किसको मेरी ज़रूरत है?
वाशिंगटन, डीसी के लिए एक रेड-आई उड़ान/red-eye flight(रात को प्रस्थान करके सुबह पहुँचने वाली उड़ान) पर, राय(opinion) लेखक आर्थर ब्रूक्स ने एक बूढ़ी औरत को अपने पति को फुसफुसाते हुए सुना, “यह सच नहीं है कि अब किसी की तुम्हारी ज़रूरत नहीं है l” उस आदमी ने मरने की इच्छा के बारे में कुछ बुदबुदाया, और उसकी पत्नी ने कहा, "ओह, यह कहना बंद करो ।" जब उड़ान समाप्त हो गई, तो ब्रूक्स मुड़कर तुरंत आदमी को पहचान लिया । वह एक विश्व प्रसिद्ध नायक थे । अन्य यात्रियों ने उससे हाथ मिलाए, और पायलट ने दशकों पहले प्रदर्शित साहस के लिए उसे धन्यवाद दिया । यह असाधारण योग्यता वाला व्यक्ति निराशा में कैसे डूब गया था?
नबी एलिय्याह ने बहादुरी से और अकेले दम पर 450 बाल नबियों को – या जैसा उसने सोचा - हराया (1 राजा 18) l फिर भी वह वास्तव में अकेले नहीं किया था; परमेश्वर वहाँ हमेशा उसके साथ था l लेकिन बाद में, बिल्कुस अकेला महसूस करते हुए, उसने परमेश्वर से अपनी मृत्यु मांगी l
परमेश्वर ने एलिय्याह की आत्मा को अपनी उपस्थिति में लाकर और उसे नए लोगों की सेवा देकर उसे उठाया l उसे जाकर "अराम का राजा होने के लिए हजाएल का, इस्राएल का राजा होने को . . . एहू का, और अपने स्थान पर नबी होने के लिए . . . एलीशा का अभिषेक [करना था]” (19:15-16) । नूतन उद्देश्य की स्फूर्ति से भरकर, एलिय्याह ने अपने उत्तराधिकारी को पाया और उसको तैयार किया l
आपकी शानदार जीत पीछे के दर्पण में स्थित होंगी l आप महसूस कर सकते हैं कि आपका जीवन चरम पर है, या ऐसा कभी हुआ ही नहीं । कोई बात नहीं । चारों ओर देखें l संघर्ष छोटे लग सकते हैं, दांव कम निपुण लग सकते हैं, लेकिन फिर भी ऐसे लोग हैं जिन्हें आपकी ज़रूरत है । यीशु की खातिर उनकी अच्छी तरह से सेवा करें, और उनका महत्व होगा l वे आपके उद्देश्य हैं – यही वह कारण है जिससे आप अभी भी जीवित हैं l

संसार को आनंद
हर क्रिसमस पर हम अपने घर को संसार में उपलब्ध यीशु के जन्म के दृश्यों/nativity scenes से सजाते हैं । हमारे पास एक जर्मन नैटिविटी पिरामिड है, बेथलहम के जैतून की लकड़ी से बनाया गया चरनी का एक दृश्य, और एक चमकीले रंग का मैक्सिकन लोक संस्करण । हमारा परिवार का पसंदीदा अफ्रीका से एक सनकी/लहरी प्रविष्टि है । अधिक पारंपरिक भेड़ और ऊंटों के बजाय, एक हिप्पोपोटेमस बालक यीशु को टकटकी लगाए देख रहा है l
यीशु के जन्म के इन दृश्यों में अद्वितीय सांस्कृतिक दृष्टिकोण को जीवित करना मेरे दिल को गरम कर देता है जब मैं प्रत्येक सुंदर अनुस्मारक पर विचार करती हूँ कि यीशु का जन्म सिर्फ एक राष्ट्र या संस्कृति के लिए नहीं था । यह पूरे संसार के लिए एक अच्छी खबर है, हर देश के लोग और नस्ल के आनन्दित होने का कारण है ।
हमारे प्रत्येक नैटिविटी दृश्यों में दर्शाए गए छोटे बच्चे ने पूरी दुनिया के लिए ईश्वर के हृदय के इस सत्य को प्रकट किया । जैसा कि यूहन्ना ने निकोदेमुस नाम के एक जिज्ञासु फरीसी के साथ मसीह की बातचीत के संबंध में लिखा था, “क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विशवस करे वह नष्ट न हो, परन्तु अनंत जीवन पाए” (यूहन्ना 3:16) ।
यीशु का उपहार सभी के लिए अच्छी खबर है । इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप धरती पर किस स्थान को अपना घर मानते हैं, यीशु का जन्म आपके लिए प्रेम और शांति की ईश्वर की पेशकश है । और सभी जो मसीह में नया जीवन पाते हैं, "हर एक कुल और भाषा और लोग और जाति में से” एक दिन परमेश्वर की महिमा का उत्सव हमेशा और हमेशा के लिए मनाएंगे (प्रकाशितवाक्य 5:9) ।

जब शांति फूट पड़ती है
1914 में बेल्जियम में एक ठंडी क्रिसमस की पूर्व संध्या पर, उन खंदकों से गायन की आवाज़ आती हुई सुनाई दी जहाँ सैनिक छिपे हुए थे l क्रिसमस प्रशंसागान(Carol) “धन्य रात” की लय पहले जर्मन भाषा में और फिर अंग्रेजी में सुनाई दी l सैनिक जो दिन के आरम्भ में एक दूसरे पर गोलियां बरसा रहे थे अपने हथियारों को रखकर अपने खंदकों से निकल कर दूसरे से हाथ मिलाने अवांतर भूमि(no man’s land) में आए और एक दूसरे के साथ क्रिसमस की शुभकामनाएं और अपने रसद में से स्वाभाविक उपहार एक दूसरे को दिए l अगले दिन भी युद्धविराम जारी रहा जब सैनिकों ने एक दूसरे से बातें की और हंसे और यहां तक कि एक साथ फुटबॉल मैच भी आयोजित किए ।
1914 का क्रिसमस युद्धविराम/truce जो प्रथम विश्व युद्ध के साथ पश्चिमी शरहद पर हुआ था ने पहले क्रिसमस की पूर्व संध्या पर घोषित स्वर्गदूतों की शांति की संक्षिप्त झलक पेश की । एक स्वर्गदूत ने इन आश्वस्त करनेवाले शब्दों के साथ घबराए हुए चरवाहों से बात की : “मत डरो; क्योंकि देखो, मैं तुम्हें बड़े आनंद का सुसमाचार सुनाता हूँ जो सब लोगों के लिए होगा, कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिए एक उद्धारकर्ता जन्मा है” (लूका 2:10–11) । तब स्वर्गदूतों का दल स्तुति करते हुए दिखाई दिया, “आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है, शांति हो” (पद.13–14) ।
यीशु "शांति का राजकुमार" है जो हमें हमारे पापों से बचाता है (यशायाह 9: 6)। क्रूस पर उनके बलिदान के माध्यम से वह क्षमा और परमेश्वर के साथ शांति प्रदान करता है जो उस पर भरोसा करते हैं।

तड़क-भड़क नहीं, केवल महिमा/प्रताप
वर्षों से मेरे बेटे, ज़ेवियर, के हाथ से बनायी गयी क्रिसमस की सजावट और दादी द्वारा उसे भेजे गए वार्षिक बेमेल खिलौने और सस्ती भड़कीली वस्तुओं को देखते हुए मैं समझ नहीं पा रही थी कि मैं क्यों अपनी सजावट से संतुष्ट नहीं थी l मैंने हमेशा प्रत्येक सजावट की रचनात्मकता और स्मृति को बहुमूल्य मानी थी जिसका हर एक सजावट प्रतिक था l तो, क्यों खुदरा दुकानों की छुट्टी का प्रदर्शन/डिस्प्ले पूरी तरह से मेल खाने वाले बल्बों, झिलमिलाती सजावटें और साटन रिबन के साथ सजी एक पेड़ को पाने की इच्छा मुझमें उत्पन्न कर रहा था?
जब मैं खुद को अपनी सादगीपूर्ण सजावट से दूर करना शुरू किया, मैंने एक लाल, दिल के आकार की सजावट को एक सरल वाक्यांश के साथ चित्रित देखा, जिस पर लिखा था - यीशु, मेरा उद्धारकर्ता । मैं यह कैसे भूल सकती थी कि मेरा परिवार और मसीह में मेरी आशाएं ही क्रिसमस मनाने के कारण हैं? हमारा साधारण ट्री स्टोर के सामने सजे पेड़ों के समान नहीं था, लेकिन हर सजावट के पीछे के प्यार ने इसे सुंदर बना दिया ।
हमारे साधारण ट्री की तरह, उद्धारकर्ता/Messiah संसार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा था (यशायाह 53:2) । यीशु “जाना [गया] और त्यागा [गया]” (पद.3) l फिर भी, प्यार के एक अद्भुत प्रदर्शन में, वह “हमारे अपराधों के कारण घायल किया गया” (पद.5) l हम शांति का आनंद ले सकें इसी कारण उस पर ताड़ना पड़ी (पद.5) l इससे अधिक खूबसूरत कुछ भी नहीं है ।
हमारी अपूर्ण सजावट और हमारे आदर्श उद्धारकर्ता के लिए नयी कृतज्ञता के साथ, मैंने तड़क-भड़क की लालसा बंद कर दी और परमेश्वर की महिमामय प्रेम के लिए उसकी प्रशंसा की । जगमगाती सजावट कभी भी उसके बलिदानी उपहार – यीशु - की सुंदरता से मेल नहीं खा सकते थे l

एक अच्छी पुस्तक के साथ समय
छोटा सा देश आइसलैंड पाठकों का देश है । वास्तव में, यह बताया गया कि प्रत्येक वर्ष यह देश किसी भी अन्य देश की तुलना में प्रति व्यक्ति अधिक पुस्तकें प्रकाशित करता और पढ़ता है । क्रिसमस की पूर्व संध्या पर, आइसलैंड के लोगों के लिए परिवार और दोस्तों को किताबें देना और फिर रात में देर तक पढ़ना एक परंपरा है । यह परंपरा द्वितीय विश्व युद्ध के समय की है, जब आयात प्रतिबंधित था लेकिन कागज सस्ता था । आइसलैंड के प्रकाशकों ने शरद ऋतु के बाद तक नयी पुस्तकें बाज़ार में भरना शुरू कर दिया । अब देश के नए रिलीज/प्रकाशन की एक सूची नवंबर के मध्य में आइसलैंड के प्रत्येक घर को भेजी जाती है । इस परंपरा को क्रिसमस बुक फ्लड के नाम से जाना जाता है ।
हम आभारी हो सकते हैं कि ईश्वर ने बहुतों को एक अच्छी कहानी गढ़ने और दूसरों को अपने शब्दों के माध्यम से शिक्षित करने, प्रोत्साहित करने या प्रेरित करने की क्षमता प्रदान की है । एक अच्छी किताब जैसा कुछ नहीं है! सबसे ज्यादा बिकने वाली किताब, बाइबल, कई लेखकों द्वारा लिखी गई थी, जिन्होंने काव्य और गद्य में लिखी थी - कुछ महान कहानियाँ, कुछ उतनी नहीं - लेकिन सब प्रेरित l जैसा कि प्रेरित पौलुस ने तीमुथियुस को याद दिलाया था, “सम्पूर्ण पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है और उपदेश, और समझाने, और सुधारने, और धर्म की शिक्षा के लिए लाभदायक है” (2 तीमुथियुस 3:16–17) । बाइबल को पढ़ना, प्रेरित करता है, दोष सिद्ध करता है और उसके लिए जीने में हमारी मदद करता है - और हमें सच्चाई में मार्गदर्शन करता है (2:15) ।
जब हम पढ़ते हैं, तो सबसे महान पुस्तक, बाइबल को पढ़ने का समय निकालना न भूलें ।