
संसार में क्या गड़बड़ी है?
किसी से सुनी हुई एक कहानी है कि लंदन टाइम्स ने बीसवीं सदी के मोड़ पर पाठकों से एक सवाल किया । संसार में क्या गड़बड़ी है?
यह काफी अहम् सवाल है, क्या यह नहीं है? कोई जल्दी से जवाब दे सकता है, "ठीक है, मेरे पास आपको बताने के लिए कितना समय है?" और यह उचित होगा, क्योंकि ऐसा लगता है कि हमारी दुनिया के साथ बहुत कुछ गलत है । जैसे ही कहानी आगे बढ़ती है, द टाइम्स को कई प्रतिक्रियाएँ मिलती हैं, लेकिन विशेष रूप से एक ही अपनी संक्षिप्त प्रतिभा में धीरज धरा है । अंग्रेजी लेखक, कवि और दार्शनिक जी. के. चेस्टरटन ने इन चार शब्दों की प्रतिक्रिया के साथ, दूसरे पर आरोप मढ़ने के विपरीत एक तरोताजा आश्चर्य प्रगट किया : “प्रिय महोदय, मैं हूँ l”
कहानी तथ्यात्मक है या नहीं, बहस के लिए तैयार है । लेकिन वह प्रतिक्रिया? यह सच है इसके आलावा कुछ नहीं l चेस्टरटन के आने से बहुत पहले, पौलुस नाम का एक प्रेरित था । एक आजीवन मॉडल नागरिक से दूर, पौलुस ने अपनी पिछली कमियों को कबूल किया : “मैं तो पहले निंदा करनेवाला, और सतानेवाला, और अंधेर करनेवाला था” (पद.13) । यह बताने के बाद कि यीशु किसको (“पापी”) बचाने आया, वह आगे बढ़कर एक घोषणा करता है : “जिनमें सबसे बड़ा मैं हूँ”(v.15) । पौलुस को ठीक-ठीक पता था कि संसार में क्या गड़बड़ी है । और वह आगे भी चीजों को सही बनाने की एकमात्र आशा जानता था - "हमारे प्रभु का अनुग्रह" (पद.14) । क्या अद्भुत वास्तविकता है! यह स्थायी सत्य हमारी आँखों को मसीह के प्रेम के प्रकाश की ओर ले जाता है ।

सुनहरे दाग़
नीदरलैंड में, फैशन डिजाइनरों का एक समूह "सुनहरा काष्ठकर्म/Golden Joinery” कार्यशाला प्रदान करता है । जापानी तकनीक किन्त्सुगी/Kintsugi से प्रेरित, जहां टूटे हुए चीनी मिट्टी के बरतन को सोने के साथ मरम्मत की जाती है, प्रतिभागी कपड़ों को उन तरीकों से जोड़ने में सहयोग करते हैं, जो इसे छिपाने की कोशिश करने के बजाय मरम्मत के कार्य को विशिष्टता/हाईलाइट प्रदान करती है l जिन्हें आमंत्रित किया जाता है, वे "एक प्रिय लेकिन फटे हुए परिधान को लाते हैं और उन्हें सोने से मरम्मत करते हैं l जब वे अपने कपड़ों को मरम्मत कर देते हैं, वह मरम्मत सजावटी हो जाती है, "सुनहरा दाग़ ।"
कपड़े उन तरीकों से रूपांतरित होते हैं जो उन जगहों को उजागर करते हैं जहां वे फटे या घिसे हुए थे । शायद यह कुछ ऐसा ही है जैसा कि पौलुस का मतलब था जब उसने कहा कि वह अपनी कमजोरी दिखाने वाली चीजों में "घमंड" करता है । हालाँकि उसे "प्रकाशनों की बहुतायत” का अनुभव था, लेकिन वह उनके बारे में डींग नहीं मारता था (2 कुरिन्थियों 12: 6) । वह कहता है, उसके “शरीर में एक काँटा चुभाया गया है” जिससे वह गर्व और अति आत्मविश्वास से बचाया जाता है (पद.7) l कोई नहीं जानता कि वह वास्तव में क्या कह रहा था - शायद अवसाद, मलेरिया का एक रूप, दुश्मनों से उत्पीड़न, या कुछ और । जो कुछ भी था, उसने परमेश्वर से इसे दूर करने के लिए विनती की । लेकिन परमेश्वर ने कहा, “मेरा अनुग्रह तेरे लिए बहुत है; क्योंकि मेरी सामर्थ्य निर्बलता में सिद्ध होती है” (पड़.9) l
जिस तरह पुराने कपड़ों में चीरा और फटन ख़ूबसूरती की जगहें बन सकते हैं, जब वे डिजाइनरों द्वारा पुनः बना दिए जाते हैं, हमारे जीवन में टूटी हुई और कमजोर जगह वे स्थान बन सकते हैं जहां परमेश्वर की शक्ति और महिमा चमक सकती है । वह हमें एक साथ रखता है, हमें बदल देता है, और हमारी कमजोरियों को सुंदर बनाता है ।

नफरत से मजबूत
अपनी माँ शारोंडा की दुखद मृत्यु के चौबीस घंटे के भीतर, क्रिस ने खुद को इन शक्तिशाली, अनुग्रह से भरे शब्दों का उच्चारण करते हुए पाया : "प्यार नफरत से ज्यादा मजबूत है ।" उसकी माँ, आठ अन्य लोगों के साथ, अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना के चार्ल्सटन में बुधवार रात बाइबिल अध्ययन के समय मारी गयी थी । ऐसा क्या था जिसने इस किशोर के जीवन को इतना आकार दिया कि ये शब्द उसके होठों और उसके दिल से बह सके? क्रिस यीशु में एक विश्वासी है जिसकी माँ ने "हर किसी से पूरे दिल से प्यार किया था l”
लूका 23:26-49 में हमें सामने वाली पंक्ति से एक मृत्यु देने का दृश्य मिलता है जिसमें दो अपराधी और निर्दोष यीशु (पद.32) शामिल थे । तीनों को क्रूस पर चढ़ाया गया (पद.33) l क्रूस पर टंगे हुओं से हांफने और आहें भरने और संभावित कराहों के बीच, यीशु के निम्नलिखित शब्दों को सुना जा सकता था : “हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये जानते नहीं कि क्या कर रहे हैं” (लूका 23:34) l धर्मगुरुओं की घृणा से भरी पहल का नतीजा प्रेम के हिमायती को क्रूसित किया जाना था l यद्यपि वेदना में, यीशु का प्यार विजयी होता गया l
आप या आप जिसे प्यार करते हैं, किस तरह नफरत, बुरी इच्छा, कड़वाहट या कुरूपता का निशाना बने हैं? काश आपकी पीड़ा आपकी प्रार्थनाओं को प्रेरित करे, और यीशु का उदाहरण और क्रिस जैसे लोग आपको नफरत पर प्यार का चयन करने के लिए आत्मा की शक्ति से प्रोत्साहित करें ।

तारों से परे सुनना
मोबाइल फोन, वाई-फाई, जीपीएस, ब्लूटूथ डिवाइस या माइक्रोवेव ओवन के बिना जीवन की कल्पना करें । यह वैसा ही है जैसा कि ग्रीन बैंक के छोटे शहर वेस्ट वर्जीनिया में है, जिसे "अमेरिका का सबसे शांत शहर" कहा जाता है । यह ग्रीन बैंक वेधशाला/आकाशलोचन का स्थान भी है, जो दुनिया का सबसे बड़ा घुमाने वाला(steerable) रेडियो टेलीस्कोप है । दूरबीन को गहरे अंतरिक्ष में पल्सर(अत्यधिक घनत्व का तारा) और आकाशगंगाओं की गति से उत्सर्जित होने वाली रेडियो तरंगों को "सुनने" के लिए "शांति/निस्तभ" की ज़रूरत है l यह एक सतह क्षेत्र है जो एक फुटबॉल मैदान से बड़ा है और टेलिस्कोप की चरम संवेदनशीलता के लिए इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप को रोकने के लिए स्थापित राष्ट्रीय रेडियो शांत क्षेत्र के 13,000 वर्ग मील के क्षेत्र में स्थित है ।
यह साभिप्राय शांति/निस्तभ वैज्ञानिकों को "आकाश का संगीत" सुनने में सक्षम बनाता है । यह मुझे ब्रह्मांड को बनाने वाले को सुनने के लिए पर्याप्त रूप से खुद को शांत करने की हमारी आवश्यकता की भी याद दिलाता है । परमेश्वर ने भविष्यवक्ता यशायाह के द्वारा एक हठधर्मी और विचलित लोगों से बातचीत की, “कान लगाओ, और मेरे पास आओ; सुनो, तब तुम जीवित रहोगे; और मैं तुम्हारे साथ सदा की वाचा बांधूंगा” (यशायाह 55:3) l परमेश्वर उन सभी के प्रति अपने विश्वासयोग्य प्रेम का वादा करता है जो उसे खोजते हैं और क्षमा के लिए उसके पास लौटते हैं l
हम जानबूझकर परमेश्वर की सुनने के लिए अपनी व्याकुलता से मुड़कर उससे पवित्रशास्त्र में और प्रार्थना में मिलते हैं । परमेश्वर दूर नहीं है । वह हमें उसके लिए समय निकालने के लिए लालायित रहता है ताकि वह हमारे दैनिक जीवन की प्राथमिकता हो और फिर अनंत काल के लिए ।
