
परमेश्वर की सच्चाई
सी.एस. ल्युईस की द क्रोनिकल्स ऑफ़ नार्निया : द लायन, द विच एंड द वॉर्डरोब (The Chronicles of Narnia : The Lion, the Witch and the Wardrobe) में, सम्पूर्ण नार्निया(काल्पनिक दुनिया) रोमांचित है जब एक शक्तिशाली शेर असलान लम्बे समय की अनुपस्थिति के बाद फिर से प्रकट होता है l हालंकि, उनका आनंद दुःख में बदल जाता है, जब असलान बुरी व्हाइट जादूगरनी द्वारा की गयी मांग को स्वीकार करता है l असलान की स्पष्ट हार का सामना करते हुए, नार्निया के लोग उसकी शक्ति का अनुभव करते हैं, जब वह एक गगनभेदी गर्जन का कारण बनता है, जिससे जादूगरनी आतंकित होकर भाग जाती है l हालाँकि, ऐसा लगता है कि सब कुछ खो गया है, असलान अंततः खलनायक जादूगरनी से बड़ा साबित होता है l
ल्युईस के रूपक में असलान के अनुयायियों की तरह, एलिशा का नौकर तब निराश हो गया जब वह एक सुबह उठकर खुद को और एलिशा को एक दुश्मन सेना से घिरा हुआ देखा l “हाय ! मेरे स्वामी, हम क्या करें?” वह चिल्लाया (2 राजा 6:15) l नबी की प्रतिक्रिया शांत थी : “मत डर . . . . जो हमारी ओर हैं, वह उन से अधिक हैं, जो उनकी ओर हैं l” तब एलिशा ने प्रार्थना की, “हे यहोवा, इसकी आँखें खोल दे कि यह देख सके” (पद.17) l इसलिए, “यहोवा ने सेवक की आँखें खोल दीं, और जब वह देख सका, तब क्या देखा कि एलिशा के चारों ओर का पहाड़ अग्निमय घोड़ों और रथों से भरा हुआ है” (पद.17) l हालाँकि, पहले-पहल चीजें नौकर की नज़र से ख़राब लग रहीं थीं, परमेश्वर की सामर्थ्य अंततः दुश्मन की भीड़ से अधिक साबित हुयी l
हमारी कठिन परिस्थितियाँ हमें विश्वास दिला सकती हैं कि सब खो गया है, लेकिन परमेश्वर हमारी आँखें खोलने की इच्छा रखता है और प्रकट करता है कि वह बड़ा है l
अकल्पनीय
बार्ट मिल्लार्ड ने 2001 में एक अत्यंत लोकप्रिय गीत लिखा, “आई कैन ओन्ली इमेजिन(I Can Only Imagine) l” यह गीत मसीह की उपस्थिति में कितना अद्भुत होगा को चित्रित करता है l मिल्लार्ड के गीतों ने हमारे परिवार को अगले वर्ष यह दिलासा दिया जब हमारी सत्रह वर्षीय बेटी मेलिसा की कार दुर्घटना में मृत्यु हो गयी और हमने कल्पना की कि उसके लिए परमेश्वर की उपस्थिति में होना यह कैसा था l
लेकिन कल्पना कीजिये(imagine) ने मेल(Mell) की मृत्यु के बाद के दिनों में मुझसे एक भिन्न तरीके से बात की l जब मेलिसा के मित्रों के पिता लोगों ने चिंता और दर्द से पूर्ण, मुझसे संपर्क किया, उन्होंने कहा, “मैं कल्पना नहीं कर सकता कि आपके ऊपर क्या बीत रही है l”
उनके भाव सहायक थे, यह दिखाते हुए कि वे हमारे नुक्सान के साथ सहानुभूति के साथ जूझ रहे थे – यह अकल्पनीय लग रहा था l
दाऊद ने बड़े नुक्सान की गहराई को इंगित किया जब उसने “घोर अन्धकार से भरी हुई घाटी” में से चलने का वर्णन किया (भजन 23:4) l किसी प्रियजन की मृत्यु निश्चित रूप से ऐसी है, और हमें कभी-कभी यह पता नहीं होता है कि हम अँधेरे को कैसे पार करेंगे l हम कभी भी दूसरी तरफ जाने की कल्पना नहीं कर सकते l
लेकिन जैसा कि परमेश्वर ने हमारे साथ हमारी सबसे अँधेरी घाटी में रहने का वादा किया है, वह हमें यह आश्वासन देकर भविष्य के लिए बहुत आशा प्रदान करता है कि घाटी से परे हम उसकी उपस्थिति में होंगे l एक विश्वासी के लिए, “देह से अलग” होने का मतलब है उसके साथ मौजूद होना (2 कुरिन्थियों 5:8) l जैसा कि हम अपने भविष्य में उससे और दूसरों से पुनर्मिलन की कल्पना करते हैं, उससे हमें अकल्पनीय में चलने में सहायता मिलती है l

सर्वदा उपस्थित उपस्थिति
2018 विश्व कप के दौरान, कोलम्बियाई फॉरवर्ड रेडमेल फाल्काओ ने पोलैंड के खिलाफ सातवें मिनट में गोल करके, एक जीत हासिल की l फाल्काओ का अंतर्राष्ट्रीय खेल में यह तीसवाँ प्रभावशाली गोल था, जिसने उसे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक कोलम्बियाई खिलाड़ी द्वारा सबसे अधिक गोल करने का गौरव दिलाया l
फाल्काओ ने बार-बार एक अंक प्राप्त करने के बाद अपनी जर्सी को उठाकर कॉन ननकाएस्तारा सोलो : “यीशु के साथ आप कभी भी अकेले नहीं है” लिखे हुए शब्दों के साथ अपनी शर्ट को दिखाकर अक्सर अपने विश्वास को साझा करने के लिए फुटबॉल पिच पर अपनी सफलता का इस्तेमाल किया l
फाल्काओ का कथन हमें यीशु के आश्वासन पूर्ण प्रतिज्ञा की ओर इंगित करता है, “मैं जगत के अंत तक सदा तुम्हारे संग हूँ” (मत्ती 28:20) l यह जानकार कि वह स्वर्ग लौटने वाला था, यीशु ने अपने चेलों को यह विश्वास दिलाया कि वह हमेशा अपनी आत्मा की उपस्थिति के द्वारा उनके साथ रहेगा, (पद.20); यूहन्ना 14:16-18) l मसीह की आत्मा उन्हें निकट और दूर के शहरों में यीशु के सन्देश को ले जाने के समय उन्हें आराम, मार्गदर्शन, संरक्षण देगी और सशक्त बनाएगी l जब वे अपरिचित स्थानों में तीव्र अकेलेपन के समयों का अनुभव करेंगे, तो मसीह के शब्द उनके कानों में गूंजेंगे, उनके साथ उसकी उपस्थिति की याद दिलाएगा l
कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कहाँ जाते हैं, चाहे वह घर के करीब हो या दूर, जैसा कि हम अज्ञात में यीशु का अनुसरण करते हैं, हम भी इसी वादे से बंध सकते हैं l यहाँ तक कि जब हम अकेलेपन की भावनाओं का अनुभव करते समय, यीशु से प्रार्थना करते हैं, हम यह जानकार कि वह हमारे साथ है हम आराम पा सकते हैं l

प्रेम में विभाजित
जब सिंगापुर के एक विवादास्पद कानून पर सार्वजनिक बहस छिड़ गयी, तो उसने विश्वासियों को अलग-अलग विचारों से विभाजित किया l कुछ ने दूसरों को “संकीर्ण सोच वाले” कहा या उन पर अपने विश्वास से समझौता करने का आरोप लगाया l
विवादों से परमेश्वर के परिवार के बीच तीखे मतभेद पैदा हो सकते हैं, जिससे लोग बहुत आहात और हतोत्साहित होंगे l मैं अपने जीवन पर बाइबल की शिक्षाओं को कैसे लागू करूँ, इस पर व्यक्तिगत आक्षेपों को महसूस करने में मैंने खुद को दीन पाया है l और मुझे यकीन है कि मैं दूसरों की अओचना करने के लोए सामान रूप से दोषी हूँ, जिनसे मैं असहमत हूँ l
मुझे आश्चर्य है कि शायद समस्या हमारे विचार क्या हैं या उनको व्यक्त करने के तरीके में नहीं है, परन्तु ऐसा करते समय हमारे हृदयों के नजरिये में है l क्या हम सिर्फ विचारों से असहमत हैं या उनके पीछे के व्यक्तित्वों को फाड़ने की कोशिश कर रहे हैं?
फिर भी ऐसे समय होते हैं जब हमें झूठी शिक्षा को संबोधित करने या अपने रुख को स्पष्ट करने की आवश्यकता होती है l इफिसियों 4:2-6 हमें दीनता, नम्रता, धीरज और प्रेम के साथ ऐसा करने की याद दिलाता है l और, सब से ऊपर, “आत्मा की एकता रखने” के लिए हर प्रयास करने के लिए (पद.3) l
कुछ विवाद अनसुलझे रहेंगे l हालाँकि, परमेश्वर का वचन हमें याद दिलाता है कि हमारा लक्ष्य हमेशा लोगों के विश्वास का निर्माण करना होना चाहिए, उन्हें फाड़ना नहीं चाहिए (पद. 29) l क्या हम एक तर्क जीतने के लिए दूसरों को नीचे रख रहे हैं? या क्या हम परमेश्वर को अपने समय और अपने तरिके से उसकी सच्चाइयों को समझने में मदद करने की अनुमति दे रहे हैं, यह याद करते हुए कि हम एक परमेश्वर में एक विश्वास साझा करते हैं? (पद.4-6) l

गरजनेवाला चूहा
कई साल पहले मैंने और मेरे बेटों ने पहाड़ों पर एक जंगल में कैम्पिंग करके कुछ दिन गुज़ारे l
यह स्थान एक टाइगर रिज़र्व था, लेकिन हमने किसी भी अप्रिय मुठभेड़ से बचने के लिए यथासंभव सुरक्षित रहने की कोशिश की l
एक शाम, आधी रात में, मैंने सुना मानो रोहित, मेरा बेटा अपने डेरे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है l मैंने अपनी टोर्च उठाकर उसे चालु कर दिया, इस अपेक्षा से कि वह वास्तविक खतरे में है l
वहाँ, अपने कूबड़ पर सीधा बैठा और हवा में अपने पंजे लहराता हुआ, लगभग 4 इंच “ऊँचा एक चूहा था l उसने मजबूती से अपने दाँतों से रोहित की टोपी पकड़े हुए था l उस छोटे प्राणी ने पूरी ताकत से रोहित की टोपी खींचकर उसके सिर से उतार ली l जब मैं हँसा, वह चूहा टोपी गिराकर रफूचक्कर हो गया l हम वापस अपने तम्बू में चले गए l मैं, हालाँकि, पूरी तरह जागा रहा, और सो न सका और एक और लुटेरा – शैतान – के बारे में सोचता रहा l
शैतान द्वारा यीशु की परीक्षा पर विचार करें (मत्ती 4:1-11) l उसने पवित्रशास्त्र से परीक्षाओं का सामना किया l प्रत्येक उत्तर के साथ, यीशु ने खुद को याद दिलाया कि परमेश्वर ने इस मुद्दे पर बात की थी और इसलिए वह अवज्ञा नहीं करेगा l इससे शैतान भाग गया l
हालाँकि शैतान हमें खा जाना चाहता है, यह याद रखना अच्छा है कि वह उस छोटे क्रितंक(कुतरने वाला जानवर) की तरह रचा गया प्राणी है l यूहन्ना ने कहा, “जो [हममें] है वह उस से जो संसार में है बड़ा है” ( 1 यूहन्ना 4:4) l