मैं यहाँ कैसे पहुंचा?
तारा एयर कनाडा जेट विमान के अन्दर घोर अँधेरे में जागी l अभी भी अपनी सीट बेल्ट पहनी हुई, वह सो गई थी जबकि अन्य यात्री बाहर निकल गए और विमान को खड़ा कर दिया गया था l किसी ने उसे क्यों नहीं जगाया? वह यहां कैसे पहुंची? उसने अपने दिमाग के जालों को हटाया और याद करने की कोशिश की l
क्या आपने खुद को ऐसी जगह पाया है जिसकी आपने कभी उम्मीद नहीं की थी? आप इस बीमारी से ग्रस्त होने के लिए बहुत छोटे हैं, और यह लाइलाज है l आपकी अंतिम समीक्षा उत्कृष्ट थी; आपके पद को क्यों समाप्त किया जा रहा है? आप अपनी शादी के सबसे अच्छे वर्षों का आनंद ले रहे थे l अब आप एक अंशकालिक नौकरी के साथ एकल अभिभावक के रूप में फिर से शुरुआत कर रहे हैं l
मैं यहाँ कैसे पहुंचा? अय्यूब ने “राख पर” (अय्यूब 2:8) बैठ कर सोचा होगा l कुछ ही समय में, उसने पूरी तौर से अपने बच्चों, अपने धन और अपने स्वास्थ्य को खो दिया था l वह अनुमान नहीं लगा सकता था कि वह यहाँ कैसे पहुंचा; वह सिर्फ इतना जानता था कि उसे याद रखना है l
अय्यूब ने अपने सृष्टिकर्ता को याद किया और कि वह कितना अच्छा था l उसने अपनी पत्नी से कहा, “क्या हम जो परमेश्वर के हाथ से सुख लेते हैं, दुःख न लें? अय्यूब को याद था कि वह इस अच्छे परमेश्वर पर विश्वासयोग्य होने के लिए उस पर भरोसा कर सकता था l और उसने खेद प्रगट किया l वह स्वर्ग पर चिल्लाया l और वह आशा में विलाप किया, “मुझे निश्चय है कि मेरा छुड़ानेवाला जीवित है,” और कि “मैं शरीर में होकर [उसका] दर्शन करूँगा” (19:25-26) l अय्यूब आशा को थामे रहा जब उसने याद किया कि कहानी किस प्रकार शुरू हुई और कैसे समाप्त होती है l

मछली पकड़ना मना है
प्रलय उत्तरजीवी(Holocaust Surviver) कोरी टेन बूम को क्षमा का महत्व पता था l अपनी किताब में, वह कहती है कि उसकी पसंदीदा मानसिक तस्वीर समुद्र में फेंके गए पापों की थी l “जब हम अपने पापों को मान लेते हैं, परमेश्वर उनको गहरे समुद्र में फेंक देता है, पाप हमेशा के लिए चले गए . . . मेरा मानना है कि उसके बाद परमेश्वर एक संकेत लगा देता है जो कहता है कि वहाँ मछली पकड़ने की अनुमति नहीं है l”
वह एक महत्वपूर्ण सत्य की ओर इशारा करता है जो यीशु में विश्वासी कभी-कभी समझ नहीं पाते हैं - जब परमेश्वर हमारे अधर्म को क्षमा कर देता है, तो हम पूरी तरह से क्षमा कर दिए जाते हैं! हमें अपने शर्मनाक कामों को उखाड़ते नहीं रहना है, गंदी भावनाओं के कीचड़ में लोटना l इसके बदले हम उसके अनुग्रह और क्षमा को स्वीकार कर सकते हैं, स्वतंत्रता में उसका अनुसरण करते जाएँ l
हम भजन 130 में “मछली पकड़ना मना है” के विचार को देखते हैं l भजनकार घोषणा करता है कि यद्यपि परमेश्वर न्यायी है, वह पश्चाताप करने वालों के पाप को क्षमा करता है : “परन्तु तू क्षमा करनेवाला है” (पद.4) l जब कि भजनकार परमेश्वर में अपना भरोसा रखते हुए उसकी प्रतीक्षा करता है (पद.5), वह विश्वास में बोलता है कि “इस्राएल को उसके सारे अधर्म के कामों से वही छुटकारा देगा” (पद.8) l उस पर विशवास करनेवाले “पूरा छुटकारा” प्राप्त करेंगे (पद.7) l
जब हम शर्म और अयोग्यता की भावनाओं में फंस जाते हैं, तो हम अपने पूरे दिल से परमेश्वर की सेवा नहीं कर सकते l इसके बजाय, हम अपने अतीत से प्रतिबंधित होते हैं l यदि आप अपने द्वारा किए गए गलत कार्य से निरुपाय महसूस करते हैं, तो परमेश्वर से क्षमा याचना और नए जीवन के उपहार में पूरी तरह से विश्वास करने में आपकी सहायता करने के लिए कहें l उसने आपके पापों को समुद्र में डाल दिया है!

फसल तक विश्वासयोग्य
एक स्त्री को मैं जानता हूँ जिसने एक स्थानीय पार्क में एक कार्यक्रम आयोजित की और पड़ोस के बच्चों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया l वह अपने पड़ोसियों के साथ अपने विश्वास को साझा करने के अवसर के विषय उत्तेजित थी l
उसने अपने तीन नाती-पोते और दो हाई स्कूल विद्यार्थियों को उसकी सहायता करने के लिए तैयार किया, उन्हें काम दिया, कई खेल और दूसरी गतिविधियों की योजना बनायी, भोजन तैयार किया, बच्चों को बताने के लिए यीशु के विषय बाइबल की एक कहानी तैयार की, और उनके इकट्ठे होने का इंतज़ार किया l
पहले दिन एक भी बच्चा नहीं आया l या दूसरे दिन l या तीसरे दिन l फिर भी, हर दिन मेरे मित्र ने अपने नाती-पोते और सहयोगियों के साथ उस दिन की गतिविधियों को पूरा किया l
चौथे दिन, उसने एक परिवार को निकट ही पिकनिक मानते देखा और बच्चों को खेल में भाग लेने के लिए आमंत्रित की l एक छोटी लड़की आई, आनंद में भाग ली, उनके साथ भोजन की, और यीशु के विषय कहानी सुनी l शायद अभी से सालों बाद वह उसे याद करेगी l किसे मालुम है कि परिणाम क्या होगा? परमेश्वर, गलतियों की किताब से, हमें उत्साहित करता है, “हम भले काम करने में साहस न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे l इसलिए जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करे” (6:9-10) l
संख्या अथवा सफलता के दृश्य मानकों की चिंता न करें l हमारा काम है कि वह हमें जो काम देता है उसके प्रति विश्वासयोग्य रहें और फिर परिणाम उस पर छोड़ दें l परमेश्वर परिणाम निर्धारित करता है l

निराशाजनक स्थानों में उज्जवल पुंजदीप
जब मेरे पति और मैं कर्नाटक राज्य के एक छोटे, बीहड़ स्थान की खोज कर रहे थे, तो मैंने एक चट्टानी, सूखी जगह पर एक सूरजमुखी का पौधा देखा, जहाँ काँटेदार नागफनी(cactus) और अन्य खरपतवार उगे हुए थे l यह घरेलू सूरजमुखी जितना लंबा तो नहीं था, लेकिन वह उतना ही उज्ज्वल था - और मुझे खुशी महसूस हुई l
इस उबड़-खाबड़ स्थान में यह अप्रत्याशित उज्ज्वल स्थान मुझे याद दिलाता है कि कैसे यीशु में विश्वासियों के लिए भी, जीवन, बंजर और निराश लग सकता है l मुसीबतें अजेय लग सकती हैं, और भजनकार दाऊद के रोने की तरह, हमारी प्रार्थनाएँ कभी-कभी अनसुनी सी महसूस होती हैं : “हे यहोवा, कान लगाकर मेरी सुन ले, क्योंकि मैं दिन और दरिद्र हूँ” (भजन संहिता 86: 1) l उसकी तरह, हम भी आनंद के लिए लालायित होते हैं (पद.4) l
लेकिन दाऊद आगे बढ़ते हुए घोषित करता हैं कि हम एक विश्वासयोग्य (पद.11), “दयालु और अनुग्रहकारी परमेश्वर” (पद.15), की सेवा करते हैं (पद.15), जो उन्हें जो उसे “पुकारते हैं उन सभों के लिए . . . अति करुनामय है” (पद.5) l वह निश्चय उत्तर देता है (पद.7) l
कभी-कभी उजाड़ स्थानों में, परमेश्वर एक सूरजमुखी भेजता है - एक उत्साहजनक शब्द या एक मित्र की ओर से एक पत्र; एक आरामदायक पद या बाइबल सन्देश; एक सुन्दर सूर्योदय – जो हमें आशा के साथ एक हलके कदम से आगे बढ़ने में मदद करता है l यहां तक कि जब हम उस दिन का इंतज़ार करते हैं, जब हम अपनी कठिनाई से परमेश्वर के छुटकारा का अनुभव करेंगे, हम भजनकार के साथ घोषणा करने में शामिल हों, “ तू महान् और आश्चर्यकर्म करनेवाला है, केवल तू ही परमेश्वर है” (पद.10) l

परमेश्वर के साथ कार्य करना
अपनी 1962 की मैक्सिको यात्रा के दौरान, बिल ऐश ने एक अनाथालय में पवनचक्की हैंड पंप(windmill hand pump) को ठीक करने में मदद की l पंद्रह साल बाद, जरूरतमंद गांवों को साफ पानी उपलब्ध कराने में मदद करके ईश्वर की सेवा करने की गहरी इच्छा से प्रेरित होकर बिल ने एक गैर-लाभकारी संगठन की स्थापना की l उन्होंने कहा, गाँव के गरीबों के लिए सुरक्षित पेयजल लाने की इच्छा वाले दूसरों को खोजने के लिए “परमेश्वर ने मुझे ‘समय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए’ जगाया l” बाद में, 100 से अधिक देशों के हजारों पास्टर और सुसमाचार प्रचारकों के अनुरोध के माध्यम से सुरक्षित पानी की वैश्विक आवश्यकता के बारे में जानने के बाद, बिल ने दूसरों को सेवा के प्रयासों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया l
परमेश्वर हमें विभिन्न तरीकों से उसके और दूसरों के साथ सेवा करने के लिए स्वागत करता है l जब कुरिन्थुस के लोगों ने तर्क दिया कि वे किन शिक्षकों को पसंद करते हैं, तो प्रेरित पौलुस ने यीशु के सेवक और अपुल्लोस, के एक सहयोगी के रूप में अपनी भूमिका की पुष्टि की, जो आध्यात्मिक विकास के लिए पूरी तरह से परमेश्वर पर निर्भर था (1 कुरिन्थियों 3: 1-7) l वह हमें याद दिलाता है कि सभी कार्यों में ईश्वर प्रदत्त मूल्य है (पद. 8) l उसकी सेवा करते हुए दूसरों के साथ काम करने के विशेषाधिकार को स्वीकार करते हुए, पौलुस हमें एक दूसरे का निर्माण करने के लिए प्रोत्साहित करता है जब वह हमें प्यार में बदलता है (पद.9) l
यद्यपि हमारे पराक्रमी पिता को अपने महान कार्यों को पूरा करने के लिए हमारी सहायता की आवश्यकता नहीं है, फिर भी वह हमें समर्थ करता है और अपने साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित करता है l