश्वर स्वादिष्ट भोजन और बेहतरीन और मीठे पेय की दावत तैयार करेगा । यह सभी लोगों के लिए नित्य आशीर्वाद, परिपूर्णता और प्रबंध का भोज होगा (25:6) । अभी और है । धर्मी राजा के शासनकाल में, मौत समाप्त हो गया है, कड़वे आँसू पोंछे जा चुके हैं, और अपमान का कफन हटा दिया गया है (पद.7-8) । और उसके लोग आनन्दित होंगे क्योंकि जिस पर उन्होंने भरोसा किया था और जिसका इंतजार किया था वह उद्धार देगा और जीवन के कड़वे प्याले को फिर से मीठा कर देगा (पद.9) ।

एक दिन, हम मेमने के विवाह में यीशु के साथ होंगे l जब वह अपनी दुल्हन (कलीसिया) का घर में स्वागत करेगा, तो यशायाह 25 की प्रतिज्ञा पूरी होगी l जीवन जो एक समय कड़वा था   एक बार फिर से मीठा बनाया जाएगा ।

श्वास और संक्षिप्तता

मेरी माँ, मेरी बहनें, और मैंने पिताजी के बिस्तर के निकट इंतजार किया क्योंकि उनकी साँसें समाप्त होने तक उथली और कम होती गई l पिताजी नवासी वर्ष से कुछ ही दिन कम थे,  जब वह इस जीवन के पार शांति से चले गए, जहाँ परमेश्वर उनकी प्रतीक्षा कर रहा था l उनका जाना हमें एक शून्य के साथ छोड़ गया जहां वह एक समय रहते थे और हमें याद दिलाने के लिए केवल यादें और स्मृति चिन्ह थे । फिर भी हमें उम्मीद है कि एक दिन हम फिर से मिलेंगे ।

हमारे पास वह आशा है क्योंकि हम मानते हैं कि पिताजी परमेश्वर के साथ हैं, जो उन्हें जानता है और उनसे प्यार करता है । जब पिताजी ने अपनी पहली सांस ली, तब परमेश्वर उनके फेफड़ों में सांस भर रहा था (यशायाह 42:5) । फिर भी उनके पहले और बीच में हर सांस के साथ, परमेश्वर पिताजी के जीवन के प्रत्येक विवरण में अंतरंग रूप से शामिल था, जैसे वह आपके और मेरे में है l यह परमेश्वर था जिसने उन्हें गर्भ में अद्भुत रूप से अभिकल्पित किया था और एक साथ "बुना" था (भजन 139: 13-14) । और जब पिताजी ने अपनी अंतिम सांस ली, तो परमेश्वर की आत्मा वहाँ थी, उसे प्यार से पकड़कर अपने साथ ले जा रही थी (पद.7-10) l

परमेश्वर के सभी बच्चों के लिए भी यही सच है । वह पृथ्वी पर हमारे संक्षिप्त जीवन का प्रत्येक क्षण जानता है (vv। 1-4) । हम उसके लिए अनमोल हैं । शेष प्रत्येक दिन और उससे आगे के जीवन की प्रत्याशा में, उसकी प्रशंसा करने के लिए "जितने भी प्राणी हैं” सब के सब याह की स्तुति करें l “याह की स्तुति करो l”