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गॉट योर नोज़(Got your nose!)

“मूर्तियों की नाक क्यों टूटी हुई हैं?” यह पहला सवाल है जो आगंतुक ब्रुकलिन संग्रहालय में मिस्र की कला के अध्यक्ष, एडवर्ड से पूछते हैं l
एडवर्ड इसे सामान्य टूट-फुट पर दोष नहीं दे सकता हैं; यहां तक ​​कि दो आयामी चित्रित आकृतियों के नाक भी गायब हैं l वे अनुमान लगाते हैं कि इस तरह का विनाश जानबूझकर किया गया है l दुश्मनों का इरादा मिस्र के देवताओं को मारना था l ऐसा लगता है जैसे वे उनके साथ “गोट योर नोज़”(एक खेल) खेल रहे थे l आक्रमणकारी सेनाओं ने इन मूर्तियों के नाक तोड़ डाले जिससे वे सांस नहीं ले सकते थे l
सचमुच?बस इतने की ज़रूरत थी? इस तरह के देवताओं के साथ, फिरौन को पता होना चाहिए था कि वह मुसीबत में था l हाँ, उसके पास एक सेना और एक पूरे राष्ट्र की राज्यनिष्ठा थी l इब्री मूसा नामक डरपोक भगोड़े के नेतृत्व में थके हुए दास थे l लेकिन इस्राएल के पास जीवित परमेश्वर था, और फिरौन के देवता झूठा दावा करनेवाले थे l दस विपत्तियों के बाद, उनके काल्पनिक जीवन समाप्त हो गए l
इस्राएल ने अपनी जीत का जश्न अखमीरी रोटी के पर्व के साथ मनाया, जब उन्होंने एक हफ्ते तक बिना खमीर की रोटी खाई (निर्गमन 12:17; 13:7–9)l खमीर पाप का प्रतीक है, और परमेश्वर चाहता था कि उसके लोग याद रखें कि उनका बचाया हुआ जीवन पूरी तरह से उसका है l
हमारा पिता मूर्तियों से कहता है, “तुम हार गए,” और अपने बच्चों से, “तुम्हें जीवन मिल गया l” उस परमेश्वर की सेवा करो जो तुम्हें सांस देता है, और उसके प्रेमी बाहों में विश्राम करो l

परमेश्वर के साथ युद्ध का सामना

अमेरिकी सेना के सैनिक डेसमंड डॉस के वीर कर्मों को 2016 की फिल्म हैक्सॉ रिज(Hacksaw Ridge) में चित्रित किया गया है l जबकि डॉस के दृढ़ विश्वास ने उसे मानव जीवन की हत्या करने की अनुमति नहीं दी, उन्होंने सेना के एक चिकित्सक के रूप में खुद के जीवन के जोखिम के बावजूद जीवन को सुरक्षित करने के लिए खुद को समर्पित किया l 12 अक्टूबर, 1945 को डॉस मेडल ऑफ ऑनर समारोह में पढ़े गए उद्धरणों में ये शब्द शामिल थे : “प्राइवेट फर्स्ट क्लास डॉस ने सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया और बहुत से घायल लोगों के साथ गोलाबारी प्रभाव-क्षेत्र में बने रहकर, उन्हें एक-एक करके उठाकर किलाबंदी के ढलान के किनारे लाते गए . . . . l उन्होंने एक तोपची ऑफिसर(artillery officer) की मदद करने के लिए दृढ़तापूर्वक शत्रु की गोलाबारी और छोटे हथियारों की गोलीबारी का सामना किया l
भजन 11 में, दाऊद की यह धारणा कि उसका भरोसा परमेश्वर में था, उसे दुश्मनों का सामना करने से ज्यादा भागने के सुझाओं का विरोध करने पर विवश किया (पद.2-3) l पाँच सरल शब्दों में उसका विश्वास कथन समाविष्ट था : “मेरा भरोसा परमेश्वर पर है” (पद.1) l वह अच्छी तरह जड़वत धारणा उसके आचरण का मार्गदर्शन करनेवाली थी l
पद. 4-7 में दाऊद के शब्दों ने परमेश्वर की महानता को बढ़ाया l हां, जीवन कभी-कभी एक युद्ध भूमि की तरह हो सकता है, और विरोधी गोलाबारी हमें आश्रय के लिए तितर-बितर कर सकती है जब हम पर स्वास्थ्य की चुनौतियाँ या वित्तीय, संबंधपरक और आध्यात्मिक तनाव बमबारी करते हैं l तो हमें क्या करना चाहिए? स्वीकार करें कि परमेश्वर संसार का राजा है (पद.4); परिशुद्धता के साथ न्याय करने की उसकी अद्भुत क्षमता का आनंद लें (पद.5-6); और क्या सही, उचित और न्यायसंगत है की उसकी ख़ुशी में विश्राम करें (पद.7) l हम आश्रय के लिए परमेश्वर की ओर तेजी से दौड़ सकते हैं!

मुझे देखिये

“दादी माँ, मेरी परियों की राजकुमारी का नृत्य देखिये!” हमारे केबिन के आँगन में चारोंओर दौड़ लगाती हुयी मेरी तीन साल की नातिन ने उल्लासित होकर पुकारा l उसका “नाचना” मुस्कराहट ला दिया; और उसके बड़े भाई की निराशा, “वह नाच नहीं रही है, केवल दौड़ रही है,” ने छुट्टियों में परिवार के साथ रहना उसके आनंद को ख़त्म न कर सका l
प्रथम खजूर का रविवार उतार चढ़ाव का दिन था l जब यीशु एक गधे पर सवार होकर यरूशलेम में प्रवेश किया, भीड़ उल्लासित होकर चिल्लाई, “होशाना!” . . . धन्य है वह जो प्रभु के नाम से आता है (मत्ती 21:9) l फिर भी भीड़ में अनेक लोग उन्हें रोम से छुड़ाने के लिए एक मुक्तिदाता(Messiah) की आशा कर रहे थे, एक उद्धारकर्ता नहीं जो उसी सप्ताह उनके पापों के लिए मरने वाला था l
बाद में उसी दिन, महायाजकों के डर के बावजूद जिन्होंने यीशु के अधिकार पर प्रश्न किया, मंदिर में बच्चों ने चिल्लाते हुए अपने आनंद को प्रगट किया, “दाऊद के संतान को होशाना” (पद.15), शायद कूदते और खजूर की डालियाँ हिलाते हुए जब वे आँगन के चारों ओर दौड़ रहे थे l वे उसकी उपासना करने से खुद को रोक न सके, यीशु ने क्रोधित अगुओं से कहा, बालकों और दूध पिते बच्चों के मुंह से [परमेश्वर ने अपनी] अपार स्तुति कराई” (पद.16) l वे उद्धारकर्ता की उपस्थिति में थे!
यीशु कौन है वह हमें भी देखने के लिए बुलाता है l जब हम आनंद की बहुतायत के साथ एक बच्चे की तरह ऐसा करते हैं, हम उसकी उपस्थिति का आनंद लेने से खुद को रोक नहीं पाते l

राजसी सत्ता का आतिथ्य

स्कॉटलैंड में एक नृत्यसभा के दौरान इंग्लैंड की रानी से मिलने के बाद, सिल्विया और उसके पति को एक सन्देश मिला कि राजपरिवार उनके साथ चाय पीने आना चाहता है l सिल्विया ने शाही मेहमानों की मेजबानी के विषय घबराहट महसूस करते हुए साफ़-सफाई और तैयारी शुरू कर दी l इससे पहले कि वे आएँ, वह मेज़ पर रखने के लिए कुछ फूलों को लाने बाहर गयी, उसका हृदय जोर से धड़क रहा था l फिर उसने महसूस किया कि परमेश्वर उसे स्मरण करा रहा था कि वह राजाओं का राजा है और वह प्रतिदिन उसके साथ है l तुरंत उसे शांति महसूस हुई और उसने सोचा, “आखिरकार, यह तो केवल रानी है!”
सिल्विया सही है l जैसा कि प्रेरित पौलुस ने उल्लेख किया है, परमेश्वर “राजाओं का राजा और प्रभुओं का प्रभु” है (1 तीमुथियुस 6:15) और जो लोग उसका अनुसरण करते हैं वे “परमेश्वर की संतान” हैं (गलतियों 3:26) l जब हम मसीह के होते हैं, तो हम अब्राहम के उत्तराधिकारी हैं (पद.29) l अब हम विभाजन से सिमित नहीं हैं─जैसे कि जाति, सामाजिक वर्ग, या लिंग─क्योंकि हम “सब मसीह यीशु में एक” हैं (पद.28) l हम राजा के बच्चे हैं l
हालाँकि सिल्विया और उसके पति ने रानी के साथ एक बढ़िया भोजन किया, मुझे कभी भी निकट भविष्य में उनका निमंत्रण मिलने का अनुमान नहीं है l लेकिन मुझे इस बात का स्मरण है कि सभी का सर्वोच्च राजा हर पल मेरे साथ है l और जो लोग यीशु पर पूरा विश्वास करते हैं (पद.27) वे यह जानते हुए कि वह परमेश्वर की संतान हैं एकता में रह सकते हैं l
इस सच्चाई को थामना हमारे आज के जीने के तरीके को कैसे आकार दे सकता है?

झुग्गी झोपड़ी के गीत

दक्षिण अमेरिका के पैराग्वे के एक छोटी सी झुग्गी में l इसके अत्यंत निर्धन ग्रामीण, वहाँ के कचरे के ढेर से वस्तुओं को पुनर्चक्रण करके गुजारा करते हैं l लेकिन इन निराशाजनक परिस्थितियों से कुछ सुंदर उभर कर सामने आया है─एक ऑर्केस्ट्रा(वादक समूह) l
एक वायलिन जिसकी लागत झुग्गी के एक घर से अधिक है, इस ऑर्केस्ट्रा को अपनी कचरा आपूर्ति से अपने वाद्य-यंत्र निर्मित करके, रचनात्मक बनना था l टेलपीस(पिछला भाग) के रूप में मुड़े हुए कांटे के साथ तेल के डिब्बे से वायलिन बनाया जाता है l सैक्सोफोन ड्रेनपाइप्स(निकास नली) से और उसकी चाबी बोतल के ढक्कनों के साथ बनाए गए हैं। ग्नोची रोलर्स(बेलन) से बनी समस्वरण खूटियों(tuning pegs) के साथ सेलो(एक वाद्ययंत्र) को टिन ड्रम से बनाया गया है l इन जुगतों पर बजाया गया मोजार्ट(विशेष प्रकार का संगीत) सुनना एक सुंदर बात है l ऑर्केस्ट्रा अपने युवा सदस्यों के विलक्षणता को ऊँचा करते हुए कई देशों के दौरे कर चुका है l
कचरा भराव क्षेत्र(landfill) से वायलिन l झुग्गियों से संगीत l परमेश्वर जो करता है उसका वह प्रतीक है l जब यशायाह भविष्यवक्ता ईश्वर की नई रचना की कल्पना करता है, तो दरिद्रता-से-सुन्दरता की एक ऐसी ही तस्वीर उभरती है, जिसमें बंजर भूमि खिलते हुए फूलों से भर जाएंगी (यशायाह 35:1-2), मरुभूमि में नदियाँ बहने लगेंगी (पद. 6–7), तलवारें हल के फाल और भाले हँसिया बनेंगी (2:4), और साधनहीन/निर्धन लोग हर्षित गीतों की ध्वनियों पर सम्पूर्ण किये जाएंगे (35:5–6, 10) l
ऑर्केस्ट्रा निदेशक कहते हैं, “दुनिया हमें कचरा भेजती है l” “हम संगीत वापस भेजते हैं l” और जैसा कि वे करते हैं, वे संसार को भविष्य की एक झलक देते हैं, जब परमेश्वर हर आंख से आँसू पोछेगा और गरीबी कभी नहीं रहेगी l