Month: मार्च 2026

सिर्फ़ परमेश्वर ही संतुष्टि दे सकता है

बहुत बड़ा झींगा, शावर्मा, सलाद, और बहुत कुछ - हज़ारों रुपये के मूल्य का भोजन - एक घर के मालिक को दिया गया। लेकिन वह आदमी पार्टी नहीं कर रहा था। वास्तव में, उसने स्मोर्गास्बोर्ड (बुफे जो विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ और व्यंजन पेश करता है)का ऑर्डर नहीं दिया था; बल्कि उसके छह साल के बेटे ने किया था। यह कैसे हो गया? पिता ने अपने बेटे को सोने से पहले अपने फोन से खेलने दिया और बेटे ने इसका इस्तेमाल कई रेस्तरां से महंगे उपहार खरीदने के लिए किया। “तुमने ऐसा क्यों किया?” पिता ने अपने बेटे से पूछा, जो अपनी रजाई के नीचे छिपा हुआ था। छह साल के बच्चे ने उत्तर दिया, “मैं भूखा था।” लड़के की भूख और अपरिपक्वता के कारण इसका परिणाम महंगा पड़ा।

एसाव की भूख की कीमत हजारों रुपये से भी अधिक थी। उत्पत्ति 25 की कहानी में वह थका हुआ और भोजन के लिए बेचैन दिखता है। उसने अपने भाई से कहा, “उसी लाल वस्तु में से मुझे कुछ खिला! मैं भूखा हूँ!” (पद 30)I याकूब ने उत्तर में एसाव से उसका पहिलौठे का जन्मसिद्ध अधिकार माँग लिया (पद 31)। पहलौठे के अधिकार में एसाव का पहिलौठे पुत्र के रूप में विशेष स्थान, परमेश्वर के वादों का आशीर्वाद, विरासत का दोगुना हिस्सा और परिवार का आत्मिक अगुवा होने का विशेषाधिकार शामिल था। अपनी भूख के आगे झुकते हुए, एसाव ने “खाया और पीया” और “अपने पहिलौठे के अधिकार को तुच्छ जाना” (पद 34)।

जब हम प्रलोभित होते हैं और किसी चीज़ की इच्छा करते हैं, तब अपनी भूख को हमें महंगी गलतियों और पाप की ओर ले जाने के बजाय, आइए हम अपने स्वर्गीय पिता के पास जाएं - सिर्फ़ वह ही भूखी आत्मा को “उत्तम पदार्थों से” तृप्त करता है (भजन संहिता संहिता 107:9)। मार्विन विलियम्स

 

संकट की पुकार

भूकंप के कारण दो मंजिलों के ढहे मलबे के नीचे फंसी पांच वर्षीय सीरियाई लड़की जिनान ने अपने आस पास के मलबे के बीच घिरे हुए अपने छोटे भाई की रक्षा करते हुए उसने बचाव दल को बुलाया, दिल तोड़ देने वाले शब्दों में कहा कि “मुझे यहाँ से बाहर निकालिए; मैं आपके लिए कुछ भी करूंगी, मैं आपकी दासी बन कर रहूंगी।

संपूर्ण भजन संहिता संहिता में संकट की पुकार पाई जाती हैं : “मैं ने सकेती में परमेश्वर को पुकारा ,परमेश्वर ने मेरी सुनकर, मुझे चौड़े स्थान पर पहुँचाया”(118:5)। हालाँकि शायद हम कभी भी भूकंप से ढही इमारतों के कुचले हुए भार का अनुभव नहीं करेंगे, हम सभी चुनौतीपूर्ण रोग, आर्थिक कठिनाई, भविष्य के बारे में अनिश्चितता, या रिश्तों को खोने पर दम घुटने वाली आशंकाओं को जानते हैं।

उन क्षणों में हम मुक्ति के लिए परमेश्वर के सामने समझौते का सौदा या सेवा-शर्त का प्रस्ताव रख सकते है। लेकिन परमेश्वर से मदद के लिए हमें उसे राज़ी करने की जरूरत नहीं है। वह उत्तर देने का वादा करता है, और हालांकि हम तुरंत अपनी स्थिति में राहत नहीं पाते है, फिर भी वह हमारी ओर से और हमारे साथ है। हमें मृत्यु सहित किसी भी अन्य खतरे से डरने की ज़रूरत नहीं है। हम भजन संहिताकार के साथ कह सकते हैं, “यहोवा मेरी ओर मेरे सहायकों में है; मैं अपने बैरियों पर दृष् कर संतुष्ट हूँगा” (पद- 7)।

हमें उतने प्रभावशाली या नाटकीय बचाव का वादा नहीं किया गया है जितना कि जिनान और उसके भाई ने अनुभव किया था, लेकिन हम अपने वफादार परमेश्वर पर भरोसा कर सकते हैं, जो भजन संहिताकार को “चौड़े स्थान पर” ले आए (पद- 5)। वह हमारी स्थिति जानता है और वह हमें कभी नहीं छोड़ेगा, यहाँ तक कि मृत्यु में भी। मैट लुकास

 

पहले आप

लखनऊ भारत की शालीनता और आतिथ्य की बेताज राजधानी है। इसे एक चुटकले में सटीक रूप से दर्शाया गया है जो कुछ इस तरह है: “यात्री लखनऊ रेलवे स्टेशन कभी क्यों नहीं छोड़ते हैं?” “क्योंकि वे प्लेटफ़ॉर्म पर ही एक-दूसरे से कहते रहते हैं, “पहले आप!” बेशक, देश के बाकी लोगों को दूसरों को पहले जाने देने के बारे में लखनवी लोगों से बहुत कुछ सीखना है।

लेकिन यीशु के अनुयायियों के रूप में, विनम्रता के लिए हमारा मानदंड स्वयं यीशु हैं। यीशु ने कहा, “जो तुम में बड़ा हो, वह तुम्हारा सेवक बने”(मत्ती 23:11)। उन्होंने हमारे लिए भी दीनता का प्रदर्शन किया जब वह, सृष्टि के सृष्टिकर्ता होकर, खुद को “एक मेमने की तरह वध करने के लिए” ले जाने दिया (यशायाह 53:7)। फिलिप्पी की कलीसिया को लिखे अपने पत्र में पौलुस हमारा ध्यान मसीह की दीनता की महानता की ओर आकर्षित करता है। वह हमें इस तथ्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है कि यीशु ने एक सेवक का स्वभाव अपनाया, और मानव समानता को अपनाया ताकि वह क्रूस पर एक आज्ञाकारी मृत्यु मर सके (पद.6-8)। यह आज्ञाकारी दीनता ही थी जिसने उसकी स्थिति को और ऊंचा किया और उसे संसार के उद्धारकर्ता के रूप में “सर्वोच्च स्थान” दिया (पद.9-11)।

एक विनम्र हृदय रखना आसान नहीं है। दूसरों की ज़रूरतों को अपनी ज़रूरतों से ऊपर रखना बहुत मुश्किल है। शायद उन लोगों की ज़रूरतों को प्राथमिकता देना जिन्हें हम प्यार करते हैं, जैसे परिवार या दोस्त, इतना मुश्किल नहीं है, लेकिन अजनबियों की ज़रूरतों को अपनी ज़रूरतों से ऊपर रखना मुश्किल है (मरकुस 12:31)। यीशु ने हमें सच्ची विनम्रता का स्वभाव दिखाया। उसने हमें अनुसरण करने के लिए एक उदाहरण दिया, कि विनम्रता, हालांकि मुश्किल है, कुछ ऐसा है जिसका हमें अभ्यास करना चाहिए। मिनी अब्राहम

 

अपने सृजनहार को याद रखें

मैंने हाल ही में एक महिला के बारे में एक उपन्यास पढ़ा जो यह स्वीकार करने से इंकार कर देती है कि उसे लाइलाज कैंसर है। जब निकोला के परेशान दोस्त उसे सच्चाई का सामना करने के लिए मजबूर करते हैं, तो उसके टाल-मटोल का कारण सामने आता है। वह उनसे कहती है, ‘’मैंने अपना जीवन बर्बाद कर दिया है।’’ यद्यपि प्रतिभा और धन के साथ पैदा हुई, “मैंने अपने जीवन में कुछ भी सार्थक नहीं किया। मैं लापरवाह थी, मैं कभी भी किसी चीज़ पर स्थिर नहीं रही।” अब यह महसूस करते हुए कि उसने बहुत कम हासिल किया है, दुनिया छोड़ने की संभावना का विचार निकोला के लिए बहुत दर्दनाक था।

मैं लगभग उसी समय सभोपदेशक पढ़ रहा था और मुझे इसमें बिल्कुल विरोधाभास (अन्तर) नजर आया। इसका शिक्षक हमें मृत्यु की वास्तविकता से बचने नहीं देता, “अधोलोक में जहाँ तू जाने वाला है” (9:10)। और जबकि इसका सामना करना कठिन है (पद 2), यह हमें अब हमारे पास मौजूद हर पल को महत्व देने के लिए प्रेरित करता है (पद- 4), समझ बूझ के अपने भोजन और परिवारों का आनंद लेना  (पद 7-9), उद्देश्यपूर्ण ढंग से काम करना (पद 10), असाधारण कार्य करना और जोखिम उठाना (11:1, 6), और एक दिन इन सभी कार्यों से सम्बंधित उत्तर हम परमेश्वर को देंगे (पद 9; 12:13-14)। निकोला के दोस्तों का कहना है कि अपने दोस्तों के प्रति उसकी वफादारी और उदारता साबित करती है कि उसका जीवन बर्बाद नहीं हुआ है। लेकिन शायद शिक्षक की सलाह हम सभी को हमारे जीवन के अंत में ऐसे संकट से बचा सकती है: अपने रचयिता (12:1) को याद रखें, उसके तौर-तरीकों का पालन करें, और जीने और प्रेम करने के हर अवसर को स्वीकार करें जो वह आज प्रदान करता है। शेरिडेन वोयसी

 

परमेश्वर ने उन सभी को बनाया

जैसे ही हम कैलिफोर्निया में मोंटेरी बे एक्वेरियम में दाखिल हुए, तो उत्साह से मेरे तीन साल के बेटे ज़ेवियर ने मेरा हाथ दबा दिया। छत से लटकी हंपबैक व्हेल की आदमकद मूर्ति की ओर इशारा करते हुए उसने कहा, “बहुत बड़ा!” जब हमने प्रत्येक प्रदर्शनी का अवलोकन किया तो उसकी बड़ी-बड़ी आँखों वाली खुशी जारी रही। भोजन के समय ऊदबिलाव को पानी की छींटे उड़ाते देख कर हम हँस पड़े। हम एक बड़ी कांच की एक्वेरियम खिड़की के सामने चुपचाप खड़े थे, चमकीले हल्के नीले पानी में नाचती सुनहरी-भूरी जेलिफ़िश को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। “परमेश्वर ने समुद्र में हर प्राणी को बनाया,” मैंने कहा, “ठीक वैसे ही जैसे उसने तुम्हें और मुझे बनाया है।” ज़ेवियर फुसफुसाया, “वाह।”

भजन संहिता संहिता 104 में, भजन संहिताकार ने परमेश्वर की भरपूर सृष्टि को स्वीकार किया और गाया, “इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण हैI”(पद-24) । “इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उस में अनगिनित जलचरी जीव- जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं।” (पद-25) । उसने परमेश्वर के द्वारा बनाई गई सभी चीज़ों के लिए परमेश्वर की उदारता और संतोषजनक प्रावधान की प्रशंसा की (पद 27-28)। उसने यह भी पुष्टि की कि परमेश्वर ने प्रत्येक के अस्तित्व के दिन निर्धारित किए हैं (पद- 29-30)।

हम अराधना की इस घोषणा को गाने में भजन संहिताकार के साथ शामिल हो सकते हैं: “मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूँगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन संहिता गाता रहूंगा” (पद 33)। प्रत्येक प्राणी जो अस्तित्व में है, बड़े से लेकर छोटे तक, सभी हमें प्रशंसा की ओर ले जा सकते है क्योंकि परमेश्वर ने उन सभी को बनाया है । सोचिल डिक्सन

 

मसीह के लिए उत्साह साझा करना

पहली बार जब हम अपने पड़ोसी हेनरी से मिले, तो उसने अपने बैग से बाइबल निकाली जो बहुत ज्यादा इस्तेमाल किये जाने के कारण पुरानी हो गई थी। आँखों में चमक के साथ उन्होंने पूछा कि क्या हम पवित्रशास्त्र पर चर्चा करना चाहेंगे। हमने सहमती प्रकट की, और उसने कुछ निशान लगाये हुये हिस्सों के पन्ने पलटे। उसने हमें अपने अवलोकनों (विचारों) से भरी एक नोटबुक दिखाई और कहा कि उसने अन्य संबंधित जानकारी से भरी एक कंप्यूटर प्रस्तुति भी बनाई है।

हेनरी ने हमें बताया कि कैसे वह एक कठिन पारिवारिक स्थिति से आया था और फिर, अकेले और सबसे खराब स्थिति में, उसने यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान को अपने विश्वास की नींव के रूप में स्वीकार किया (प्रेरितों के काम 4:12)। उसका जीवन बदल गया था क्योंकि पवित्र आत्मा ने उसे बाइबल के सिद्धांतों का पालन करने में मदद की थी। हालाँकि हेनरी ने वर्षों पहले अपना जीवन परमेश्वर को समर्पित कर दिया था, उसका उत्साह अभी भी ताज़ा और शक्तिशाली था।

हेनरी के उत्साह ने मेरे आत्मिक जुनून पर विचार करने के लिए मुझे प्रेरित किया— मुझे, एक ऐसे इन्सान को, जो कई वर्षों तक यीशु के साथ चली। प्रेरित पौलुस ने लिखा: “आत्मिक उन्माद में भरे रहो; प्रभु की सेवा करते रहो I” (रोमियों 12:11)। यह एक कठिन आदेश की तरह लगता है, जब तक कि मैं पवित्रशास्त्र को ऐसे दृष्टिकोण को विकसित करने की अनुमति नहीं देता जो निरंतर यीशु के प्रति मेरी कृतज्ञता को दर्शाता है जो उसने मेरे लिए किया है ।

जीवन में हमारे द्वारा अनुभव किए जाने वाले भावनात्मक उतार-चढ़ाव के विपरीत, मसीह के लिए उत्साह उसके साथ निरंतर बढ़ते रिश्ते से आता है। जितना अधिक हम उसके बारे में सीखते हैं, वह उतना ही अधिक मूल्यवान होता जाता है और उतनी ही अधिक उसकी भलाई हमारी आत्माओं में भर जाती है और संसार में फैल जाती है। जेनिफर बेन्सन शुल्त्ज़

 

परमेश्वर जो दे उसका इस्तेमाल करना

ऑस्ट्रेलिया में ब्रिस्बेन सिटी हॉल 1920 के दशक की चकित कर देने वाला एक परियोजना थी। सफ़ेद सीढ़ियाँ उसी खदान के संगमरमर से बनी हैं जिसका उपयोग माइकल एंजेलो ने अपनी डेविड स्कल्पचर (दाउद मूर्ति) के लिए किया था। टावर (मीनार) वेनिस के सेंट मार्क बेसिलिका को प्रतिबिंबित करता था, और तांबे का गुंबद दक्षिणी गोलार्ध में सबसे बड़ा था। बिल्डरों का इरादा शिखर को सजाने के लिए एक विशाल शांति दूत बनाने का था; लेकिन इसमें एक समस्या थी: पैसे नहीं बचे। प्लम्बर फ्रेड जॉनसन बचाव के लिए आए। उन्होंने लगभग एक सौ वर्षों से टॉवर की शोभा बढ़ाने वाले प्रतिष्ठित गोले को तैयार करने के लिए एक टॉयलेट सिसर्न(टंकी), एक पुराने लैंप पोस्ट (बत्ती का खंभा) और स्क्रैप धातु (रद्दी सामान जिसमें प्रयुक्त माल से दोबारा कुछ बनाया जा सके) के टुकड़ों का उपयोग किया।

फ्रेड जॉनसन के पास जो कुछ भी था उन्होंने उसका उपयोग किया हम भी उन्ही की तरह, जो कुछ भी हमारे पास है - बड़ा या छोटा—उसके साथ परमेश्वर के काम में शामिल हो सकते हैं। जब परमेश्वर ने मूसा से इस्राएल को मिस्र से बाहर निकालने के लिए कहा, तो मूसा ने यह कह कर टालना चाहा कि : “यदि वे मेरा विश्वास नहीं करेंगे .......और न मेरी सुनेंगे?” (4:1) तब परमेश्वर ने एक सरल प्रश्न के साथ उत्तर दिया : “तेरे हाथ में वह क्या है?” (पद- 2)I मूसा के पास एक लाठी, एक साधारण लकड़ी थी। परमेश्वर ने उससे लाठी को ज़मीन पर फेंकने के लिए कहा, “तब वह सर्प बन गयी” (पद-3)। तब उन्होंने मूसा को सर्प को उठाने का आदेश दिया, और वह फिर से लाठी बन गयी। परमेश्वर ने मूसा को समझाया कि, उसे बस इतना ही करना था कि वह लाठी उठाए और बाकी काम करने के लिए उन पर भरोसा करे। वह उल्लेखनीय रूप से इस्राएल को मिस्रियों से बचाने के लिए मूसा के हाथ में मौजूद उस लाठी का उपयोग करेंगे (7:10–12; 17:5–7)।

हमारे पास जो कुछ है वह शायद हमें काफी न लगे, लेकिन परमेश्वर के लिए, हमारे पास जो कुछ भी है वह काफी होगा। वह हमारे सामान्य संसाधन लेता है और उन्हें अपने कार्य के लिए उपयोग करता है। विन्न कोल्लियर

परमेश्वर हमारा शरणस्थान है

2019 की उल्लेखनीय (अपूर्व) फिल्म लिटिल वुमन ने मुझे मेरी पुरानी उपन्यास की प्रति में वापस भेज दिया, विशेष रूप से मार्मी के सांत्वना देने वाले शब्दों ने जो एक बुद्धिमान और विनम्र मां थी। मैं उपन्यास में उनके अडिग विश्वास के चित्रण की ओर आकर्षित हुई हूँ, जो उनकी बेटियों के लिए प्रोत्साहन के उनके कई शब्दों का आधार है। जो बात मेरे सामने उभरकर सामने आई वह यह थी : “परेशानियाँ और प्रलोभन....बहुत सारे हो सकते हैं, लेकिन यदि आप अपने स्वर्गीय पिता सामर्थ्य और दयालुता को महसूस करना सीख जाते हैं तो आप उन सभी पर काबू पा सकते हैं और जीवित रह सकते हैं।

मार्मी के शब्द नीतिवचन में पाए गए सत्य को दोहराते हैं कि “यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है; धर्मी उसमें भागकर दुर्घटनाओं से बचता हैं।” (18:10)। प्राचीन समय के शहरों में टावरों (दुर्ग) को खतरे के दौरान सुरक्षा के स्थान के रूप में बनाया गया था, शायद दुश्मन के हमले के कारण। उसी तरह, परमेश्वर के पास दौड़ने के द्वारा यीशु में विश्वास करने वाले उसकी देखभाल में शांति का अनुभव कर सकते हैं जो “हमारा शरणस्थान और बल “है। (भजन संहिता संहिता 46:1)।

नीतिवचन 18:10 हमें बताता है कि सुरक्षा परमेश्वर के “नाम” से मिलती है - जो उन सभी को सूचित करता है जो वह है। बाइबल परमेश्वर को “दयालु और अनुग्रहकारी, कोप करने में धीरजवन्त, और अति करूणामय और सत्य,” के रूप में वर्णित करती है (निर्गमन 34:6)। परमेश्वर की सुरक्षा उसकी पराक्रमी सामर्थ के साथ-साथ उसकी दयालुता और प्रेम से आती है, जिसके कारण वह पीड़ितों को आश्रय प्रदान करने के लिए लालायित रहता है। उन सभी के लिए जो संघर्ष कर रहे हैं, हमारे स्वर्गीय पिता अपने सामर्थ्य और कोमलता में शरणस्थान प्रदान करता है । लीसा एम. सामरा

 

परमेश्वर के लिए अच्छा करना

हालाँकि वह आम तौर पर अपने साथ पैसे नहीं रखता था, लेकिन पैट्रिक को महसूस हुआ कि परमेश्वर घर से बाहर निकलने से पहले उसे जेब में पाँच डॉलर (लगभग ₹400) रखने के लिए प्रेरित कर सुने है। उसे समझ आया कि जिस स्कूल में वह काम करता था, वहाँ दोपहर के भोजन के दौरान कैसे परमेश्वर ने उसे एक बेहद ज़रुरी काम को पूरा करने के लिए तैयार किया है। लंचरूम की चहलपहल के बीच, उसने ये शब्द सुने: “स्कॉटी [एक जरूरतमंद बच्चे] को अपने खाते में 5 डॉलर डालने की जरूरत है ताकि वह सप्ताह के बाकी दिनों में दोपहर का खाना खा सके।” कल्पना कीजिए कि पैट्रिक ने स्कॉटी की मदद के लिए अपना पैसा देते समय क्या भावनाएँ अनुभव की होंगी!

तीतुस में, पौलुस ने यीशु में विश्वासियों को याद दिलाया कि वे “अपने धर्म के कामों के कारण उद्धार नहीं पाए थे” (3:5) “जिन्हों ने परमेश्वर की प्रतीति की है, वे भले- भले कामों मे लगे रहना सीखें ” (पद- 8; पद- 14) जीवन भरा हुआ, अत्यधिक व्यस्त और चहल-पहल भरा हो सकता है। अपने हित का ख्याल रखना पराजित कर सकता है; और फिर भी, यीशु में विश्वासियों के रूप में, हमें “अच्छे कामों के लिए तैयार” रहना है। जो हमारे पास नहीं है और जो हम नहीं कर सकते उससे अभिभूत होने के बजाय, आइए इस बारे में सोचें कि हमारे पास क्या है और हम क्या कर सकते हैं क्योंकि परमेश्वर हमारी मदद करता है । ऐसा करने से, हम दूसरों की ज़रूरत के समय में उनकी मदद कर सकते है, और परमेश्वर का आदर होता है। “तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के सामने चमके, कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की जो स्वर्ग में है, बड़ाई करें” (मत्ती 5:16)। आर्थर जैक्सन