
अपनी भूमिका निभाना
जब मेरी दो पोतियों ने एलिस इन वंडरलैंड जूनियर में भूमिका के लिए कोशिश की जो कि बच्चों की एक अग्रेजी पुस्तक पर आधारित है, तो उनके मन में था कि उन्हें अग्रणी भूमिका मिल जाए l लेकिन उन्हें फूल बनने के लिए चुना गया था । पूरी तरह से बड़ी भूमिका नहीं l
फिर भी मेरी बेटी ने कहा कि वे अपने दोस्तों के लिए उत्साहित थीं जिन्हें [प्रमुख भूमिकाएँ] मिलीं । उनका आनंद उनके दोस्तों के लिए अधिक उत्साहजनक और उनके उत्साह में साझेदारी थी ।”
मसीह के शरीर में हमारी एक-दूसरे के साथ बातचीत कैसी होनी चाहिए, इसकी एक बेहतरीन तस्वीर! प्रत्येक स्थानीय चर्च के पास वह है जिन्हें प्रमुख भूमिकाएं मानी जा सकती हैं । लेकिन इसमें फूलों की भी जरूरत होती है - जो महत्वपूर्ण कार्य करते हैं लेकिन उच्च-प्रोफ़ाइल कार्य नहीं करते हैं । यदि दूसरों को वे भूमिकाएँ मिलती हैं जो हमारी इच्छा थी, तो हम उन्हें प्रोत्साहित करने का विकल्प चुन सकते हैं, जब हम ईश्वर द्वारा हमें दी गई भूमिकाओं को पूरी लगन से पूरा करते हैं ।
वास्तव में, दूसरों की मदद करना और उन्हें प्रोत्साहित करना उसके(यीशु) लिए प्यार दिखाने का एक तरीका है । इब्रानियों 6:10 कहता है, “परमेश्वर अन्यायी नहीं कि तुम्हारे काम और उस प्रेम को भूल जाए, जो तुम ने उसके नाम के लिए इस रीति से दिखाया, कि पवित्र लोगों की सेवा की l” और उनके हाथ से कोई उपहार महत्वहीन नहीं है : “जिसको जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भंडारियों के समान एक दूसरे की सेवा में लगाए” (1 पतरस 4:10) ।
महज एक प्रोत्साहित करनेवाली कलीसिया की कल्पना करें जो अपने ईश्वर प्रदत्त उपहारों को परिश्रम के साथ उसके सम्मान के लिए उपयोग करती है (इब्रानियों 6:10) l अब यह खुशी और उत्साह का सृजक है l

लोग भूल जाते हैं
एक महिला ने अपने पास्टर से शिकायत की कि उसने उनके धर्मोपदेशों में बहुत दोहराव देखा है । "आप ऐसा क्यों करते हैं”? उसने प्रश्न क्या l उपदेशक ने उत्तर दिया, "लोग भूल जाते हैं।"
हमारे भूलने के अनेक कारण हैं - समय, उम्र में बढ़ना, या बस व्यस्त होने के कारण । हम पासवर्ड, लोगों के नाम भूल जाते हैं, या यहां तक कि जहां हमने अपनी कार पार्क की थी l मेरे पति कहते हैं, "केवल इतना ही मैं अपने मस्तिष्क में रख सकता हूं । मुझे कुछ नया याद करने से पहले कुछ हटाना होगा ।”
उपदेशक सही था । लोग भूल जाते हैं । इसलिए हमें अक्सर याद दिलाने के लिए ताकीद की ज़रूरत है कि परमेश्वर ने हमारे लिए क्या किया है । इस्राएलियों में उसी तरह की प्रवृत्ति थी । यहां तक कि उनके द्वारा देखे गए कई चमत्कारों के बावजूद, उन्हें अभी भी उसकी देखभाल की याद दिलाने की आवश्यकता थी । व्यवस्थाविवरण 8 में, परमेश्वर ने इस्राएलियों को याद दिलाया कि उन्हें जंगल में भूख का अनुभव करने दी गयी, लेकिन फिर हर दिन उनके लिए एक अद्भुत सुपरफूड दिया गया - मन्ना । उसने ऐसे कपड़े दिए जो कभी नहीं पुराने हुए l उसने जंगल में उनका नेतृत्व किया जहाँ साँप और बिच्छू थे और एक चट्टान से पानी पिलाया l उन्होंने विनम्रता सीखी, क्योंकि उन्हें एहसास हुआ कि वे किस प्रकार परमेश्वर की देखभाल और प्रावधान पर पूरी तरह से निर्भर थे (पद.2–4, 15-18) ।
परमेश्वर की विश्वसनीयता “पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है” (भजन 100: 5) । जब भी हम अपने आप को भूलते हुए पाते हैं, हम उन तरीकों के बारे में सोच सकते हैं जैसे उसने हमारी प्रार्थनाओं के उत्तर दिए हैं, और यह हमें उसकी अच्छाई और भरोसेमंद वादों की याद दिलाता है ।

परमेश्वर पर परिणाम छोड़ दें
वर्षों पहले, मुझे विश्वविद्यालय के एक छात्रावास में रहनेवालों से बात करने के लिए आमंत्रित किया गया था । वे असभ्य व्यवहार के लिए प्रसिद्ध थे इसलिए मैं समर्थन के लिए एक दोस्त को साथ ले गया था । वे एक जश्न मनाने के मूड में थे, क्योंकि उन्होंने अभी-अभी एक फुटबॉल चैम्पियनशिप जीता था । रात के खाने में, अराजकता का प्रभाव था! आखिरकार, छात्रावास के अध्यक्ष ने घोषणा की : "यहां दो लोग हैं जो ईश्वर के बारे में बात करना चाहते हैं ।"
मैं रबड़ के समान शक्तिहीन टांगों पर खड़ा हुआ, और उन्हें ईश्वर के प्रेम के बारे में बताने लगा, और कमरा शांत हो गया । आनन्दमय ध्यानाकर्षण दिखायी दिया l उसके बाद एक जोरदार और ईमानदार प्रश्नोत्तरी का समय आया l बाद में, हमने वहाँ बाइबल अध्ययन शुरू किया और बाद के वर्षों में कईयों ने यीशु में उद्धार पाया ।
मैं ऐसे कई दिनों को याद करता हूँ जब मैंने “शैतान को बिजली के समान स्वर्ग से गिरा हुआ देखा” (लूका 10:18), लेकिन अन्य दिन भी थे जब मैं गिरा था – मुँह के बल l
लूका 10 यीशु के शिष्यों को एक मिशन से लौटकर एक महान सफलता की सूचना देते हुए बताता है l कईयों को राज्य में लाया गया था, दुष्टात्माएं भाग गए, और लोग चंगे हुए l शिष्य उत्तेजित हुए! यीशु ने उत्तर दिया, "मैंने देखा कि शैतान स्वर्ग से बिजली की तरह गिर रहा है ।" लेकिन फिर उन्होंने एक चेतावनी जारी की : "आनन्द मत करो कि आत्माएं तुम्हारे वश में हैं, परन्तु इस से आनंदित हो कि तुम्हारे नाम स्वर्ग पर लिखे हैं” (पद.20) ।
हम सफलता में खुश होते हैं । लेकिन जब हम असफल होने लगते हैं तो हम निराश हो सकते हैं । ईश्वर ने आपको जो करने के लिए कहा है, उसे करते रहिए और उसके परिणामों को उस पर छोड़ दीजिए । उसने आपका नाम अपनी पुस्तक में रखा है l

सबसे अच्छी फसल
जब हमने अपना घर खरीदा, तो हमें एक लगी हुई दाखलता विरासत में मिली । बागवानी की नौसिखियों के रूप में, मेरे परिवार ने यह जानने के लिए काफी समय निवेश किया कि किस तरह उसे छांटना, पानी देना, और उसकी देखभाल करना है । जब हमारी पहली फसल आई, तो मैंने लता से एक अंगूर अपने मुँह में डाला - केवल एक अप्रिय, खट्टा स्वाद से निराश होने के लिए ।
मैंने एक दाखलता की कड़ी मेहनत से देखभाल के हताशा को महसूस किया, केवल एक कड़वी फसल के लिए, जो यशायाह 5 के स्वर को प्रतिध्वनित करता है l वहाँ हम इस्राएल राष्ट्र के साथ परमेश्वर के सम्बन्ध का एक रूपक पढ़ते हैं । एक किसान के रूप में चित्रित परमेश्वर ने पहाड़ियों से मलबे को साफ किया था, अच्छी दाखलता लगाए थे, सुरक्षा के लिए एक गुम्मट बनाया था और अपनी फसल के परिणामों का आनंद लेने के लिए एक कोल्हू बनाया था (यशायाह 5:1-2) । इस्राएल का प्रतीक, दाख की बारी, स्वार्थ, अन्याय और उत्पीड़न के खट्टे अंगूर उत्पन्न कर किसान की निराशा बनी (पद.7) l आखिरकार, परमेश्वर ने अवशेष को बचाते हुए अनिच्छा से दाख की बारी को नष्ट कर दिया कि किसी दिन अच्छी फसल पैदा होगी ।
यूहन्ना के सुसमाचार में, यीशु ने दाख की बारी का चित्रण करते हुए कहा, “मैं दाखलता हूँ : तुम डालियाँ हो l जो मुझ में बना रहता है और मैं उसमें, वह बहुत फल फलता है” (यूहन्ना 15:5) l इस समानांतर कल्पना में, यीशु, उसमें जुड़े रहने वाले विश्वासियों को दाख की शाखाओं के रूप में मुख्य दाखलता जो वह खुद है, से जुड़ा हुआ चित्रित करता है l अब, जब हम यीशु से उसकी आत्मा पर प्रार्थनापूर्ण निर्भरता के माध्यम से जुड़े हुए हैं, हमारे पास आध्यात्मिक पोषण के लिए सीधी पहुंच है जो सभी के लिए सबसे अच्छे फल का उत्पादन करेगा, अर्थात् प्रेम ।
