श्रेणी  |  odb

ट्रैक(पटरी) पर कैसे रहें

संसार के सबसे तेज दृष्टिहीन धावक के रूप में, यु.एस. पैरालिम्पिक टीम के डेविड ब्राउन ने अपनी जीत का श्रेय परमेश्वर, अपनी माँ की प्रारंभिक सलाह (“यहाँ वहाँ बैठना नहीं”), और अपने साथ दौड़ने वाले मार्गदर्शक – अनुभवी तेज़ धावक जेरोम एवरी को दिया l ब्राउन की उँगलियों के साथ एक रस्सी से बंधे हुए रहकर एवरी शब्दों और स्पर्शों के साथ ब्राउन के दौड़ जीतने को निर्देशित करता है l 

ब्राउन कहता है, “यह उनके संकेतों को सुनने के बारे में है,” 200 मीटर की दौड़ में जहाँ ट्रैक मुड़ता है, वह व्यापक रूप से घूम सकता है l ब्राउन कहते हैं, “हम दिन-प्रतिदिन, दौड़ रणनीतियों को दोहराते हैं, परस्पर संवाद करते हैं – केवल मौखिक संकेत नहीं, बल्कि भौतिक संकेत l”

हमारे अपने जीवन की दौड़ में, हम एक दिव्य मार्गदर्शक को पाकर धन्य हैं l हमारा सहायक, पवित्र आत्मा, हमारे क़दमों का नेतृत्व करता है जब हम उसका अनुसरण करते हैं l यूहन्ना ने लिखा, “मैं ने ये बातें तुम्हें उन के विषय में लिखी हैं, जो तुम्हें भरमाते हैं” (1 यूहन्ना 2:26) l “परन्तु तुम्हारा वह अभिषेक जो उसकी ओर से किया गया, तुम में बना रहता है; और तुम्हें इसका प्रयोजन नहीं कि कोई तुम्हें सिखाए, वरन् वह अभिषेक जो उसकी ओर से किया गया तुम्हें सब बातें सिखाता है, और यह सच्चा है और झूठा नहीं; और जैसा उसने तुम्हें सिखाया है वैसे ही तुम उसमें बने रहते हो” (पद.27) l 

यूहन्ना ने इस ज्ञान को अपने समय के विश्वासियों पर प्रबल किया, जिन्होंने “ख्रीस्त विरोधियों” का सामना किया जिन्होंने पिता का इन्कार किया और कि यीशु ही मसीह है (पद.22) l हम आज भी इस तरह के इन्कार करनेवालों का सामना करते हैं l लेकिन पवित्र आत्मा, हमारा मार्गदर्शक, यीशु का अनुसरण करने में हमारा साथ देता है l उसके हमें सच्चाई के साथ छूने के लिए और हमें ट्रैक पर रखने के लिए उसके मार्गदर्शन पर भरोसा कर सकते हैं l 

परमेश्वर के बराबर प्रेम

मैंने एक बार डोमिनिकन रिपब्लिक में सैंटो डोमिंगो के एक गरीब पड़ोस का दौरा किया l घरों को नालीदार लोहे से बनाया गया था, जिसके ऊपर बिजली के जीवित तार लटक रहे थे l वहाँ मुझे परिवारों का साक्षात्कार करने और यह सुनने का सौभाग्य मिला कि चर्च कैसे बेरोजगारी, नशीली दवाओं के उपयोग और अपराध का मुकाबला करने में मदद कर रहे थे l 

एक गली में मैं एक माँ और उसके बेटे का साक्षात्कार लेने के लिए एक छोटे कमरे में जाने के लिए एक छोटी सी सीढ़ी पर चढ़ गया l लेकिंग एक पल के बाद किसी ने कहा, “हमें अब चलना चाहिए l” एक हथियार-बनाने वाले गिरोह (machete-wielding gang) के नेता जाहिर तौर पर हम पर घात लगाकर आक्रमण करने के लिए एक भीढ़ इकठ्ठा कर रहे थे l 

हमने एक दूसरे पड़ोस का दौरा किया, लेकिन वहाँ हमें कोई समस्या नहीं थी l बाद में मुझे पता चला क्यों l जैसा कि मैंने प्रत्येक घर का दौरा किया, एक गैंग लीडर हमारी सुरक्षा के लिए बाहर खड़ा था l यह पता चला कि उनकी बेटी को चर्च द्वारा खिलाया और शिक्षित किया जा रहा था, और क्योंकि विश्वासी उस बेटी के साथ खड़े थे, वह हमारे पक्ष में खड़ा था l 

पहाड़ी उपदेश में, यीशु प्रेम का एक मानक प्रस्तुत करता है जो तुलना से परे है l इस तरह का प्यार न केवल “योग्य” बल्कि जो लायक नहीं हैं (मत्ती 5:43-45) को भी गले लगाता है, परिवार और दोस्तों से परे उन तक पहुँचने के लिए जो हमें प्यार नहीं कर सकते या बदले में प्यार नहीं करेंगे (पद.46-47) l यह परमेश्वर के बराबर प्रेम है (पद.48) – इस तरह का जो सभी को आशीषित करता है l 

जैसे कि सैंटो डोमिंगो में विश्वासियों ने इस प्यार को जीया है, पड़ोस में बदलाव आना शुरू हो गया है l कठिन हृदय उनके कारण स्नेही होने लगे हैं l परमेश्वर के बराबर प्रेम का शहर में आने पर यही होता है l 

पवित्र अग्नि

कई वर्षों के सूखे और जंगल की आग के बाद, दक्षिणी केलिफोर्निया, अमेरिका के कई लोगों ने सोचा कि यह ईश्वर का कृत्य था l जब समाचार सूत्रों ने इसे पवित्र अग्नि उद्धृत करना आरम्भ किया, तो यह विचलित करनेवाली धारणा प्रबल हुयी l हालाँकि बहुतों को यह नहीं पता था कि इस क्षेत्र को “पवित्र जिम घाटी(Canyon) क्षेत्र,” कहा जाता था और इसलिए यह नाम है l 

युहन्ना बप्तिस्मा दाता के “पवित्र आत्मा और आग” का सन्दर्भ भी अपनी कहानी और स्पष्टीकरण (लूका 3:11) के साथ आया था l पीछे मुड़कर देखें, तो वह संभावित रूप से मसीहा(अभिषिक्त) एवं मीका नबी द्वारा परिस्कृत करनेवाली आग के बारे में सोच रहा था (3:1-3; 4:1) लेकिन परमेश्वर की आत्मा के हवा और आग के रूप में यीशु के अनुयायियों पर आने के बाद ही मलाकी और युहन्ना के शब्द साफ़ दिखाई दिए (प्रेरितों 2:1-4) l 

युहन्ना ने जिस आग के विषय भविष्वाणी की थी, वह अपेक्षित नहीं थी l परमेश्वर के सच्चे कार्य के रूप में, यह एक अलग तरह के मसीहा(अभिषिक्त) और पवित्र आग्नि की घोषणा करने के लिए साहस के साथ आया था l यीशु की आत्मा में, इसने हमारे निरर्थक मानवीय प्रयासों को उजागर किया और भस्म किया – प्रेम, आनंद, शांति, धैर्य, अच्छाई, दया, विश्वास, सौम्यता, और पवित्र आत्मा के आत्म-नियंत्रण के लिए जगह बनाते हुए (देखें गलतियों 5:22-23) l वे परमेश्वर के काम हैं जो वह हम में करना चाहता है l 

सुन्दरता के लिए समय

कई पश्चिमी देशों में दिसम्बर और जनवरी के सर्दियों के महीने कई हफ़्तों के लिए ठन्डे और नीरस होते हैं : बर्फ के टुकड़ों के बीच से निकलते मटमैले घास, धुंधला आसमान, और कंकाल वृक्ष l यद्यपि, एक दिन कुछ असामान्य रात भर में हुआ l तुषार ने बर्फ के क्रिस्टलों से सभी वस्तुओं पर एक आवरण बना दिया था l बेजान और निराशाजनक परिदृश्य एक सुन्दर दृश्य बन गया था जो सूरज के प्रकाश में चमक रहा था और जिसने मुझे चकाचौंध कर दिया l 

कभी-कभी हम समस्याओं को उस कल्पना के बिना देखते हैं जिससे विश्वास विश्वास होता है l हम उम्मीद करते हैं कि दर्द, डर और निराशा हमें हर सुबह सलाम करेगा, लेकिन कुछ अलग होने की संभावना को नज़रंदाज़ करते हैं l हम परमेश्वर की शक्ति के द्वारा स्वास्थ्यलाभ, वृद्धि या जीत की उम्मीद नहीं करते हैं l फिर भी बाइबल कहती है कि परमेश्वर वह है को मुश्किल समय में हमारी मदद करता है l वह टूटे हुए दिलों को आरोग्य करता है और बंधन से लोगों को मुक्त करता है l वह विलाप करनेवालों के सिर पर “राख दूर करके सुन्दर पगड़ी [बांधता है] . . . हर्ष का तेल [लगाता है] और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना [ओढ़ाता है]” (यशायाह 61:3) l 

ऐसा नहीं है कि परमेश्वर केवल तब ही हमें खुश करना चाहता है जब हमारे पास समस्याएँ हैं l यह है कि वह स्वयं ही परीक्षा के दौरान हमारी आशा है l भले ही हमें असली राहत पाने के लिए स्वर्ग की प्रतीक्षा करने पड़े, परमेश्वर हमारे साथ उपस्थित है, हमें उत्साहित कर रहा है और अक्सर हमें खुद की झलक दे रहा है l हमारे जीवन की यात्रा में, हम संत औगुस्टीन के शब्दों को समझ सकते हैं : “मेरे सबसे गहरे घाव में मैंने आपकी महिमा देखी, और उसने मुझे चकाचौंध कर दिया l”

पूरा ध्यान

प्रोद्योगिकी आज हमारे निरंतर ध्यान देने की मांग करती है l इंटरनेट का आधुनिक “चमत्कार” हमें आने हाथ की हथेली में मानवता की सामूहिक शिक्षा तक पहुँचने की अद्भुत क्षमता प्रदान करता है l लेकिन कई लोगों के लिए, इस तरह की निरंतर पहुँच लागत पर आ सकती है l

हमेशा यह जानने की ज़रूरत कि “वहाँ क्या हो रहा है,” के आधुनिक प्रयोजन का वर्णन करने के लिए हाल ही में “निरंतर आंशिक ध्यान” वाक्याँश तैयार किया गया था जिससे यह निश्चित हो कि हमसे कुछ छूट तो नहीं रहा है l अगर ऐसा लगता है कि यह पुरानी चिंता पैदा कर सकता है, तो आप सही हैं!

यद्यपि प्रेरित पौलुस चिंता के विभिन्न कारणों से जूझ रह था, वह जानता था कि हमारी आत्माएं परमेश्वर में शांति पाने के लिए बाध्य है l यह कारण है कि, नए विश्वासियों को लिखे पत्र में जिन्होंने सताव सहा था (1 थिस्सलुनीकियों 2:14), पौलुस ने उनसे आग्रह करते हुए समाप्त किया कि “सदा आनंदित रहो l निरंतर प्रार्थना में लगे रहो l हर बात में धन्यवाद करो” (5:16-18) l 

“निरंतर” प्रार्थना करना बहुत चुनौतीपूर्ण लग सकता है l लेकिन फिर, हम कितनी बार अपना फोन देखते हैं? कितना अच्छा होता अगर इसके बजाय यह प्रेरणा परमेश्वर से बात करने के लिए उकसाव हो? 

इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि काश हम परमेश्वर में निरंतर, प्रार्थनापूर्ण विश्राम के लिए हमेशा “जाननेवालों” में रहने की ज़रूरत का आदान-प्रदान करना सीख जाते? मसीह की आत्मा पर भरोसा करके, जब हम प्रतिदिन आगे बढ़ते हैं हम अपने स्वर्गिक पिता को अपना निरंतर पूर्ण ध्यान देना सीख सकते हैं l