सामान्य से परे अनुग्रह
विजय एक कानूनी फर्म/कंपनी के लिए काम करता था, जो सुरेश की कंपनी को सलाह देती थी l वे मित्र बन गए – जब तक कि विजय ने कंपनी से लाखों रूपयों का गबन नहीं कर लिया l सुरेश आहत और क्रोधित हुआ जब उसे पता चला, लेकिन उसने मसीह में विश्वास रखने वाले अपने मालिक से बुद्धिमान परामर्श प्राप्त किया l उसके मालिक ने देखा कि विजन बहुत शर्मिंदा और पश्चातापी था, और उसने सुरेश को आरोप मुक्त करने और विजय को नौकरी देने की सलाह दी l “उसे एक उचित वेतन का भुगतान करें ताकि वह वापस कर सके l आपके पास कभी भी अधिक आभारी, वफादार कर्मचारी नहीं होगा l” सुरेश ने किया, और विजय वफादार हुआ l
राजा शाऊल के पोते मपिबोशेत ने कुछ भी गलत नहीं किया था, लेकिन जब दाऊद राजा बना, तब वह एक कठिन जगह पर था l अधिकाँश राजाओं ने राजवंशों को घात किया l लेकिन दाऊद राजा शाऊल के बेटे योनातान से प्यार करता था, और उसके जीवित बेटे को अपना मानता था (देखें 2 शमूएल 9:1-13) l उसकी कृपा से जीवन भर के लिए एक दोस्त को जीत लिया l मपिबोशेत ने आश्चर्य किया कि “मेरे पिता का समस्त घराना तेरी ओर से प्राण दंड के योग्य था; परन्तु तू ने अपने दास को अपनी मेज पर खाने वालों में गिना है” (19:28) l वह दाऊद के प्रति तब भी वफादार रहा जब दाऊद के पुत्र अबशालोम ने दाऊद को यरूशलेम से भगाया (2 शमूएल 16:1-4; 19:24-30) l
क्या आप जीवन भर के लिए एक वफादार मित्र चाहते हैं? कोई जो असाधारण है आपको उसके लिए कुछ असाधारण करने की ज़रूरत हो सकती है l जब सामान्य ज्ञान दंड का चुनाव करता है, तो आप अनुग्रह का चुनाव करें l उन्हें जवाबदेह ठहराएं, लेकिन अयोग्य लोगों को सही बनने का मौका दें l आप कभी भी अधिक आभारी, समर्पित दोस्त नहीं पा सकते हैं l सामान्य से परे, अनुग्रह के साथ सोचें l

दुःख में परमेश्वर पर भरोसा
जब “पापा जॉन” नाम से पहचाने जाने वाले व्यक्ति को पता चला कि उसे जीवघातक कैंसर है, तो उसने और उसकी पत्नी, कैरल ने, महसूस किया कि परमेश्वर चाहता है कि वह और उसकी पत्नी अपनी जीवनघातक बिमारी को ऑनलाइन साझा करें l यह मानते हुए कि परमेश्वर उनकी दुर्बलता/भेद्यता के द्वारा सेवा करेगा, उन्होंने दो वर्षों तक ख़ुशी के क्षण और अपने दुःख और पीड़ा को पोस्ट किये l
जब कैरल ने लिखा कि उसके पति “यीशु की खुली बाहों में चले गए,” सैंकड़ों लोगों ने प्रत्युत्तर दिया, कईयों ने कैरल को उनके खुलेपन के लिए धन्यवाद किया l एक व्यक्ति ने प्रतिक्रिया किया कि एक मसीही दृष्टिकोण से मृत्यु के विषय सुनना स्वास्थ्यप्रद था, क्योंकि एक दिन “हम सबों को मरना है l” किसी और ने कहा कि यद्यपि व्यक्तिगत रूप से उस जोड़े से उसकी मुलाकात कभी नहीं होगी, वह प्रगट नहीं कर सकती कि उसने परमेश्वर पर उनके भरोसे की साक्षी के द्वारा कितना प्रोत्साहन प्राप्त की l
यद्यपि पापा जॉन ने कभी-कभी अत्यधिक दर्द का सामना किया, फिर भी उन्होंने और कैरल ने अपनी कहानी को साझा किया ताकि वे दर्शा सकें कि परमेश्वर ने उनको कैसे संभाला था l वे जानते थे कि उनकी साक्षी परमेश्वर के लिए फलदायी होगी, दुःख सहते समय पौलुस ने जो तीमुथियुस को लिखा उसको प्रतिध्वनित किया : “मुझे निश्चय है कि वह मेरी धरोहर की उस दिन तक रखवाली कर सकता है” (2 तीमुथियुस 1:12) l
मसीह यीशु में हमें प्राप्त होने वाले अनुग्रह के द्वारा (पद.9) से परमेश्वर हमारे (और दूसरों के विश्वास) को मजबूत करने के लिए किसी प्रियजन की मृत्यु का भी उपयोग कर सकता है l यदि आप पीड़ा और कठिनाई का सामना कर रहे हैं, तो जान लें कि वह आराम और शांति ला सकता है l

परमेश्वर के संसार को उन्नत करना
“पापा, आपको काम पर क्यों जाना है?” मेरी किशोरी पुत्री का सवाल मेरे साथ उसके खेलने की उसकी इच्छा से प्रेरित था l मैं काम को छोड़कर उसके साथ समय बिताना पसंद करता, लेकिन काम की लम्बी बढ़ती सूची थी जिन पर मुझे ध्यान देना ज़रूरी था l सवाल, फिर भी, अच्छा है l हम काम क्यों करते हैं? क्या ये केवल अपने लिए और अपने प्रियजनों के लिए प्रबंध करना है? उस श्रम के विषय क्या जो अवैतनिक है – हम ऐसा क्यों करते हैं?
उत्पत्ति 2 हमें बताता है कि परमेश्वर ने पहले मानव को वाटिका में इसलिए रखा कि वह “उसमें काम करे और उसकी रक्षा करे” (पद.15) l मेरे ससुर एक किसान हैं, और वह अक्सर मुझसे भूमि और पशुधन के प्रति अपने सच्चे प्यार के विषय बताते हैं l यह सुन्दर है, लेकिन यह उनके लिए अनवरत सवाल छोड़ देता है जो अपने काम से प्यार नहीं करते हैं l क्यों परमेश्वर ने हमें एक ख़ास स्थान पर एक ख़ास काम के साथ रखा है?
उत्पत्ति 1 हमें उत्तर देता है l हमें परमेश्वर के स्वरुप में रचा गया है कि हम उसके द्वारा बनाए गयी सृष्टि की सावधानी से रखवाली करें (पद.26) l सृष्टि की रचना की गैर-मसीही कहानियाँ बताती हैं कि ‘कथित ईश्वरों” ने मनुष्यों को अपने दास होने के लिए बनाया है l उत्पत्ति घोषणा करती है कि एकमात्र सच्चे परमेश्वर ने मनुष्यों को अपना प्रतिनिधि बनाया है – उसके पक्ष में उसकी सृष्टि की देखभाल करने के लिए l काश हम सब उसकी बुद्धिमान और प्रेमी व्यवस्था को इस संसार में प्रतिबिंबित करें l काम परमेश्वर के संसार में उसकी महिमा के लिए उसे उन्नत करने की एक बुलाहट है l

धोखा दिया
2019 में, दुनिया भर के कला प्रदर्शनियों ने लियोनार्डो डा विन्ची(Leonardo da Vinchi) का 500वाँ वर्षगाँठ मनाया l जबकि उनके कई चित्रों और वैज्ञानिक खोजों का प्रदर्शन किया गया था, सार्जनिक रूप से द लास्ट सपर(The Last Supper) सहित केवल पांच सौ पेंटिंग्स के लिए ही डा विन्ची को श्रेय दिया गया l
यह जटिल भित्ति-चित्र यूहन्ना के सुसमाचार में वर्णित अंतिम भोज को दर्शाता है जो यीशु ने अपने शिष्यों के साथ खाया l पेंटिंग यीशु के कथन पर शिष्यों के भ्रम को अधिकार में लेती है, “तुम में से एक मुझे पकड़वाएगा” (यूहन्ना 13:21) l हैरान, शिष्यों ने चर्चा की कि विश्वासघात करने वाला कौन हो सकता है – जबकि यहूदा चुपचाप रात में अपने शिक्षक और मित्र के ठिकाने के विषय अधिकारियों को सचेत करने के लिए बाहर चला गया l
धोखा दिया l यहूदा के विशवासघात का दर्द यीशु के शब्दों में स्पष्ट है, “जो मेरी रोटी खाता है, उसने मुझ पर लात उठाई” (पद.18) l एक निकट मित्र जो भोजन को साझा करता था ने इस सम्बन्ध का उपयोग यीशु को हानि पहुँचाने के लिए किया l
हममें से प्रत्येक ने एक मित्र के विश्वासघात का अनुभव किया है l हम इस तरह के दर्द का जबाब कैसे दे सकते हैं? भजन 41:9, जिसका उपयोग यीशु ने साझा भोजन (यूहन्ना 13:18) के समय विश्वासघात करनेवाले की उपस्थिति को इंगित करने के लिए उद्धृत किया था, आशा प्रदान करता है l दाऊद ने एक करीबी दोस्त के छल पर अपनी पीड़ा व्यक्त करने के बाद, उसने परमेश्वर के प्यार और उपस्थिति में ढाढ़स प्राप्त किया जो उसे हमेशा परमेश्वर की उपस्थिति में बनाए रखनेवाला था और उसे स्थापित करने वाला था (भजन 41:11-12) l
जब मित्र निरास करते हैं, तो हम परमेश्वर के निरंतर प्यार को जानकार आराम पा सकते हैं और उनकी सशक्त उपस्थिति हमारे साथ होगी जो हमें सबसे विनाशकारी दर्द को भी सहन करने में मदद करेगी l

निरंतर परिश्रम!
परमेश्वर उन लोगों को उपयोग करना पसंद करता है जिन्हें दुनिया अनदेखा कर सकती है l विलियम कैरी की परवरिश 1700 के दशक में एक छोटे से गाँव में हुई थी और उनकी औपचारिक शिक्षा बहुत कम थी l उन्हें अपने चुने हुए धंधे में सीमित सफलता मिली और उन्हेंने गरीबी में जीवन व्यतीत किया l लेकिन परमेश्वर ने उसे खुशखबरी सुनाने की चाहत दी और उसे मिशनरी होने के लिए बुलाया l कैरी ने यूनानी(Greek), इब्री(Hebrew), लतीनी(Latin) भाषा सीखी और अंततः बंगाली भाषा में पहले नए नियम का अनुवाद किया l आज उन्हें “आधुनिक मिशनों का जनक” माना जाता है, लेकिन अपने भतीजे को लिखे पत्र में उन्होंने अपने क्षमताओं का यह विनम्र आंकलन किया : “मैं निरंतर परिश्रम कर सकता हूँ l मैं डटा रह सकता हूँ l”
जब परमेश्वर हमें किसी कार्य के लिए बुलाता है, तो वह हमें हमारी सीमाओं की परवाह किये बिना इसे पूरा करने की शक्ति भी देता है l न्यायियों 6:12 में प्रभु का दूत गिदोन को दिखाई दिया और कहा, “हे शूरवीर सूरमा, यहोवा तेरे संग है l” तब स्वर्गदूत ने उसे बताया कि वह इस्राएलियों को उन मिद्यानियों से छुड़ाएगा जो उसके कस्बों और फसलों पर हमला कर रहे थे l लेकिन गिदोन, जिसने “शूरवीर सूरमा” की उपाधि प्राप्त नहीं की थी, ने विनम्रतापूर्वक जबाब दिया, “मेरा कुल मनश्शे में सब से कंगाल है, फिर मैं अपने पिता के घराने में सब से छोटा हूँ” (पद.15) l फिर भी, परमेश्वर ने अपने लोगों को छुटकारा देने के लिए गिदोन का इस्तेमाल किया l
गिदोन की सफलता की कुंजी इन शब्दों में थी, “यहोवा तेरे संग है” (पद.12) l जैसा कि हम विनम्रतापूर्वक अपने उद्धारकर्ता के साथ चलते हैं और उसकी ताकत पर भरोसा करते हैं, वह हमें यह सुनिश्चित करने के लिए सशक्त करेगा जो केवल उसके माध्यम से संभव है l