गानेवाले का हृदय
शनिवार सुबह 6:33 बजे स्तुति गीत निचली मंजिल की ओर प्रवाहित हुआ । मैं नहीं सोचता हूँ कि कोई और जाग रहा था, लेकिन मेरी सबसे छोटी बेटी की कर्कश आवाज ने मुझे गलत साबित कर दिया । वह मुश्किल से होश में थी, लेकिन उसके होठों पर पहले से ही एक गीत था ।
मेरी सबसे छोटी बेटी एक गायक है । वास्तव में, वह गा नहीं सकती है । जब वह जागती है तो वह गाती है । जब वह स्कूल जाती है । जब वह बिस्तर पर जाती है । वह अपने दिल में एक गीत के साथ पैदा हुई थी - और ज्यादातर समय, उसके गाने यीशु पर केंद्रित होते हैं । वह कहीं भी, कभी भी परमेश्वर की स्तुति करती है l
मुझे अपनी बेटी की आवाज की सादगी, भक्ति और ईमानदारी पसंद है । उसका सहज और हर्षित गीत पूरी बाइबल में पायी जाने वाली परमेश्वर की स्तुति के लिए गूंजता है । भजन 95 में, हम पढ़ते हैं, “आओ हम यहोवा के लिये ऊंचे स्वर से गाएँ, अपने उद्धार की चट्टान का जयजयकार करें” (पद.1) l आगे पढ़ते हुए, हम सीखते हैं कि यह प्रशंसा इस बात की समझ से प्रवाहित होती है कि वह कौन है (क्योंकि यहोवा महान् ईश्वर है, और सब देवताओं के ऊपर महान् राजा है,” पद.3) – और हम जिसके हैं (क्योंकि वही हमारा परमेश्वर है, और हम उसकी चराई की प्रजा . . . हैं,” पद.7) l
मेरी बेटी के लिए, वे सच्चाइयाँ सुबह में उसका पहला विचार है l परमेश्वर की कृपा से, यह छोटी सी उपासक हमें उसके लिए गाने के आनंद का गहरा स्मरण कराती है l

धीमा लेकिन निश्चित
मैं एक पुराने दोस्त के पास गया जिसने मुझे बताया कि वह क्या कर रहा है, लेकिन मैं मानता हूं कि वह इतना अच्छा लग रहा रहा था पर सच नहीं l हालांकि, उस बातचीत के कुछ महीनों के भीतर, उसका बैंड(band) हर जगह था - रेडियो पर शीर्ष एकल स्थिति अंकित करने से लेकर टीवी विज्ञापनों के अंतर्गत एक हिट गाने के स्पंदित होने तक । प्रसिद्धि तक उसकी उन्नति त्वरित थी ।
हम महत्व और सफलता से ग्रस्त हो सकते हैं – बड़ा और नाटकीय, त्वरित और आकाशी l लेकिन सरसों के बीज और खमीर के दृष्टांत राज्य (पृथ्वी पर परमेश्वर का राज्य) के तरीके की तुलना छोटी, छिपी हुई, और महत्वहीन प्रतीत होने वाली चीजों से होती है जिनका काम धीमा और नियमित है ।
राज्य अपने राजा की तरह है । मसीह का मिशन उसके जीवन में एक बीज की तरह, पराकाष्ठा पर पहुंचा, जो जमीन में दफन किया गया; खमीर की तरह, आटे में छिपा हुआ l फिर भी वह जीवित हो उठा l जैसे कोई पेड़ मिटटी से बाहर निकल रहा हो, जैसे रोटी जब उसे गर्मी मिलती है l यीशु जी उठा l
हमें उसके मार्ग के अनुसार जीने के लिए आमंत्रित किया गया है, मार्ग जो कायम रहने वाला और सभी जगह फैलने वाला है l परीक्षाओं का सामना करके मामलों को अपने हाथों में लेते हुए, सामर्थ्य को पकड़ने का प्रयास करते हुए, उससे निकले परिणाम द्वारा संसार में अपने व्यवहार को न्यायसंगत ठहराना l परिणाम – “एक ऐसा पेड़ . . . कि आकाश के पक्षी आकर उसकी डालियों पर बसेरा [करें]” (पद.32) और रोटी जो भोज का प्रबंध करती है – मसीह का कार्य होगा, हमारा नहीं l

प्रचार करना या हल जोतना
परिवार की दंतकथा के अनुसार, दो भाई, एक का नाम बिली और दूसरा मेल्विन एक दिन परिवार के डेयरी फार्म में खड़े थे, जब उन्होंने एक हवाई जहाज को कुछ धूम्र लेख(sky writing) करते देखा । लड़कों ने देखा कि विमान ने ऊपर “GP” अक्षर लिख दिया l
दोनों भाइयों ने फैसला किया कि उन्होंने जो देखा, वह उनके लिए मायने रखता था । एक ने सोचा कि इसका मतलब है “(जाओ प्रचार करो Go Preach l” दूसरे ने इसे “जाओ हल चलाओ Go Plow” पढ़ा l बाद में, लड़कों में से एक बिली ग्राहम ने सुसमाचार प्रचार के लिए खुद को समर्पित किया, जो सुसमाचार प्रचार का प्रतीक बन गया । उनके भाई मेल्विन ने कई वर्षों तक परिवार के डेयरी फार्म को ईमानदारी से चलाया ।
स्काई राइटिंग एक ओर संकेत करता है, अगर परमेश्वर ने बिली को उपदेश देने के लिए बुलाया और मेल्विन को हल चलाने के लिए, जैसी कि स्थिति लगती है, वे दोनों ने अपने कार्यों के द्वारा परमेश्वर को सम्मानित किया । जबकि बिली का लंबे समय तक प्रचार रहा, उनकी सफलता का मतलब यह नहीं है कि उनके भाई को हल चलाने के लिए बुलाने की आज्ञा का पालन करना कम महत्वपूर्ण था ।
जब कि परमेश्वर कुछ को उस सेवा में बुलाता है जिसे हम पूर्ण-कालिक सेवा (इफिसियों 4:11-12) कहते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि अन्य नौकरियों और भूमिकाओं में जो हैं वह महत्वपूर्ण नहीं कर रहे हैं l दोनों ही मामलों में, जैसा कि पौलुस ने कहा, “हर एक अंग के ठीक-ठीक कार्य करने” की ज़रूरत है” (पद.16) l इसका मतलब है कि यीशु द्वारा हमें दिए गए उपहारों का ईमानदारी से उपयोग करके उसका सम्मान करना l जब हम ऐसा करते हैं, चाहे हम "प्रचार करते हैं" या "हल चलाते हैं,” तो हम यीशु के लिए जहाँ हम सेवा करते हैं या काम करते हैं, वहाँ परिवर्तन ला सकते हैं ।

एक साथ उन्नतिशील
मेरे पति एलन, गगन चुम्बी लाईटों के नीचे क्रिकेट मैदान में खड़े होकर उसे रौशन कर रहे थे, जब विरोधी टीम के एक सदस्य ने एक गेंद को हवा में मारा । गेंद पर निगाह रखने के साथ, एलन ने मैदान के सबसे गहरे कोने की ओर पूरी गति से दौड़ लगाई - और बाड़े में जा घुसा l
उस रात, मैंने उसे एक आइस(बर्फ) पैक दिया। "क्या तुम ठीक महसूस कर रहे हो?" मैंने पूछा । उसने अपना कंधा रगड़ा । फिर वह बोला, “मुझे अच्छा लगता अगर मेरे दोस्त मुझे चेतावनी देते कि मैं बाड़े के पास पहुंच रहा हूं ।“
जब टीमें एक साथ काम करती हैं तो सर्वोत्तम काम करती हैं । एलन को चोट नहीं लगती, यदि उसका एक साथी भी चेतावनी दे देता जब वह बाड़े के पास निकट पहुँच रहा था l
पवित्रशास्त्र हमें याद दिलाता है कि चर्च के सदस्यों को एक साथ काम करने और एक टीम की तरह एक दूसरे का ध्यान रखने के लिए बनाया गया गया है l प्रेरित पौलुस हमें बताता है कि परमेश्वर इस बात की परवाह करता है कि हम एक-दूसरे के साथ कैसे बातचीत करते हैं, क्योंकि एक व्यक्ति का कार्य विश्वासियों के पूरे समुदाय पर प्रभाव डाल सकता है (कुलुस्सियों 3:13–14) । जब हम सभी एक-दूसरे की सेवा करने के अवसरों को अपनाते हैं, तो पूरी तरह से एकता और शांति के लिए समर्पित, चर्च पनपता है (पद.15) ।
पौलुस ने अपने पाठकों को निर्देश दिया कि “मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो, और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ और चिताओं, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिए भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाए” (पद.16) l इस तरह हम एक-दूसरे को प्यार और ईमानदार रिश्तों के द्वारा प्रेरित और सुरक्षित कर सकते हैं, कृतज्ञ हृदयों के साथ परमेश्वर का आज्ञापालन और प्रशंसा कर सकते हैं - एक साथ उन्नतशील l

परमेश्वर हमें थामता है
दक्षिण अफ्रीका का एक व्यक्ति जिसका नाम फ्रेडीब्लोम है, 2018 में 114 वर्ष का हो गया, जिसे सबसे वृद्ध जीवित व्यक्ति के रूप में मान्यता मिली । 1904 में जन्मे, वह दोनों विश्व युद्ध, रंगभेद और आर्थिक मंदी में जीवित था । जब उसकी लंबी उम्र का रहस्य पूछा गया, तो उसने केवल अपने कंधे उचकाए l हम में से कई लोगों की तरह, उसने हमेशा उन खाद्य पदार्थों और प्रथाओं को नहीं चुना जो तंदुरुस्ती बढाते हैं l हालाँकि, वह अपने उल्लेखनीय स्वास्थ्य के लिए एक कारण अवश्य प्रस्तुत करता है : “केवल एक ही चीज़ है, और वह [परमेश्वर] है । उसके पास सारी शक्ति है . . . वह मुझे थामता है l”
यह उन शब्दों के समान है जो परमेश्वर ने इस्राएल से कहे थे, जब वह राष्ट्र भयंकर दुश्मनों के उत्पीड़न के तहत कुम्हला गया । परमेश्वर ने प्रतिज्ञा की, “मैं तुझे दृढ़ करूँगा और तेरी सहायता करूँगा, अपने धर्ममय दाहिने हाथ से मैं तुझे संभाले रहूँगा” (यशायाह 41:10) l कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनकी स्थिति कितनी निराशाजनक थी, कितनी मुश्किल कठिनाई है कि क्या वे कभी राहत पाएंगे, परमेश्वर ने अपने लोगों को आश्वासन दिया कि वे उसकी कोमल देखभाल में थामे गए थे । “मत डर, क्योंकि मैं तेरे संग हूँ,” उसने दृढ़ता से कहा l “इधर उधर मत ताक, क्योकि मैं तेरा परमेश्वर हूँ” (पद.10) l
कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमें कितने साल दिए गए हैं, जीवन की कठिनाइयां हमारे दरवाजे पर दस्तक देंगी । एक परेशान विवाह । परिवार को त्यागने वाला बच्चा । चिकित्सक से भयभीत करनेवाला समाचार प्राप्त करना । यहां तक कि सताव भी । हालाँकि, हमारा परमेश्वर हमारे पास पहुँचता है और हमें दृढ़ता से थामता है । वह हमें अपने मजबूत, कोमल बाहों में समेट कर थामता है l