श्रेणी  |  odb

परमेश्वर के सामने बराबर

छुट्टियों के दौरान, मेरी पत्नी और मैंने सुबह-सुबह बाइक की सवारी का आनंद लिया। एक रास्ता हमें करोड़ों डॉलर के घरों के बगल से ले गया। हमने विभिन्न प्रकार के लोगों को देखा--निवासियों को अपने कुत्तों को घुमाते हुए, साथी बाइक सवारों को, और कई श्रमिकों को नए घर बनाते हुए या अच्छी तरह से बनाए गए परिदृश्यों की देखभाल करते हुए। यह जीवन के सारे सामाजिक समूह के लोगों का मिश्रण था और मुझे एक महत्वपूर्ण वास्तविकता की याद आयी। हमारे बीच कोई वास्तविक भेदभाव नहीं था। अमीर या गरीब। धनवान या श्रमिक वर्ग। ज्ञात या अज्ञात। उस सुबह उस सड़क पर हम सब लोग एक जैसे थे। “धनी और निर्धन दोनों में यह समानता होती है; यहोवा उन दोनों का कर्त्ता है” (नीतिवचन 22:2) l मतभेदों के बावजूद, हम सब परमेश्वर के स्वरूप में बनाये गये हैं (उत्पत्ति 1:27)।

 लेकिन और भी बहुत कुछ है। परमेश्वर के समक्ष समान होने का अर्थ भी है: भले ही हमारा आर्थिक, सामाजिक, या जातीय स्थिति कुछ भी हो, हम सब पाप स्थिति के साथ पैदा हुए हैं: “सब ने पाप किया है और परमेश्‍वर की महिमा से रहित हैं” (रोमियों 3:23)। हम सब उसके सामने अवज्ञाकारी और समान रूप से दोषी हैं, और हमें यीशु की ज़रूरत है।

हम अक्सर कई कारणों से लोगों को समूहों में बांट देते हैं। लेकिन, वास्तव में, हम सब मानव जाति के हिस्से हैं। और यद्यपि हम सब एक ही स्थिति में हैं—पापियों को एक उद्धारकर्ता की आवश्यकता है—हम उसके अनुग्रह से “सेंत-मेंत धर्मी ठहराए जाकर” (पद.24) (परमेश्वर के साथ सही बनाए जा सकते हैं।)

—डेव ब्रैनन

 

ध्यान भटकाने की इच्छा

 

मैंने अपना फ़ोन रख दिया, मैं उस छोटी सी स्क्रीन पर लगातार आने वाली छवियों, विचारों और सूचनाओं की बमबारी से थक गया था। फिर, मैंने उसे उठाया और फिर से चालू किया। क्यों? अपनी पुस्तक द शैलोज़ में, निकोलस कैर ने बताया है कि इंटरनेट ने शांति के साथ हमारे रिश्ते को कैसे आकार दिया है: "नेट जो कर रहा है वह मेरी एकाग्रता और चिंतन की क्षमता को कम कर रहा है। चाहे मैं ऑनलाइन हूँ या नहीं, मेरा दिमाग अब जानकारी को उसी तरह लेने की उम्मीद करता है जिस तरह से नेट इसे वितरित करता है: कणों की एक तेज़ गति से चलने वाली धारा में। एक बार मैं शब्दों के समुद्र में एक स्कूबा गोताखोर था। अब मैं जेट स्की पर सवार एक आदमी की तरह सतह पर तैरता हूँ।"

मानसिक जेट स्की पर जीवन जीना स्वस्थ नहीं लगता। लेकिन हम कैसे धीमा होना शुरू करें, शांत आत्मिक जल में गहराई से गोता लगाने के लिए ?

भजन संहिता 131 में, दाऊद लिखता हैं, “मैंने अपने मन को शान्त और चुप कर दिया है” (पद.2) l दाऊद के शब्द मुझे याद दिलाते हैं कि मेरे पास जिम्मेदारी है। आदत बदलने की शुरुआत मेरे शांत रहने के चुनाव से होता है—भले ही मुझे वह चुनाव बार-बार करना पड़े। हालाँकि, धीरे-धीरे, हम परमेश्वर के संतुष्टिदायक भलाई का अनुभव करते हैं। एक छोटे बच्चे की तरह, हम संतोष में आराम करते हैं, यह याद रखते हुए कि वह ही अकेले आशा प्रदान करता है (पद.3)—आत्मिक संतुष्टि जिसे कोई स्मार्टफोन ऐप नहीं छू सकता है और कोई सोशल मीडिया साइट प्रदान नहीं कर सकता।

—एडम आर. होल्ज़

 

परीक्षाओं पर विजय पाना

 

ऐनी गरीबी और दुःख में पली बढ़ी। उसके दो भाई-बहनों की मृत्यु बचपन में ही हो गयी। पाँच साल की उम्र में, एक नेत्र रोग के कारण वह आंशिक रूप से अंधी हो गई और पढ़ने या लिखने में असमर्थ हो गई। जब ऐनी आठ वर्ष की थी, तब उसकी माँ की मृत्यु टी.बी. से हो गई। कुछ ही समय बाद, उसके दुर्व्यवहारी पिता ने अपने तीन जीवित बच्चों को छोड़ दिया। सबसे छोटे को रिश्तेदारों के साथ रहने के लिए भेजा गया, लेकिन ऐनी और उसका भाई, जिम्मी, सरकार द्वारा संचालित टेवक्सबरी अल्म्सहाउस में चले गए, जो एक जीर्ण-शीर्ण (पुराना), भीड़भाड़ वाला अनाथालय था; कुछ महीनों बाद जिम्मी की मृत्यु हो गई।

चौदह वर्ष की उम्र में ऐनी की परिस्थितियाँ बेहतर हो गईं । उसे अंधे लोगों के स्कूल में भेजा गया, जहाँ उसने अपनी दृष्टि सुधारने के लिए सर्जरी करवाई और पढ़ना-लिखना सीखा। हालाँकि उसे फिट होने में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उसने शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और स्नातक की उपाधि प्राप्त की। आज हम उसे हेलेन केलर की शिक्षिका और साथी ऐनी सुलिवन के रूप में सबसे अच्छी तरह से जानते हैं। प्रयास, धैर्य और प्रेम के माध्यम से, ऐनी ने अंधी और बहरी हेलेन को बोलना, ब्रेल पढ़ना और कॉलेज से स्नातक होना सिखाया।

यूसुफ को भी कठिन परीक्षा जीतना पड़ा : सत्रह साल की उम्र में, उसके ईर्ष्यालु भाइयों ने उसे गुलामी में  बेच दिया और बाद में वह ग़लत तरीके से कैद हुआ (उत्पत्ति 37; 39-41)। फिर भी परमेश्वर ने मिस्र और उसके परिवार को अकाल से बचाने के लिए उसका उपयोग किया (50:20)।

हम सब परीक्षाओं और परेशानियों का सामना करते हैं। लेकिन जिस तरह परमेश्वर ने युसूफ और ऐनी को दूसरों के जीवन पर काबू पाने और गहरा प्रभाव डालने में मदद किया, वह हमारी सहायता और उपयोग कर सकते हैं। मदद और मार्गदर्शन के लिए उससे पूछें। वह देखता है और सुनता है।

—एलिसन कीडा

परमेश्वर पर निर्भर हों

कुछ दोस्तों के साथ एक वाटर पार्क में, हमने हवा से भरे हुए प्लेटफॉर्म से बने एक तैरते हुए बाधा मार्ग(obstacle course) को पार करने का प्रयास किया। उछलता हुआ, फिसलन भरे प्लेटफॉर्म ने सीधे चलना लगभग असंभव बना दिया। जब हम रैंप (ढलवाँ मार्ग), चट्टानों और पुलों पर लड़खड़ाते हुए आगे बढ़े, तो हम पानी में गिर गए और हम चीखने लगे। एक कोर्स पूरा करने के बाद, मेरी दोस्त, पूरी तरह से थक गई, सांस लेने के लिए एक “टावर” पर झुक गई। लगभग तुरंत, उसके वजन के कारण टावर पानी में गिर गया ।

वाटर पार्क में मौजूद कमजोर मीनारों के विपरीत, बाइबल के समय में, टावर, रक्षा और सुरक्षा के लिए एक गढ़ था। न्यायियों 9:50-51 में बताया गया है कि कैसे थेबेज़ के लोग अपने शहर पर अबीमेलेक के हमले से बचने के लिए “एक मजबूत गुम्मट” की ओर भाग गए। नीतिवचन 18:10 में, लेखक ने एक मजबूत मीनार की छवि का उपयोग यह वर्णन करने के लिए किया कि परमेश्वर कौन है - वह जो उन लोगों को बचाता है जो उस पर भरोसा करते हैं 

हालाँकि, कभी-कभी, जब हम थक जाते हैं या हार जाते हैं तो परमेश्वर की मजबूत मीनार पर झुकने की बजाय, हम सुरक्षा और समर्थन के लिए अन्य चीज़ें तलाशते हैं—करियर(जीविका), रिश्ते, या सांसारिक सुख-सुविधाएँ। हम उस अमीर व्यक्ति से भिन्न नहीं जो अपने धन में ताकत तलाशता था (पद.11)। लेकिन जिस तरह हवा से भरा टावर(मीनार) मेरी सहेली की मदद नहीं कर सका, उसी तरह ये चीज़ें हमें वो नहीं दे सकतीं जिसकी हमें  ज़रूरत है। परमेश्वर  - जो सर्वशक्तिमान है और सभी स्थितियों पर नियंत्रण रखता है - सच्चा आराम और सुरक्षा प्रदान करता है।

—    जैसमीन गो

परमेश्वर पर्याप्त से कहीं अधिक है

एलेन का बजट बहुत सीमित था, इसलिए उसे क्रिसमस बोनस मिलने की खुशी थी। वह काफी होता, लेकिन जब उसने पैसे जमा किए, तो उसे एक और आश्चर्य मिला। टेलर (बैंक में रुपया लेने या देने वाला) ने कहा कि क्रिसमस के उपहार के रूप में बैंक ने उसके जनवरी के बंधक भुगतान को उसके

चालू खाते में जमा कर दिया था। अब वह और ट्रे अन्य बिलों का भुगतान कर सकते हैं और किसी और को क्रिसमस का उपहार दे सकते थे!  

परमेश्वर के पास हमें हमारी उम्मीद से कहीं ज़्यादा आशीष देने का तरीका है। नाओमी  अपने पति और बेटों की मौत से दुखी और टूट गई थी ( रूत 1:20–21)। उसकी निराशाजनक स्थिति से बोअज़ ने बचाया, जो एक रिश्तेदार था  जिसने उसकी बहू रूत से शादी की और उसके और नाओमी के लिए एक घर प्रदान कराया (4:10)।   

शायद नाओमी यही उम्मीद कर सकती थी। लेकिन फिर परमेश्वर ने रूत और बोअज़ को एक पुत्र का आशीर्वाद दिया। अब नाओमी के पास एक पोता था जो उसके “जी में जी ले आनेवाला और [उसके] बुढ़ापे में पालनेवाला हो” (पद.15) । इतना ही काफ़ी होता। जैसा कि बैतलहम की महिलाओं ने कहा,  "नाओमी के एक बेटा उत्‍पन्‍न हुआ है” (पद.17) l फिर छोटा ओबेद बड़ा हुआ—और “यिशै  का पिता और दाऊद का दादा हुआ” (पद.17)। नाओमी का परिवार इस्राएल के शाही वंश से था, जो इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण राजवंश था! इतना ही काफ़ी होता। परन्तु दाऊद, यीश का पूर्वज बना।                     

यदि हम मसीह में विश्वास करते हैं, तो हम नाओमी के समान स्थिति में हैं। जब तक उन्होंने हमें छुटकारा नहीं दिलाया हमारे पास कुछ नहीं था। अब हम अपने पिता द्वारा पूरी रीती से स्वीकार किए गये हैं, जो हमें दूसरों को आशीष देने के लिए आशीष देते हैं। यह पर्याप्त से कहीं अधिक है।

—माइक विटमर