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लम्बा पठन

जब ईसा पूर्व 444 के सातवें महीने के पहले दिन सूर्योदय हुआ, एज्रा मूसा की व्यवस्था पढ़ने लगा (जिन्हें हम बाइबल की प्रथम पांच पुस्तकें कहते हैं) l यरूशलेम में लोगों के सामने मंच पर खड़े होकर, वह अगले 6 घंटों तक पढ़ता रहा l

पुरुष, स्त्रियाँ और बच्चे तुरहियों का पर्व-परमेश्वर द्वारा निर्धारित एक पर्व-मनाने नगर के जलफाटक के…

कुछ फिटिंग की ज़रूरत

हमारे घर में शब्द “कुछ फिटिंग की ज़रूरत है” अत्यधिक निराशा किया है (मुझे) और अत्यधिक परिहास (मेरा परिवार के लिए) l हम दोनों पति-पत्नी के विवाह पश्चात्, मैं विनाशकारी परिणाम के साथ घर में साधारण मरम्मत करने लगा l स्नानगृह का नल ठीक हो गया-किन्तु पानी दीवारों के भीतर बहने लगा l मेरी विफलताएं बच्चों के जन्म के बाद…

वास्तविक सम्प्रेषण

उत्तरी लन्दन के अपने पड़ोस में चलते हुए, मुझे अनेक भाषाओं के अंश सुनने को मिलती है-पोलिश, जापानी, हिंदी, क्रोएशियाई, और इतालवी भाषा उनमें से कुछ एक हैं l यह विविधता स्वर्ग की झलक सी दिखाई देती है, फिर भी मैं उनको समझने में असमर्थ हूँ l रुसी कैफ़े में प्रवेश करने पर या पोलिश बाज़ार में जाकर भिन्न उच्चारण…

साधारण का परमेश्वर

किसी के जीवन में परमेश्वर के आश्चर्जनक कार्य की साक्षी सुनना हमें चुनौती दे सकता है l जबकि हम प्रार्थना के उत्तर सुनकर आनंदित हो सकते हैं, हम चकित हो सकते हैं कि क्यों परमेश्वर हमारे लिए हाल में कुछ अद्भुत नहीं किया l

सोचना सरल है कि यदि परमेश्वर अब्राहम की तरह हमारे लिए भी आश्चर्जजनक करता, तो हम…

मेरे पीछे दोहराएँ

एक समारोह में मंच पर माइक्रोफोन में रेबेका का पहला वाक्य कमरे में गूँज गया l उसके लिए अपने शब्दों को सुनना निराशा थी, और उसे दोषयुक्त ध्वनि प्रणाली के अनुकुल अपने को संयोजित करके अपने द्वारा बोले गए शब्द और प्रत्येक प्रतिध्वनि को नज़रंदाज़ करना पड़ रहा था l

कल्पना करें खुद द्वारा बोले गए सभी बातों को दोहराए…

आँसू और हँसी

पिछले रिट्रीट में, मैं कुछ सहेलियों से काफी अरसे के बाद मिली l मिलन के आनंद में खूब हँसी थी, किन्तु आँसू भी क्योंकि मैंने उनका अभाव महसूस किया l

सहभागिता के अंतिम दिन, हमने प्रभु भोज में भाग लिया l और अधिक मुस्कराहट और आँसू! मैं परमेश्वर के अनुग्रह के लिए आनंदित हुयी, जिसने मुझे अनंत जीवन और अपनी…

सुरक्षा जाल

मेरे लिए वषों तक पहाड़ी उपदेश (मत्ती 5-7) मानव व्यवहार की रूप-रेखा, हर एक की पहुँच से बाहर एक मानक था l मैं सही अर्थ कैसे भूल गया? यीशु ने ये शब्द हमें निराश करने के लिए नहीं कही, किन्तु बताने के लिए परमेश्वर कैसा है l

हम अपने शत्रु से प्रेम क्यों करें? क्योंकि हमारा करुणामय पिता बुरे और…

हमारा नया नाम

वह खुद को योद्धा पुकारती थी, किन्तु उसके बच्चे की दुर्घटना के बाद वह इस उपनाम से बचने लगी l उसके बच्चे के स्वस्थ्य होते समय वह प्रत्येक सप्ताह मित्रों के साथ बातचीत और प्रार्थना करने इकट्ठी होती थी, परमेश्वर से सहायता और चंगाई माँगती थी l अनेक महीनों तक अपना भय और चिंता प्रार्थना में रखने के बाद उसने…

सबसे महत्वपूर्ण बात

दो लोग बैठकर अपने व्यवसायिक दौरे और उसके परिणाम की समीक्षा कर रहे थे l एक के अनुसार उनका दौरा लाभदायक था क्योंकि उनके व्यवसायिक सम्पर्कों से कुछ अर्थपूर्ण नए सम्बन्ध आरंभ हुए थे l दूसरे ने कहा, “सम्बन्ध अच्छे हैं, किन्तु विक्रय सबसे महत्वपूर्ण है l” स्पष्टतः दोनों के पास भिन्न विषय-कार्य सूचियाँ थीं l

यह सब सरल है-व्यवसाय,…