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क्रिसमस पत्र

हर क्रिसमस, मेरा एक दोस्त साल की घटनाओं की समीक्षा करते हुए अपनी पत्नी को एक लम्बा पत्र लिखता है, और भविष्य के बारे में सपना देखता है l वह हमेशा उसे कहता है वह उससे कितना प्यार करता है, और क्यों l वह अपनी प्रत्येक बेटी को भी पत्र लिखता है l प्यार के उसके शब्द एक विस्मरणीय उपहार बन जाता है l

हम कह सकते हैं कि मूल क्रिसमस प्रेम पत्र यीशु था, देहधारित वचन l यूहन्ना अपने सुसमाचार में इस सच्चाई को उजागर करता है : “आदि में वचन था, और वचन परमेश्वर के साथ था, और वचन परमेश्वर था” (यूहन्ना 1:1) l प्राचीन दर्शनशास्त्र में, यूनानी शब्द, लोगोस (logos), का अर्थ सच्चाई को मिलाने वाला एक दिव्य मस्तिस्क या व्यवस्था थी, किन्तु यूहन्ना ने उस परिभाषा को एक व्यक्ति  के रूप में प्रगट किया :  यीशु, परमेश्वर का पुत्र जो “आदि से परमेश्वर के साथ था” (पद.2) l वचन, पिता का “एकलौता पुत्र,” “देहधारी होकर हमारे बीच निवास किया” (पद.14) l वचन जो यीशु था के द्वारा, परमेश्वर ने पूर्ण रूप से खुद को प्रगट किया l

धर्मविज्ञानिकों ने सदियों से इस खूबसूरत सहस्य के साथ सामना किया है l हालाँकि जितना भी हो हम नहीं समझेंगे, हम इस बात से निश्चित हैं कि यीश वचन होकर हमारे अन्धकार संसार को ज्योति देता है (पद.9) यदि हम उसमें विश्वास करते हैं, हम परमेश्वर के प्रिय बच्चे होने के उपहार का अनुभव करेंगे (पद.12) l

यीशु, हमारे लिए परमेश्वर का पत्र, आकर हमारे बीच में निवास किया l तो यह एक अद्भुत क्रिसमस उपहार है!

महान जागरूकता

जब मेरे बच्चे छोटे थे मैं परिवार, मित्रगण के साथ उन समारोहों की यादें संजोए रखा हूँ l व्यस्क देर रात तक बातचीत करते थे; हमारे बच्चे खेल से थके हुए सिकुड़ कर सोफे या कुर्सी पर सो जाते थे l

जब जाने का समय होता था मैं अपनी बाहों में अपने बेटों को उठाकर अपनी कार के पीछे वाली सीट पर लेटाकर घर ले जाता था l घर पहुँचकर, मैं उनको उठाता, उनके बिस्तर बनाता और चूमकर उन्हें शुभ रात्रि बोलकर और बित्तियाँ बुझाकर उन्हें सुला देता था l सुबह उनकी नींद घर में खुलती थी l

मेरे लिए यह रात का बहुत अच्छा रूपक बन गया है जब हम “यीशु में सो जाएंगे” (1 थिस्स.4:14) l हम गहरी नींद में सो जाते हैं . . . और अपने अनंत घर में जागते हैं, ऐसा घर जो हमारे थकान को मिटा देगा जो हमारे जीवन के दिनों को चिन्हित करता था l

पिछले दिनों मेरे सामने पुराना नियम का एक भाग आया जिससे मैं चकित हो गया – व्यवस्थाविवरण की समापन टिप्पणी : “तब यहोवा के कहने के अनुसार . . . मूसा वहीं मोआब के देश में मर गया” (34:5) l इब्री भाषा में इसका शब्दशः अर्थ है, “मूसा . . . परमेश्वर के मुँह के साथ मरा,” प्राचीन रब्बियों द्वारा अनुदित एक वाक्यांश, अर्थात, “परमेश्वर के चूमने से l”

क्या यह कल्पना करना अधिक है कि परमेश्वर पृथ्वी पर की हमारी अंतिम रात को हम लोगों पर झुका हुआ है, हमें सुला रहा है और चूमकर शुभ रात्रि कहता है? तब, जिस प्रकार जॉन डॉन ने जोरदार तरीके से कहता है, “एक छोटी सी नींद जो बीत गयी है, हम अनंत में जागेंगे l”

लज्जा से आदर तक

यह साल का वह समय है, जब परिवार उत्सव के मौसम को एक साथ मनाने के लिए एकत्र होते हैं l हालाँकि हममें से कुछ लोग कुछ “चिन्ताशील” सम्बन्धियों से मिलने से डरते हैं जिनके प्रश्न अविवाहित या जिनके पास संतान नहीं है को यह महसूस करा देते हैं कि उनके साथ कुछ गड़बड़ है l

इलीशिबा की कल्पना करें, जो कई वर्षों तक विवाहित रहने के बावजूद भी निःसंतान थी l उसकी संस्कृति में, यह परमेश्वर के अपमान के संकेत के रूप में देखा जाता था (देखें 1 शमूएल 1:5-6) और वास्तव में लज्जाजनक समझा जाता था l इसलिए जबकि इलीशिबा धर्मी जीवन व्यतीत करती थी (लूका 1:6), उसके पड़ोसी और सम्बन्धी संभवतः अन्यथा संदेह करते होंगे l  

फिर भी, इलीशिबा और उसके पति ने विश्वासयोग्यता से प्रभु की सेवा करते रहे l उसके बाद, जब वे काफी वृद्ध हो गए, एक आश्चर्यकर्म हुआ l परमेश्वर ने उनकी प्रार्थना सुन ली (पद.13) l वह अपनी कृपा करना पसंद करता है (पद.25) l और यद्यपि वह विलम्ब करता हुआ दिखाई दे, उसका समय हमेशा सही होता है और उसकी बुद्धि हमेशा सिद्ध है l इलीशिबा और उसके पति के लिए, परमेश्वर के पास एक विशेष उपहार था : एक बच्चा जो उद्धारकर्ता का अग्रदूत होगा (यशायाह 40:3-5) l

क्या आप खुद को अयोग्य समझते हैं क्योंकि आपके पास कुछ कमी है – विश्वविद्यालय की डिग्री, पति या पत्नी, एक बच्चा, एक नौकरी, एक घर? इलीशिबा की तरह उसके लिए ईमानदारी से जीवन व्यतीत करते हुए उसके और उसकी योजना के लिए ठहरे रहें l हमारी स्थितियां मायने नहीं रखती हैं, परमेश्वर हममें और हमारे द्वारा कार्य कर रहा है l वह आपके हृदय को जानता है l वह आपकी प्रार्थना सुनता है l 

आईने और सुननेवाले

जब मैं काम्पाला, यूगांडा, के अपने होटल से बाहर आया, हमारे सेमीनार के लिए मुझे लेने आयी मेरी परिचारिका ने मुझे एक अजीब मुस्कराहट से देखा l “मजाकिया क्या है?” मैंने पूछा l वह हंस कर पूछी, “क्या आपने अपने बाल में कंघी नहीं की?” अब मेरे हँसने की बारी थी, क्योंकि वास्तव में मैंने अपने बाल में कंघी नहीं की थी l मैंने अपने प्रतिबिम्ब को आईने में देखा था l जो मैंने देखा था उसपर ध्यान क्यों नहीं दिया?

व्यावहारिक समरूपता में, याकूब हमें वचन के अध्ययन को और लाभकारी बनाने हेतु कुछ उपयोगी आयाम देता है l जैसे हम खुद की जाँच करने के लिए आइना में देखते हैं कि कुछ सुधार तो नहीं चाहिए – बाल में कंधी, धुला चेहरा, शर्ट के लगे हुए बटन l आईने की तरह, बाइबल हमें अपना चरित्र, आचरण, विचार, और व्यवहार की जाँच करने में सहायता करती है (याकूब 1:23-24) l यह हमें अपने जीवन परमेश्वर के प्रगट सिद्धांतों के अनुकूल बनाने में सहायता करती है l हम “अपने जीभ पर लगाम” लगाएं (पद.26) और “ अनाथों और विधवाओं के क्लेश में उनकी सुधि लें” (पद.27) l हम अपने अन्दर वास करनेवाले परमेश्वर के पवित्र आत्मा की मानेंगे और अपने को “संसार से निष्कलंक” रखेंगे (पद.27) l

जब हम ध्यानपूर्वक “स्वतंत्रता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान” करते हैं और अपने जीवनों में लागू करते हैं, तो हम अपने कामों में आशीष पाएंगे (पद.25) l जब हम वचन के आईने में देखते हैं, हम नम्रता से ग्रहण कर सकते हैं जो हमारे “हृदयों में बोया गया” है (पद.21) l  

सुन्दरता की पच्चीकारी(Mosaic)

इस्राएल के, इन करेम में चर्च ऑफ़ द विज़ीटेशन के आँगन में बैठे हुए, मैं सड़सठ पच्चीकारियों की सुन्दरता देखकर अभिभूत हो गयी, जिनपर लूका 1:46-47 के शब्द अनेक भाषा में अंकित थे l पारंपरिक रूप से इसे मरियम का भजन (Magnificat) कहा जाता है जिसका लतिनी में अर्थ है “महिमा करना l” यह उस घोषणा के प्रति मरियम का आनंददायी प्रतिउत्तर है कि वह उद्धारकर्ता की माँ होगी l

हर एक फलक(plaque) में मरियम के शब्द हैं : मेरा प्राण प्रभु की बड़ाई करता है और मेरी आत्मा मेरे उद्धार करनेवाले परमेश्वर से आनंदित हई . . . . क्योंकि उस शक्तिमान ने मेरे लिए बड़े-बड़े काम किए हैं” (पद.46-49) l टाइल्स पर उकेरा गया बाइबल का गीत प्रशंसा का गीत है जब मरियम खुद के लिए और इस्राएल राष्ट्र के लिए परमेश्वर की विश्वासयोग्यता को याद करती है l

परमेश्वर के अनुग्रह का कृतज्ञ प्राप्तकर्ता l मरियम अपने उद्धार में आनंदित होती है (पद.47) l वह मानती है कि परमेश्वर की करुणा इस्राएल के प्रति पीढ़ी से पीढ़ी तक रही है (पद.50) l इस्राएल के लिए परमेश्वर की देखभाल को स्मरण करके, मरियम अपने लिए और परमेश्वर के लोगों के लिए परमेश्वर के शक्तिशाली कार्यों की प्रशंसा करती है (पद.51) l वह परमेश्वर को उसके दैनिक प्रावधान के लिए भी धन्यवाद देती है (पद.53) l

मरियम हमें यह दिखाती है कि हमारे लिए परमेश्वर के महान कार्य प्रशंसा करने और आनंदित होने के लिए है l इस क्रिसमस के मौसम में, पूरे वर्ष की परमेश्वर की भलाइयों को याद करें l ऐसा करके, आप भी अपनी प्रशंसा के शब्दों द्वारा एक खूबसूरत स्मारिका बना सकते हैं l

स्वर्ग का लम्बा गीत

1936 में, गीत लेखक बिली हिल ने “द ग्लोरी ऑफ़ लव” नामक एक लोकप्रिय हिट गीत जारी किया l बहुत शीघ्र ही एक राष्ट्र एक दूसरे के लिए प्यार से छोटी चीजें करने की ख़ुशी के बारे में गा रहा था l पचास साल बाद, गीतकार पीटर कैटेरा ने एक समान शीर्षक के साथ एक और रोमांटिक गीत लिखा l उसने दो लोगों को हमेशा के लिए जीने की, साथ में जानने की कल्पना की, और उन्होंने सब कुछ प्रेम की महिमा के लिए किया l

प्रकाशितवाक्य, बाइबल की आखिरी पुस्तक, एक नया प्रेम गीत का वर्णन करती है जो किसी दिन स्वर्ग और पृथ्वी में सभी की आवाज़ में गाया जाएगा (प्रकाशितवाक्य 5:9,13) l संगीत, हालाँकि, शोक के एक छोटे सुर से शुरू होता है l लेखक यूहन्ना, संसार के साथ सबकुछ गलत होने के कारण उत्तर नहीं मिलने पर रोता है (पद.3-4) l किन्तु जब यूहन्ना को असली महिमा और प्रेम की कहानी के विषय पता चलता है उसका मन खुश हो जाता है और वह संगीत उत्कर्ष तक पहुँचता है (पद.12-13) l जल्द ही वह समस्त सृष्टि को शक्तिशाली यहूदा के सिंह-राजा की प्रशंसा करते हुए सुनता है (पद.5), जिसने हमें बचाने के लिए प्रेम से खुद को एक भेड़ के रूप में बलिदान करके अपनी प्रजा के हृदयों को जीत लिया है (पद.13) l

सबसे मार्मिक गीत जो कभी गाया गया है, हम इसीलिए गीत में दयालुता के सरल कार्यों को सुनते हैं l जो महिमा हम गाते हैं वह परमेश्वर के हृदय को प्रतिबिंबित करता है l हम उसके विषय गाते हैं क्योंकि उसने हमें एक गीत दिया है l  

“बच्चे की आशा” ट्री

सफ़ेद चमकने वाली बत्तियों से क्रिसमस ट्री को लपेटने के बाद, मैंने उसकी डालियों पर गुलाबी और नीले बो बाँध कर उसे “बच्चे की आशा” क्रिसमस ट्री नाम दिया l हम दोनों पति-पत्नि चार वर्षों से अधिक समय से एक बच्चे को गोद लेना चाह रहे थे l निश्चय ही क्रिसमस के समय तक!

प्रति भोर मैं उस ट्री के निकट खड़ी होकर प्रार्थना करती हुयी, खुद को परमेश्वर की विश्वासयोग्यता याद दिलाती थी l दिसम्बर 21 को हमें खबर मिली : क्रिसमस के समय तक कोई बच्चा नहीं l उजड़ा हुआ महसूस करते हुए, मैं ट्री के समक्ष ठहर गयी जो परमेश्वर के प्रावधान का चिन्ह बन गया था l क्या परमेश्वर अभी भी विश्वासयोग्य था? क्या मैं कोई गलती कर रही थी?

कभी-कभी परमेश्वर का प्रत्यक्ष रोकथान उसके प्रेममय अनुशासन का परिणाम है l दूसरे समयों में परमेश्वर का प्रेमी विलम्ब हमारे भरोसे को नूतन करने के लिए l विलापगीत में, यिर्मयाह नबी इस्राएल के लिए परमेश्वर के सुधार का वर्णन करता है l दर्द महसूस किया जा सकता है : “उसने अपने तीरों से मेरे हृदय को बेध दिया है” (3:13) l इन सब में भी, यिर्मयाह अपना अंतिम भरोसा परमेश्वर की विश्वासयोग्यता में दर्शाता है : “उसकी दया अमर है l प्रति भोर वह नई होती रहती है; तेरी सच्चाई महान् है” (पद.22-23) l

मैंने उस क्रिसमस ट्री को क्रिसमस के काफी बाद तक खड़ा रहने दिया और अपनी सुबह की प्रार्थना करती रही l अंत में, ईस्टर सप्ताहांत में, हमें अपनी बेटी प्राप्त हुयी l परमेश्वर सर्वदा विश्वासयोग्य है, यद्यपि ज़रूरी नहीं कि हमारे समय में न ही हमारी इच्छानुकूल l

मेरे बच्चे अब तीस वर्ष के ऊपर हैं, किन्तु प्रत्येक वर्ष मैं उस क्रिसमस ट्री का छोटा रूप सजाती हूँ, और खुद को और दूसरों को परमेश्वर की विश्वासयोग्यता याद दिलाती हूँ l

“रहस्य-नहीं” का रहस्य

एक सहयोगी ने मुझसे कुबूला कि उसकी सोच है कि वह “यीशु जैसा नहीं है l” उसके बताने पर मैंने ध्यान दिया जिसे वह अपना “आरामदायक, आत्मकेंद्रित” जीवन कहता था, और वह उसे किस प्रकार संतुष्ट नहीं कर पा रहा था l “किन्तु मेरी समस्या यह है, मैं अच्छा बनना चाहता हूँ, और चिंता करनेवाला भी, किन्तु बन नहीं पा रहा है l ऐसा महसूस होता है कि जो मैं करना चाहता हूँ, मैं कर नहीं पाता हूँ, और जो मैं नहीं करना चाहता हूँ, मैं करता रहता हूँ l”

उसने पूर्ण ईमानदारी के साथ मुझसे पूछा, “आपका रहस्य क्या है?” मैंने उत्तर दिया, “मेरा रहस्य है कि कोई रहस्य नहीं है l मैं तुम्हारी तरह परमेश्वर के मानक के अनुकूल जीने में सामर्थ्यहीन हूँ, इसलिए हमें यीशु की ज़रूरत है l”

मैंने बाइबल से “उसका” कथन दिखाया जैसे पौलुस ने रोमियों 7:15 में प्रगट किया है l पौलुस के निराशा के शब्द प्रायः जो मसीही थे और हैं की समझ में आती है जो खुद को परमेश्वर के लायक होने के लिए पर्याप्त होने का प्रयास करते हुए पाते हैं किन्तु कम पड़ते हैं l शायद आप भी समझते हैं l यदि हां, तो पौलुस की घोषणा कि मसीह हमारे उद्धार का कर्ता और उसके परिणामस्वरूप परिवर्तन है (7:25-8:2) आपको अवश्य ही रोमांचित करे l यीशु ने हमें खुद से घबराने वाली बातों से छुड़ाने के लिए पहले ही काम पूरा कर दिया है!

परमेश्वर और हमारे बीच की दीवार, पाप की दीवार, हमारे द्वारा किये गए किसी काम के विना हटा दी गयी है l उद्धार –और हमारे विकास की प्रक्रिया में पवित्र आत्मा द्वारा लाया गया परिवर्तन – यही वह है जो परमेश्वर सब के लिए चाहता है l वह हमारी आत्माओं के द्वार पर दस्तक देता है l उसके लिए दरवाजा खोलें l यह कोई रहस्य नहीं है कि वह उत्तर नहीं है!

मुक्तिदाता की अपेक्षा करें

मैकेनिक हमारी कार जो स्टार्ट नहीं हो रही थी, के समाधान के लिए बहुत युवा दिखाई दिया l मेरे पति, डैन, ने शक प्रगट करते हुए फुसफुसाया, “वह तो बच्चा है
l” उस युवा में उसका अविश्वास नासरत के कुड़कुड़ाहट की तरह महसूस हो रहा था जहाँ नगरवासियों ने शक किया कि यीशु कौन है l

यीशु द्वारा आराधनालय में शिक्षा देते वक्त उन्होंने पूछा, “क्या यह बढ़ई का बेटा नहीं?” (मत्ती 13:55) l वे उपहास करते हुए, सुनकर आश्चर्यचकित हुए कि जिसे वे जानते थे वह चंगाई और शिक्षा देता था l उन्होंने पूछा, “इसको यह ज्ञान और सामर्थ्य के काम कहाँ से मिले? (पद.54) l यीशु में भरोसा करने के बजाय, वे उस अधिकार से नाराज थे जो उसने प्रदर्शित किया (पद.15,58) l

इस प्रकार, हम भी विशेषकर अपने दैनिक जीवनों के परिचित और साधारण विवरणों में अपने उद्धारकर्ता की बुद्धि और सामर्थ्य में विश्वास करने में संघर्ष कर सकते हैं l उसकी सहायता की उम्मीद करने में नाकाम रहने के बाद, हम उसके जीवन रूपांतरण करने के आश्चर्य से चूक जा सकते हैं जो हमारे जीवन को बदल सकता है (पद.58) l

जैसे डैन, मेरा पति चाहता था, उसका मदद उसके सामने थी l अंततः उस युवा की सहायता स्वीकार करने के बाद, मेरे पति ने उसे हमारी पुरानी कार की बैटरी देखने दिया l केवल एक बोल्ट बदलने के बाद, मैकेनिक ने कार को कुछ ही क्षणों में स्टार्ट कर दिया- इंजन चालु हो गया और बत्तियां जलने लगीं l “वह तो क्रिसमस की तरह चमक उठा,” डैन बोला l

इसी प्रकार हम भी उम्मीद और अनुभव करते हैं कि मुक्तिदाता ताज़ा प्रकाश, जीवन और हमारे दैनिक यात्रा में अपने साथ मदद लेकर आएगा l